हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में सोनीपत निवासी राहुल उर्फ भोलू का नाम सामने आया है। पुलिस उसके कथित गैंग कनेक्शन और संपर्कों की जांच कर रही है।

उत्तर प्रदेश के शामली नगर में हुआ अंकित बालियान कांड पूरी तरह से सुलझने का नाम नहीं ले रहा है। अंकित बालियान कांड में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। उत्तर प्रदेश पुलिस तथा उत्तर प्रदेश की STF जैसे-जैसे इस मामले में अपनी जांच को आगे बढ़ा रही है वैसे ही वैसे इस मामले में नई-नई कडिय़ां जुड़ रही हैं। अब अंकित बालियान के मर्डर में नई एंट्री हो गई है। उत्तर प्रदेश में हुए अंकित बालियान के बहुचर्चित मर्डर में नई एंट्री राहुल उर्फ भोलू नाम के माफिया की हुई है
उत्तर प्रदेश के शामली में हुए अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस के सूत्रों ने नया दावा किया है। उत्तर प्रदेश पुलिस के सूत्रों ने बताया कि पुलिस तथा उत्तर प्रदेश STF की जांच में हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में अब सोनीपत निवासी राहुल उर्फ भोलू का नाम भी सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि राहुल उर्फ भोलू हत्या की साजिश में शामिल हो सकता है। जांच में यह भी सामने आया है कि राहुल का कथित तौर पर गोगी गिरोह से जुड़े भोलू से लगातार संपर्क रहा है। इस बीच राहुल के परिवार को कथित तौर पर परेशान किए जाने के आरोपों को लेकर सोनीपत के शाहपुर तुर्क गांव में महापंचायत आयोजित की गई। महापंचायत में आसपास के कई गांवों के ग्रामीण शामिल हुए। ग्रामीणों ने अंकित बालियान की हत्या पर गहरा दुख जताते हुए पुलिस से मामले की निष्पक्ष और गहन जांच करने तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। हालांकि, ग्रामीणों ने यह भी कहा कि यदि राहुल उर्फ भोलू अपराध में शामिल है तो पुलिस उसे गिरफ्तार करे और कानून के मुताबिक कार्रवाई करे, लेकिन उसके परिवार के निर्दोष सदस्यों को परेशान नहीं किया जाना चाहिए।
शाहपुर तुर्क में हुई महापंचायत में शाहपुर तुर्क के अलावा फाजिलपुर, गढ़ सहजानपुर, रेवली, रायपुर, जटवाड़ा और कुमासपुर समेत कई गांवों के ग्रामीण पहुंचे। पंचायत की अध्यक्षता अशोक खत्री ने की। अशोक खत्री ने कहा कि पंचायत किसी आरोपी का बचाव के लिए नहीं की जा रही है। यदि पुलिस की जांच में राहुल उर्फ भोलू की भूमिका सामने आती है तो उसे गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। लेकिन परिवार के ऐसे लोगों को परेशान करना उचित नहीं है, जिनका अपराध से कोई संबंध नहीं है। पंचायत में महिलाओं और बच्चों के साथ भी संवेदनशील व्यवहार करने की मांग की गई। ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस को जांच के दौरान कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करनी चाहिए और किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उत्तर प्रदेश के शामली में हुए हरियाणवी गायक अंकित बालियान हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, पुलिस को कथित साजिश से जुड़े नए नाम मिल रहे हैं। इसी क्रम में सोनीपत निवासी राहुल उर्फ भोलू का नाम भी जांच में सामने आया है। पुलिस को आशंका है कि राहुल उर्फ भोलू हत्या की साजिश में भूमिका निभा सकता है। जांच एजेंसियां उसके संपर्कों और गतिविधियों की पड़ताल कर रही हैं। बताया जा रहा है कि राहुल उर्फ भोलू का संपर्क गोगी गिरोह से है। पुलिस अब राहुल और करनाल जेल में बंद राकेश उर्फ पंपू से पूछताछ की तैयारी कर रही है। दोनों से पूछताछ के बाद अंकित बालियान हत्याकांड की कथित साजिश, शूटरों और अन्य संभावित आरोपियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
जांच के दौरान राहुल का नाम इससे पहले एक अन्य हत्या के मामले में भी सामने आ चुका है। फरवरी 2025 में नेशनल हाईवे-44 स्थित बीर ढाबे पर दीपक उर्फ भांजा की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने राहुल को कथित तौर पर मुख्य शूटर और राकेश उर्फ पंपू को साजिशकर्ता बताया था। पुलिस के अनुसार, दीपक उर्फ भांजा की हत्या के मामले में राहुल और राकेश को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले वर्ष 2014 में सोनीपत के शाहपुर गांव निवासी विनोद उर्फ घोला की हत्या का मामला भी सामने आया था। विनोद को राकेश उर्फ पंपू का जीजा बताया जाता है।
हरियाणवी गायक अंकित बालियान की हत्या के बाद इस मामले में लगातार नए तथ्य सामने आ रहे हैं। हत्या की जिम्मेदारी लेने के दावे के बाद पुलिस ने कथित गैंग कनेक्शन और हत्या की साजिश से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच तेज कर दी है। अब राहुल उर्फ भोलू का नाम सामने आने के बाद जांच का दायरा और बढ़ गया है। पुलिस उसके संपर्कों, पुराने आपराधिक मामलों और जेल में बंद राकेश उर्फ पंपू समेत अन्य संदिग्धों से उसके संबंधों की जांच कर रही है। फिलहाल राहुल की अंकित बालियान हत्याकांड में भूमिका पुलिस जांच का विषय है। उसकी भूमिका और अपराध में संलिप्तता के संबंध में अंतिम स्थिति पुलिस की जांच और कानूनी कार्रवाई के बाद ही स्पष्ट होगी।
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