शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा के निधन के बाद पूरा शिकारपुर क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में स्थित शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व राज्यमंत्री अनिल शर्मा के निधन के बाद पूरा शिकारपुर क्षेत्र शोक में डूबा हुआ है। बुधवार को दिल्ली के अस्पताल में 63 वर्षीय अनिल शर्मा के निधन की खबर जैसे ही क्षेत्र में पहुंची, उनके समर्थकों, भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर दौड़ गई। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे अनिल शर्मा के पार्थिव शरीर को बुधवार 2 सितंबर 2026 को बुलंदशहर स्थित उनके आवास पर ले जाया गया था। जहां अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। बृहस्पतिवार 3 सितंबर 2026 को बुलंदशहर जिले के शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र में दोपहर को उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में क्षेत्र के नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता, राजनेता तथा पत्रकार उत्तर प्रदेश की राजनीति में प्रदेश भर में काम करने वाले अनेक बड़े नेता, पूर्व केंद्रीय मंत्री, उत्तर प्रदेश में काम करने वाले अनेक विधायक भारी गमगीन तथा दुःख से भरे माहौल में मौजूद रहे। बृहस्पतिवार 3 सितंबर 2026 को दोपहर 12 बजे अनिल शर्मा के शव को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध विधायक तथा उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री अनिल शर्मा को उनके बड़े बेटे कुश शर्मा ने अंतिम विदाई देते हुए मुखाग्नि अपिर्त की। अनिल शर्मा के अंतिम संस्कार की अंतिम विधि होने से पहले उत्तर प्रदेश के पुलिस जवानों ने उन्हें पूरे प्रोटोकोल के साथ सलामी प्रदान की। यह पूरा अंतिम संस्कार का धार्मिक कार्य उत्तर प्रदेश के प्रसिद्ध विधायक तथा पूर्व केंद्रीय मंत्री अनिल शर्मा के बुलंदशहर जिले में स्थित सुरजावली गांव में हुआ। UP News
अनिल शर्मा के निधन की खबर के बाद शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के गांवों से लेकर बुलंदशहर तक उनके समर्थकों का उनके आवास पर पहुंचना शुरू हो गया। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी अपने लोकप्रिय नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे। आवास पर माहौल बेहद भावुक रहा। लंबे राजनीतिक जीवन के कारण अनिल शर्मा की क्षेत्र में मजबूत पकड़ रही और उनके निधन ने भाजपा संगठन के साथ-साथ उनके पुराने राजनीतिक समर्थकों को भी गहरे सदमे में डाल दिया है। उनके पार्थिव शरीर को कुछ समय बुलंदशहर स्थित आवास पर रखा गया। इसके बाद अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव सुरजावली ले जाया गया। सुरजावली वही गांव है जहां से अनिल शर्मा ने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत की थी। UP News
अनिल शर्मा का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह करीब 10 बजे उनके पैतृक गांव सुरजावली में किया गया। उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। अंतिम संस्कार में प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों, भाजपा के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं तथा समर्थकों के पहुंचने की संभावना है। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के मुताबिक अंतिम संस्कार में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक समेत कई मंत्री शामिल होंगे। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि अनिल शर्मा के निधन को भाजपा संगठन और प्रदेश सरकार में कितना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। UP News
अनिल शर्मा का राजनीतिक सफर ग्राम प्रधान से शुरू होकर विधानसभा और मंत्री पद तक पहुंचा। वे चार बार विधायक रहे। वर्ष 2002 में उन्होंने पहली बार खुर्जा विधानसभा सीट से बसपा के टिकट पर चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया। 2007 में भी उन्होंने खुर्जा से जीत दर्ज की। वर्ष 2012 में परिसीमन के बाद खुर्जा सीट आरक्षित होने पर उन्होंने शिकारपुर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद उन्होंने भाजपा का रुख किया। वर्ष 2017 में भाजपा के टिकट पर शिकारपुर से जीत हासिल कर वे विधानसभा पहुंचे। योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कार्यकाल में उन्हें वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री की जिम्मेदारी मिली। वर्ष 2022 में भी उन्होंने शिकारपुर सीट से भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की। UP News
अनिल शर्मा का राजनीतिक सफर बेहद जमीनी माना जाता रहा। वे अपने पैतृक गांव सुरजावली के निर्विरोध ग्राम प्रधान भी चुने गए थे। यहीं से उन्होंने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत की और धीरे-धीरे क्षेत्रीय राजनीति में अपनी पहचान बनाई। चार बार विधायक और प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री रहने के कारण शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र में उनकी राजनीतिक पहचान मजबूत थी। उनके निधन के बाद क्षेत्र में यह चर्चा भी तेज है कि भाजपा अब शिकारपुर में उनके राजनीतिक उत्तराधिकारी के रूप में किसे आगे करती है। UP News
अनिल शर्मा के निधन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शोक व्यक्त करते हुए इसे भाजपा और प्रदेश के लिए बड़ी क्षति बताया। मुख्यमंत्री ने उनके परिवार के प्रति संवेदना जताई और दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री द्वारा परिवार से संपर्क किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। इससे साफ है कि अनिल शर्मा के निधन को भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। UP News
गुरुवार को सुरजावली में होने वाला अंतिम संस्कार केवल एक जनप्रतिनिधि की अंतिम विदाई नहीं होगा, बल्कि यह अनिल शर्मा के करीब चार दशक लंबे सार्वजनिक जीवन का अंतिम पड़ाव भी होगा। उनकी अंतिम यात्रा में शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र के गांवों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचने की उम्मीद है। भाजपा कार्यकर्ताओं के अलावा वे लोग भी अंतिम दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, जिनका अनिल शर्मा से वर्षों पुराना राजनीतिक या व्यक्तिगत जुड़ाव रहा है। सुरजावली से लेकर शिकारपुर और बुलंदशहर तक इस समय एक ही चर्चा है कि अनिल शर्मा अब नहीं रहे। उनके जाने से शिकारपुर की राजनीति में एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है, जिसकी भरपाई भाजपा के लिए आने वाले समय में आसान नहीं होगी। UP News
26 वर्ष की उम्र में ग्राम प्रधान बनने से शुरू हुई अनिल शर्मा की राजनीतिक यात्रा चार बार विधायक बनने और उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालने तक पहुंची। अब इसी राजनीतिक सफर का अंत उनके पैतृक गांव सुरजावली में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार के रूप में होगा। शिकारपुर की सड़कों पर आज अंतिम यात्रा होगी और सुरजावली की मिट्टी अपने उस बेटे को अंतिम विदाई देगी, जिसने गांव की राजनीति से निकलकर प्रदेश की राजनीति में अपनी पहचान बनाई। UP News
उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री तथा बुलंदशहर जिले के प्रसिद्ध विधायक अनिल शर्मा के अंतिम संस्कार में पहुंचने वालों में उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री, भाजपा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नवाब सिंह नागर, उत्तर प्रदेश के विधायक अरुण सक्सेना, श्रीमती लक्ष्मी राज सिंह, राम प्रताप सिंह चौहान, बुलंदशहर जिले के जिलाधिकारी (DM) कुमार हर्ष, बुलंदशहर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) दिनेश कुमार सिंह, बुलंदशहर जिले कीे सीडीओ सुश्री निशा ग्रेवाल, विधायक संजय शर्मा सहित बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश के राजनेता, उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारी, उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री तथा उत्तर प्रदेश विधानसभा के विधायक पहुंचे। UP News
विज्ञापन