अमेठी में 13 विकासखंडों के 150 दिव्यांग बच्चों के लिए एक ऐसा आयोजन किया गया, जिसने उनके दिन को खास बना दिया। आखिर इस शैक्षिक भ्रमण में बच्चों ने क्या-क्या देखा और प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य क्या था? जानिए पूरी खबर।

अमेठी में 150 दिव्यांग बच्चों के लिए खास बना दिन, प्रकृति के बीच सीखा जिंदगी का नया पाठ
UP News : स्कूल की चारदीवारी से बाहर निकलकर प्रकृति के बीच पहुंचे दिव्यांग बच्चों के चेहरों पर अलग ही खुशी देखने को मिली। किसी ने रंग-बिरंगे पक्षियों को करीब से देखा तो किसी ने वन्य जीवों और झील के खूबसूरत नजारों का आनंद लिया। अमेठी में आयोजित इस शैक्षिक भ्रमण ने बच्चों को मनोरंजन के साथ सीखने और अपने आसपास की दुनिया को समझने का नया अवसर दिया।
राज्य परियोजना निदेशालय के निर्देश पर समेकित शिक्षा के तहत शुक्रवार को जिले के सभी 13 विकासखंडों से चयनित 150 दिव्यांग बच्चों को एचएएल कोरवा का शैक्षिक भ्रमण कराया गया। कलेक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संजय तिवारी भी मौजूद रहे।
एचएएल कोरवा पहुंचकर बच्चों ने प्राकृतिक वातावरण में अलग-अलग प्रजातियों के पक्षियों और वन्य जीवों को करीब से देखा। झील और आसपास के प्राकृतिक नजारों ने भी उनका ध्यान आकर्षित किया। बच्चों ने विशेष शिक्षकों से वन्य जीवों और प्रकृति से जुड़े कई सवाल पूछे। शिक्षकों ने उनकी समझ और भाषा के अनुसार सरल तरीके से जवाब देकर जानकारी दी।
जिला समन्वयक शशिकांत सेन के नेतृत्व में विशेष शिक्षकों और केयरटेकर की देखरेख में बच्चों को भ्रमण कराया गया। इस दौरान उनकी सुरक्षा, सुविधाओं और जरूरतों का विशेष ध्यान रखा गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक अनुभव देना, उनकी जिज्ञासा बढ़ाना और आत्मविश्वास विकसित करना था।
इस आयोजन के जरिए बच्चों को प्रकृति से जुड़ने और सामाजिक गतिविधियों में भाग लेने का अवसर मिला। पहल का उद्देश्य यह संदेश देना भी था कि उचित अवसर और प्रोत्साहन मिलने पर दिव्यांग बच्चे भी अपनी प्रतिभा और क्षमताओं के दम पर हर क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं। अमेठी में आयोजित यह भ्रमण समावेशी शिक्षा और बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक सकारात्मक पहल रहा।
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