अमेठी में 84,595 राशन कार्डों का सत्यापन होगा। छह महीने से राशन नहीं लेने वाले, दो लाख से अधिक आय और चार पहिया वाहन रखने वाले परिवारों की पात्रता जांची जाएगी।

अमेठी में राशन कार्डों पर सबसे बड़ी जांच की तैयारी, 84,595 परिवार रडार पर
UP News : सरकारी राशन व्यवस्था में अब मनमानी और अपात्रता का खेल नहीं चलने वाला। जरूरतमंदों के हक का खाद्यान्न गलत हाथों में पहुंचने से रोकने के लिए पूर्ति विभाग ने बड़ा सत्यापन अभियान शुरू किया है। अमेठी तहसील क्षेत्र के 84,595 राशन कार्डों की पात्रता खंगाली जाएगी। भारत सरकार के निर्देश पर पोर्टल टार्गेटिंग 2.0 के तकनीकी डाटा के आधार पर कार्डधारकों की वास्तविक स्थिति का मिलान किया जा रहा है। जांच के लिए 24 मानक तय किए गए हैं। इनमें खरे नहीं उतरने वालों के राशन कार्ड निरस्त किए जा सकते हैं। साफ है कि अब राशन कार्ड की पात्रता केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि परिवार की आय, संपत्ति और आर्थिक स्थिति भी जांच के दायरे में होगी।
सत्यापन में उन कार्डधारकों की भी पड़ताल होगी, जिन्होंने लगातार छह महीने या उससे अधिक समय से सरकारी राशन नहीं लिया है। इसके साथ ही दो लाख रुपये से अधिक वार्षिक आय वाले परिवार, चार पहिया वाहन रखने वाले, शस्त्र लाइसेंसधारक, सरकारी कर्मचारी और पेंशन प्राप्त करने वाले लोगों की पात्रता भी जांची जाएगी। विभाग उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर यह पता लगाएगा कि सरकारी खाद्यान्न पाने वाले परिवार निर्धारित पात्रता की शर्तों को पूरा कर रहे हैं या नहीं। UP News
इस बार सत्यापन की प्रक्रिया में तकनीक की भी अहम भूमिका रहेगी। आधार से जुड़े विवरण और पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों का मिलान कर कार्डधारकों की जानकारी परखी जा रही है। इसका उद्देश्य ऐसे परिवारों की पहचान करना है, जो निर्धारित शर्तें पूरी नहीं करने के बावजूद योजना का लाभ ले रहे हैं। वहीं वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को राशन योजना से जोड़कर उनके हक की सुरक्षा करना भी अभियान का अहम हिस्सा है। UP News
अमेठी तहसील क्षेत्र के चार विकासखंडों में बड़ी संख्या में राशन कार्ड दर्ज हैं। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक अमेठी ब्लॉक में 23,560, भादर में 23,987, भेटुआ में 18,874 और संग्रामपुर में 16,357 राशन कार्ड हैं। इसके अलावा नगर पंचायत अमेठी में पात्र गृहस्थी और अंत्योदय श्रेणी के 1,815 राशन कार्ड दर्ज हैं। इन सभी कार्डों की पात्रता की जांच की जाएगी। UP News
जांच का दायरा केवल राशन कार्डधारकों तक सीमित नहीं रहेगा। सत्यापन और राशन वितरण में यदि किसी स्तर पर अनियमितता, लापरवाही या नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। सरकारी योजना में गड़बड़ी करने वालों और अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। अपात्र पाए जाने वालों के कार्ड निरस्त करने के साथ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। UP News
जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत ने बताया कि शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार जनपद में राशन कार्डों का सत्यापन कराया जा रहा है। निर्धारित मानकों के आधार पर अपात्र पाए जाने वालों के कार्ड निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। UP News
यह अभियान सरकारी राशन वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब जांच के परिणाम बताएंगे कि कितने कार्डधारक निर्धारित पात्रता पर खरे उतरते हैं और कितने कार्ड निरस्तीकरण की जद में आते हैं। सबसे अहम बात यह होगी कि कार्रवाई के दौरान वास्तविक गरीब और जरूरतमंद परिवारों का राशन सुरक्षित रहे तथा सरकारी खाद्यान्न के हक पर किसी अपात्र की हिस्सेदारी न रहे। UP News
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