अमेठी में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। आखिर रामदैपुर गांव में सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज सरकारी भूमि पर कथित कब्जे और आवासीय निर्माण के मामले में प्रशासन ने दो लेखपालों को निलंबित क्यों किया ?

UP News : उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण और आवासीय निर्माण के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कोतवाली क्षेत्र के रामदैपुर गांव में सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के मामले में प्रशासन ने दो लेखपालों को निलंबित कर दिया है। यह मामला इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में भी विचाराधीन है। सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान प्रशासन ने न्यायालय को अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी दी। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को होगी। UP News
रामदैपुर गांव में राजस्व अभिलेखों में सार्वजनिक उपयोग के लिए दर्ज भूमि पर कथित अतिक्रमण और आवासीय निर्माण को लेकर जनहित याचिका दाखिल की गई थी। मामले की सुनवाई के दौरान सरकारी भूमि पर हुए निर्माण और अतिक्रमण से संबंधित तस्वीरें भी न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत की गईं। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अमेठी प्रशासन से सरकारी भूमि की मौजूदा स्थिति और अतिक्रमण हटाने के लिए अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा था। न्यायालय ने जिलाधिकारी अमेठी को व्यक्तिगत शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश भी दिए थे। UP News
सोमवार को हुई सुनवाई में प्रशासन की ओर से न्यायालय को प्रकरण में की गई कार्रवाई से अवगत कराया गया। इसके बाद सामने आया कि मामले में राजस्व कर्मियों की भूमिका की भी जांच कराई गई थी। एसडीएम पीके मिश्र के अनुसार, रामदैपुर प्रकरण में राजस्व कर्मियों की भूमिका की जांच के दौरान प्रथमदृष्टया लापरवाही सामने आई। इसके आधार पर पूर्व लेखपाल विक्रम और वर्तमान लेखपाल कुलदीप शुक्ल को निलंबित किया गया है। UP News
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