IAS आलोक कुमार को पीलीभीत का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। जानें 2014 बैच के आईएएस अधिकारी आलोक कुमार का पूरा प्रशासनिक प्रोफाइल और नई जिम्मेदारी।

उत्तर प्रदेश में सोमवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। राज्य सरकार ने 34 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया है। इस फेरबदल में 14 जिलों के जिलाधिकारी भी बदले गए हैं। इसी तबादला सूची में संतकबीरनगर के जिलाधिकारी आलोक कुमार को पीलीभीत का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। वहीं पीलीभीत के मौजूदा जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को बलिया का डीएम बनाया गया है। आलोक कुमार अब पीलीभीत जिले की प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालेंगे। उनके सामने जिले में चल रहे विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के साथ जनशिकायतों के निस्तारण और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। आलोक कुमार इससे पहले संतकबीरनगर के जिलाधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
आलोक कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा के 2014 बैच के अधिकारी हैं और उत्तर प्रदेश कैडर से जुड़े हैं। उपलब्ध प्रोफाइल के अनुसार उनका जन्म 8 नवंबर 1971 को हुआ था। प्रशासनिक सेवा में रहते हुए उन्होंने अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनके प्रोफाइल में जिलाधिकारी और कलेक्टर के साथ-साथ प्रबंध निदेशक जैसे पदों पर काम करने का उल्लेख मिलता है।
आलोक कुमार ने अपने प्रशासनिक करियर में अलग-अलग स्तर पर काम किया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार अप्रैल 2026 से वह उत्तर प्रदेश सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में प्रमुख सचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अब उन्हें पीलीभीत का जिलाधिकारी बनाया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की वेबसाइट पर भी आलोक कुमार को प्रमुख सचिव के तौर पर सूचीबद्ध किया गया है।
पीलीभीत आने से पहले आलोक कुमार संतकबीरनगर के जिलाधिकारी थे। उनके कार्यकाल में आईजीआरएस के जरिए आने वाली जनशिकायतों और जिले के विकास कार्यों की समीक्षा पर जोर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार 20 सितंबर की समीक्षा बैठक में भी उन्होंने लंबित शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। अब पीलीभीत में उनकी नई जिम्मेदारी शुरू होगी। जिले में आम लोगों से जुड़ी शिकायतों के निस्तारण, विकास कार्यों की निगरानी और प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखना उनके काम का अहम हिस्सा होगा।
पीलीभीत में आलोक कुमार को ऐसे समय में नई जिम्मेदारी मिली है, जब जिले में विकास और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई काम लगातार प्रशासन के एजेंडे में रहे हैं। पीलीभीत टाइगर रिजर्व और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं, सड़कों और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने पर भी काम किया गया है।
पीलीभीत में गन्ना किसानों के बकाया भुगतान की निगरानी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य भी प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल रहे हैं। इसके अलावा संपूर्ण समाधान दिवस और आईजीआरएस के माध्यम से लोगों की शिकायतों के निस्तारण पर भी ध्यान दिया गया है। शिक्षा और महिला सशक्तिकरण से जुड़े अभियानों को आगे बढ़ाना भी जिला प्रशासन की जिम्मेदारियों में रहा है। ऐसे में नए जिलाधिकारी आलोक कुमार के सामने इन कामों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी होगी।
आलोक कुमार उत्तर प्रदेश कैडर के 2014 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने प्रशासन में जिलाधिकारी और कलेक्टर सहित कई जिम्मेदारियां संभाली हैं। उनका प्रशासनिक अनुभव अब पीलीभीत की नई जिम्मेदारी में काम आएगा। पीलीभीत के जिलाधिकारी के रूप में उनकी नियुक्ति उत्तर प्रदेश सरकार के बड़े प्रशासनिक फेरबदल का हिस्सा है। इस फेरबदल में पीलीभीत के साथ मुरादाबाद, हरदोई, एटा, कुशीनगर, कानपुर नगर, संतकबीरनगर, बलिया, अमेठी, बागपत, महोबा, बिजनौर, हाथरस और हमीरपुर समेत कुल 14 जिलों में नए डीएम तैनात किए गए हैं।
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