सरकारी प्लॉट पर खेला गया बड़ा खेल! पूर्व IPS और पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 06:06 PM
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़ा खुलासा हुआ है। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर और उनकी पत्नी नूतन ठाकुर पर जालसाजी, धोखाधड़ी और पद के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे हैं। लखनऊ के तालकटोरा थाने में इस दंपती के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए यह केस तेजी से सुर्खियों में आ गया है। UP News
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता संजय शर्मा, जो आवास विकास कॉलोनी, तालकटोरा के निवासी हैं, ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि वर्ष 1999 में देवरिया जिले में एसपी के पद पर तैनाती के दौरान अमिताभ ठाकुर की पत्नी नूतन ठाकुर ने फर्जी नाम-पते के आधार पर एक कीमती औद्योगिक प्लॉट (प्लॉट संख्या B-2, देवरिया इंडस्ट्रियल एरिया) अपने नाम आवंटित कराया। नूतन ठाकुर ने आवेदन में खुद को नूतन देवी पत्नी अभिजात ठाकुर, निवासी सीतामढ़ी, बिहार दर्शाया। इस पहचान के तहत आवेदन पत्र, ट्रेजरी चालान, शपथ पत्र और ट्रांसफर डीड जैसे दस्तावेज भी तैयार किए गए जो अब फर्जी पाए गए हैं।
फर्जी नाम से प्लॉट लिया और असली नाम से बेचा
संजय शर्मा का दावा है कि बाद में नूतन ठाकुर ने वही प्लॉट अपने असली नाम से बेच दिया और इससे आर्थिक लाभ भी कमाया। यानी, फर्जी पहचान से जमीन हासिल कर फिर असली पहचान से बेचकर नाजायज़ मुनाफा कमाया गया। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उस समय अमिताभ ठाकुर एसपी जैसे उच्च पद पर थे, लेकिन उन्हें यह सब जानकारी होने के बावजूद न तो कोई कानूनी कार्रवाई की गई और न ही एफआईआर दर्ज कराई गई। यह मामला पद के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार की श्रेणी में आता है। UP News
शिकायत में आगे कहा गया है कि नूतन ठाकुर ने "नूतन इंडस्ट्रीज" नाम से एक फर्म का पंजीकरण सीतामढ़ी, बिहार में दिखाया और इससे न केवल राज्य सरकार, बल्कि शर्मा इंजीनियरिंग वर्क्स के प्रोपराइटर राम जनक को भी धोखे में रखा गया। शर्मा का कहना है कि इस पूरे फर्जीवाड़े में अन्य प्रभावशाली लोग भी शामिल हो सकते हैं इसलिए मामले की जांच CBI या SIT जैसी स्वतंत्र एजेंसियों से कराई जानी चाहिए।
क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी?
फिलहाल, तालकटोरा थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और तथ्यों की जांच शुरू कर दी गई है। दस्तावेजों की सत्यता और प्लॉट आवंटन की पूरी प्रक्रिया की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस घोटाले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। UP News