उत्तर प्रदेश के दादरी से शुरू हुई अनिल अंबानी की बर्बादी
Uttar Pradesh Samachar
उत्तर प्रदेश
चेतना मंच
02 Dec 2025 04:32 AM
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Uttar Pradesh Samachar: अनिल अंबानी का नाम चर्चा का विषय बना हुआ है। एक समय था जब अनिल अंबानी (Anil Ambani) का नाम भारत के टॉप के उद्योगपतियों में गिना जाता था। वर्तमान में स्थिति यह है कि अनिल अंबानी कंगाल हो चुका है। इतना ही नहीं भारत के प्रसिद्ध बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने अनिल अंबानी को फ्रॉड घोषित कर दिया है। दरअसल अनिल अंबानी के बर्बाद होने की बड़ी कहानी उत्तर प्रदेश के दादरी (Dadri) नगर से जुड़ी हुई है। विश्लेषकों का दावा है कि उत्तर प्रदेश के दादरी ने ही अनिल अंबानी को बर्बाद किया है।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री के आशीर्वाद से मिला था बड़ा काम
अनिल अंबानी की बर्बादी की कहानी उस समय शुरू हुई थी जब उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्व. मुलायम सिंह यादव ने अनिल अंबानी के ऊपर बड़ी मेहरबानी कर दी थी। उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने 11 फरवरी 2004 को अनिल अंबानी की कंपनी रिलायंस समूह को दादरी के पास ढ़ाई हजार एकड़ जमीन आवंटित की थी। इस बेशकीमती जमीन का आवंटन अनिल अंबानी के नाम बेहद सस्ती दरों पर किया गया था। अनिल अंबानी ने दावा किया था कि ढाई हजार एकड़ जमीन पर गैस से बिजली बनाने का कारखाना लगाया जाएगा। अनिल अंबानी का दावा था कि दादरी में कारखाने से 10 हजार मेगावाट बिजली का उत्पादन किया जाएगा। अनिल अंबानी की वह घोषणा बस घोषणा ही बनकर रह गई।
पूर्व प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुआ था अनिल अंबानी का भारी विरोध
अनिल अंबानी की कंपनी को ढ़ाई हजार एकड़ जमीन देने के बाद उत्तर प्रदेश में तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव ने कहा था कि, अनिल अंबानी के कारखाने से उत्तर प्रदेश को दो रुपए प्रति यूनिट की दर से सस्ती बिजली मिलेगी और उत्तर प्रदेश सन 2008 तक बिजली के मामले में आत्म निर्भर हो जाएगा। इस घोषणा के तुरंत बाद भारत के पूर्व प्रधानमंत्री वीपी सिंह के नेतृत्व में किसानों ने जबरन जमीन अधिग्रहण के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ दिया। इस आंदोलन की अगुवाई युवा नेता राजकुमार भाटी कर रहे थे।
किसानों ने मुलायम सिंह यादव पर अनिल अंबानी की कंपनी को जरूरत से ’यादा जमीन देने, पक्षपात और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। दूसरी ओर अनिल अंबानी के भाई मुकेश अंबानी की कंपनी ने रिलायंस एनर्जी को गोदावरी बेसिन से सस्ती गैस देने से भी मना कर दिया। इस तरह जमीन मिल जाने के बावजूद अनिल अंबानी का बिजली परियोजना मूर्त रूप नही ले सकी। मुलायम के चुनाव हारने और मायावती की सरकार बनाने से भी अनिल अंबानी को झटका लगा। आंदोलन के दौरान दादरी क्षेत्र के किसान इलाहाबाद हाईकोर्ट की शरण में चले गए। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में अनिल अंबानी को दी गई जमीन का आंवटन रद्द कर दिया। कोर्ट ने कहा है कि जमीन अधिग्रहण कानून की धारा चार के मुताबिक किसानों को अपनी आपत्ति दर्ज करने का मौका जरूर मिलना चाहिए था। अनिल अंबानी की कंपनी के लिए यह सबसे बड़ा झटका था। दादरी में यह झटका लगने के बाद अनिल अंबानी बर्बाद होते चले गए। वर्तमान में अनिल अंबानी बर्बाद हो चुके हैं।