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उत्तर प्रदेश की महिला विधायक के आवास पर हुआ बवाल इतना बड़ा है कि आसपास के लोग इसे जंगलराज करार दे रहे हैं। विधायक के घर पर दर्जनों गाडिय़ों में सवार होकर आए गुंडों ने लाठी, डंडों तथा घातक हथियारों से हमला किया।

UP News : उत्तर प्रदेश की महिला विधायक के घर पर हुए हमले ने जंगलराज की याद दिला दी है। उत्तर प्रदेश की महिला विधायक के आवास पर हुआ बवाल इतना बड़ा है कि आसपास के लोग इसे जंगलराज करार दे रहे हैं। विधायक के घर पर दर्जनों गाडिय़ों में सवार होकर आए गुंडों ने लाठी, डंडों तथा घातक हथियारों से हमला किया। हमलावर गुंडे घंटों तक आतंक मचाते रहे। खूब बवाल मचाने के बाद जब गुंडों को पता चला कि उत्तर प्रदेश पुलिस वहां पहुंचने वाली है तो गुंडे विधायक तथा उनके परिवार को जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पुलिस गुंडों की तलाश कर रही है। UP News
जंगलराज की याद दिलाने वाला यह पूरा मामला उत्तर प्रदेश के अमेठी का है। उत्तर प्रदेश के अमेठी में महिला विधायक महाराजी प्रजापति का आवास है। श्रीमती महाराजी प्रजापति उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की पत्नी हैं। मंगलवार की देर शाम विधायक महाराजी प्रजापति के आवास पर लाठी-डंडों से लैस होकर दो स्कॉर्पियो और कई अन्य गाडिय़ों पर सवार दो दर्जन से अधिक दबंगों ने हमला बोल दिया। हमलावरों ने घर में मौजूद लोगों पर हमला किया, गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए पुलिस के आने से पहले फरार हो गए। UP News
घटना की जानकारी मिलते ही विधायक महाराजी प्रजापति तथा पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति के छोटे बेटे अनुराग प्रजापति और बड़ी संख्या में समर्थक मौके पर पहुंच गए। अनुराग प्रजापति ने जय सिंह यादव, शेर बहादुर यादव, बृजेश यादव, बलराम यादव, अनुराग यादव, मनु पाल, विपिन यादव, राजेश यादव और शुभम यादव के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीडि़त बेटे ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है। अनुराग प्रजापति का आरोप है कि उनके घर पर हमला करने वाले सपा के नेता हैं। UP News
इस घटना के बाद से ही उत्तर प्रदेश की विधानसभा में महिला विधायक महाराजी प्रजापति के घर पर उनके समर्थकों का जमावड़ा लगा हुआ है। आक्रोश में तिलमिलाए हुए विधायक के समर्थक तुरन्त बदला लेने की बात कर रहे हैं। इस दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस ने इस मामले में पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि इस मामले के दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी। अधिकारियों ने साफ कहा है कि उत्तर प्रदेश में किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं है। पुलिस की जांच में पता चला है कि यह मामला सोशल मीडिया पर किए गए आपत्तिजनक कमेंट के साथ जुड़ा हुआ है। UP News
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