अमेठी में जनगणना-2027 की तैयारियां तेज। 3650 प्रगणक और 615 पर्यवेक्षक तैनात होंगे। 16 नवंबर से स्वगणना और एक दिसंबर से घर-घर गणना की प्रक्रिया शुरू होगी। पढ़े पूरी खबर।

UP News:जनगणना-2027 को लेकर जिले में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जनगणना अभियान को व्यवस्थित तरीके से पूरा कराने के लिए जिले में 3650 प्रगणक और 615 पर्यवेक्षक तैनात किए जाएंगे। वहीं, 68 फील्ड ट्रेनर कार्मिकों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। मंगलवार को जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने गौरीगंज स्थित राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पहुंचकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्मिकों को जनगणना के आंकड़ों में सटीकता और पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। UP News
जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने कहा कि जनगणना के दौरान जुटाई जाने वाली जानकारी महत्वपूर्ण होती है। इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कार्मिकों को निर्देश दिया कि परिवारों से जानकारी जुटाने से लेकर उसे निर्धारित प्रारूप में दर्ज करने तक पूरी सावधानी बरती जाए, ताकि कोई जरूरी विवरण छूटने न पाए। UP News
जिले में तैनात किए गए 3650 प्रगणकों और 615 पर्यवेक्षकों को 68 फील्ड ट्रेनर प्रशिक्षण दे रहे हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रगणकों को घर-घर जाकर परिवारों से आवश्यक जानकारी जुटाने, निर्धारित प्रारूप में विवरण दर्ज करने और जनगणना के दिशा-निर्देशों का पालन करने की जानकारी दी जा रही है। वहीं, पर्यवेक्षकों को प्रगणकों के कार्यों की नियमित निगरानी, कार्य के दौरान आने वाली समस्याओं के समाधान और तय समयसीमा में गणना पूरी कराने की जिम्मेदारी समझाई जा रही है। UP News
जनगणना-2027 के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्वगणना की प्रक्रिया संचालित होगी। इस अवधि में नागरिक मोबाइल फोन के माध्यम से स्वयं और अपने परिवार की जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। स्वगणना की अवधि पूरी होने के बाद एक दिसंबर 2026 से चार जनवरी 2027 तक प्रगणक घर-घर जाकर जनसंख्या की गणना करेंगे और परिवारों से निर्धारित जानकारियां प्राप्त कर दर्ज करेंगे। UP News
डीएम ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसी तरह की कमी नहीं रहनी चाहिए। प्रत्येक प्रगणक और पर्यवेक्षक को अपनी जिम्मेदारियों और निर्धारित प्रक्रिया की पूरी जानकारी होनी चाहिए, ताकि जनगणना का काम सही तरीके से पूरा किया जा सके। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, आईटीआई के प्रधानाचार्य शिवाकांत द्विवेदी सहित संबंधित अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। UP News
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