अमेठी के संग्रामपुर में SIR के विरोध में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने बाइक रैली निकाली। जानिए मतदाता सूची विवाद और चुनाव आयोग से जुड़ा ताजा अपडेट।

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सियासी घमासान तेज होता जा रहा है। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के अमेठी के संग्रामपुर ब्लॉक में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने बाइक रैली निकालकर विरोध दर्ज कराया। रविवार को अमरपुर बाजार से शुरू हुई यह रैली कालिकन धाम तक पहुंची। रैली के जरिए कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर जारी विरोध के प्रति अपना समर्थन जताया। उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के संग्रामपुर में निकली इस बाइक रैली को कांग्रेस के व्यापक विरोध अभियान की स्थानीय कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। मतदाता सूची में नाम जोड़ने, नामों की कटौती और पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता जैसे मुद्दों को लेकर विपक्ष लगातार सवाल उठा रहा है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर चुनाव आयोग के खिलाफ राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के संग्रामपुर ब्लॉक में आयोजित बाइक रैली में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन से जुड़े नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। रैली अमरपुर बाजार से शुरू होकर कालिकन धाम तक पहुंची। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर अपनी राजनीतिक सक्रियता दिखाई और SIR को लेकर जारी विरोध को स्थानीय स्तर पर आवाज दी। कांग्रेस का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो। इसी मुद्दे को लेकर पार्टी देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कर रही है।

विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों की आपत्तियां लगातार सामने आ रही हैं। विपक्ष इस प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर सवाल उठा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर भी विपक्षी दलों ने विरोध तेज किया है। कांग्रेस इस मुद्दे को लोकतांत्रिक प्रक्रिया और मताधिकार की सुरक्षा से जोड़कर उठा रही है।
SIR को लेकर जारी विवाद के बीच 26 अक्टूबर 2026 को सामने आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग ने मतदाता सूची में विसंगतियों की पहचान के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले सॉफ्टवेयर के नाम और संस्करण की जानकारी देने से इनकार किया है। आयोग ने सूचना के अधिकार (RTI) के तहत मांगी गई जानकारी को व्यावसायिक गोपनीयता, व्यापार रहस्य और बौद्धिक संपदा अधिकार से जुड़ा बताते हुए इसे साझा करने से मना किया। इस घटनाक्रम ने SIR प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली तकनीक की पारदर्शिता को लेकर चल रही बहस को फिर चर्चा में ला दिया है। इससे पहले सितंबर में चुनाव आयोग ने SIR प्रक्रिया को लेकर अपने फैसलों का बचाव करते हुए कहा था कि संबंधित आदेश सभी तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से मंजूर किए गए थे। आयोग ने प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों के बीच सुनवाई की व्यवस्था को आसान बनाने और कुछ राज्यों में समयसीमा बढ़ाने जैसे कदमों की भी जानकारी दी थी।

SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली को लेकर उठे सवालों के बीच मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंच चुका है। अक्टूबर की शुरुआत में अदालत ने इस विवाद से संबंधित याचिका पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार से जवाब मांगा था। अदालत ने मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल निलंबित करने की अंतरिम मांग पर आदेश देने से इनकार किया था। इस कानूनी घटनाक्रम के बीच विपक्षी दल SIR की प्रक्रिया और चुनाव आयोग की जवाबदेही पर सवाल उठा रहे हैं। दूसरी ओर, आयोग अपने फैसलों और प्रक्रिया का बचाव कर रहा है। इस तरह मतदाता सूची का पुनरीक्षण प्रशासनिक प्रक्रिया के साथ-साथ राजनीतिक बहस का भी प्रमुख विषय बन गया है।
संग्रामपुर में अमरपुर बाजार से कालिकन धाम तक निकली बाइक रैली से कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि SIR का मुद्दा अब स्थानीय स्तर पर भी राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित कर रहा है। राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर जारी विवाद और तकनीकी पारदर्शिता पर उठे सवालों के बीच अमेठी का यह प्रदर्शन महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब देखना होगा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर जिले में आगे भी विरोध कार्यक्रम आयोजित करते हैं या नहीं। फिलहाल, मतदाता सूची के पुनरीक्षण को लेकर जारी राजनीतिक टकराव के बीच संग्रामपुर की बाइक रैली ने अमेठी में इस मुद्दे को चर्चा में ला दिया है।
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