उत्तर प्रदेश के शामली में हुए अंकित बलियान हत्याकांड में बड़ा अपडेट सामने आया है। चर्चित हरियाणवी सिंगर अंकित बलियान हत्याकांड में फरार दोनों शूटरों सत्यम और आर्यन पर एक-एक लाख रूपए का इनाम रखा है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने दोनों शूटर्स को जिंदा या मुर्दा पकड़ने का ऐलान किया है।

UP News : उत्तर प्रदेश के अंकित बालियान हत्याकांड में हर समय नया डवलपमेंट (Development )हो रहा है। नया डवलपमेंट (Development) यह है कि अंकित बालियान के हत्याकांड में शामिल रह चुके दो फरार शूटर्स के ऊपर उत्तर प्रदेश पुलिस ने ईनाम घोषित किया है। ईनाम घोषित करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस ने ऐलान किया है कि अंकित बालियान की हत्या करने वाले शूटर्स को जिंदा अथवा मुर्दा पकड़नेपर 1 - 1 लाख रूपए का ईनाम दिया जाएगा। इसका मतलब यह हुआ कि उत्तर प्रदेश पुलिस ने अंकित बालियान के फरार चल रहे शूटर्स को जिंदा अथवा मुर्दा पकड़ने पर कुल दो लाख रूपए का ईनाम घोषित किया है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बलियान हत्याकांड की जांच में पुलिस लगातार शिकंजा कस रही है। 26 अगस्त को जिम से बाहर निकलते समय अंकित बलियान की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस ने मामले में शामिल बताए जा रहे दो शूटरों मोहित और सुमित को मुठभेड़ में मार गिराया था। अब फरार चल रहे दो अन्य शातिर शूटरों सत्यम और आर्यन की तलाश तेज कर दी गई है। ताजा जानकारी के मुताबिक दोनों फरार शूटरों पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने इनाम बढ़ाकर एक-एक लाख रुपये कर दिया है। पुलिस दोनों शूटर्स की तलाश उत्तर प्रदेश के साथ-साथ दिल्ली और अन्य राज्यों में भी कर रही है। उनके विदेश भागने की आशंका को देखते हुए लुकआउट नोटिस जारी किए जाने की भी जानकारी सामने आ रही है। UP News
अंकित बलियान की 26 अगस्त को शामली के नालापटरी-आर्यपुरी क्षेत्र में जिम से बाहर निकलते ही गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में चार शूटरों की भूमिका सामने आने की बात कही गई है। इनमें से सुमित और मोहित को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया, जबकि सत्यम और आर्यन अभी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं। पुलिस अब फरार दोनों शूटरों के साथ ही हत्याकांड की पूरी साजिश और इसके पीछे मौजूद नेटवर्क तक पहुंचने में जुटी है। UP News
हत्याकांड की जांच में एक और महत्वपूर्ण कड़ी सामने आई है। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस को शक है कि हत्या से पहले अंकित की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए उसकी गाड़ी पर GPS डिवाइस लगाया गया था। पुलिस ने गाजियाबाद से GPS खरीदने वाले व्यक्ति तक पहुंचकर उसे हिरासत में लिया है और उससे पूछताछ की जा रही है। आसपास के CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। यदि यह कड़ी जांच में पुष्ट होती है तो इससे साफ हो सकता है कि हमलावरों ने अंकित की हत्या को अचानक अंजाम नहीं दिया था, बल्कि पहले उसकी गतिविधियों की निगरानी और रेकी की गई थी। UP News
इस पूरे मामले में गोगी गैंग का नाम लगातार सामने आ रहा है। सोशल मीडिया पर गोगी गैंग के नाम से एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें अंकित की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था। पोस्ट में अंकित पर गैंग के विरोधियों के संपर्क में होने तथा गैंग से जुड़ी घटना पर गाना बनाने जैसे आरोप लगाए गए थे। हालांकि सोशल मीडिया पर सामने आई पोस्ट की प्रामाणिकता और उसके पीछे मौजूद लोगों की भूमिका की जांच पुलिस कर रही है। पुलिस की जांच में जेल में बंद कुछ गैंगस्टरों और विदेश में मौजूद कथित गैंग नेटवर्क की भूमिका भी जांच के दायरे में है। ऐसे में अब जांच सिर्फ चार कथित शूटरों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि हत्या की साजिश किसने रची, आदेश किसने दिया और शूटरों को हथियार व लॉजिस्टिक मदद किसने उपलब्ध कराई, इन सवालों के जवाब तलाशे जा रहे हैं।
मामले में नाम सामने आए गैंगस्टर राकेश उर्फ पप्पू ने पुलिस कस्टडी को लेकर सुरक्षा संबंधी आशंका जताई है। रिपोर्ट के अनुसार वह फिलहाल करनाल जेल में बंद है और शामली पुलिस उसे पूछताछ के लिए अपनी कस्टडी में लेने की कोशिश कर रही है। आरोपी ने अपने वकील के माध्यम से पुलिस कस्टडी के दौरान हथकड़ी-बेड़ियां, वीडियोग्राफी और सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है। UP News
अंकित बलियान हत्याकांड में दो कथित शूटरों के एनकाउंटर के बाद भी पुलिस की चुनौती खत्म नहीं हुई है। सत्यम और आर्यन की गिरफ्तारी, हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश और कथित गैंग नेटवर्क तक पहुंचना अब जांच की सबसे बड़ी कड़ी है। पुलिस की कार्रवाई से यह भी संकेत मिल रहा है कि जांच एजेंसियां इस मामले में केवल वारदात को अंजाम देने वालों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि जेल अथवा विदेश से कथित तौर पर साजिश चलाने वालों तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। डीजीपी स्तर से भी ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई का संकेत दिया गया है। UP News
चेतना मंच की अपील : इस मामले में सोशल मीडिया पर सामने आ रहे दावों को अंतिम सत्य मानने के बजाय पुलिस जांच और आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जाना जरूरी है। फिलहाल फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और हत्याकांड की साजिश के पूरे नेटवर्क का खुलासा पुलिस जांच का केंद्र बना हुआ है।
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