Ankit Baliyan Murder: शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की हत्या से पश्चिमी यूपी में आक्रोश है। बालियान खाप और किसान नेताओं के बड़े आंदोलन की चर्चा तेज है। जानिए पूरा मामला।

उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी गायक एवं अभिनेता अंकित बालियान की दिनदहाड़े हुई हत्या ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। अंकित बालियान की हत्या को लेकर बालियान खाप में भी जबरदस्त नाराजगी बताई जा रही है। अंकित बालियान इसी खाप से जुड़े परिवार के युवक थे। अंतिम संस्कार के दौरान गांव में उमड़ी भीड़, परिजनों का आक्रोश और किसान नेताओं की मौजूदगी ने साफ संकेत दिए हैं कि यह मामला अब केवल एक हत्या तक सीमित नहीं रहने वाला है।
सूत्रों के अनुसार, अंकित बालियान हत्याकांड में न्याय और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बालियान खाप के स्तर पर बड़े आंदोलन की रणनीति पर विचार चल रहा है। यदि आंदोलन की घोषणा होती है तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों से खाप चौधरियों, किसानों और युवाओं के इसमें शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, इस समय तक किसी बड़े आंदोलन की अंतिम तारीख या कार्यक्रम की औपचारिक घोषणा सामने नहीं आई है लेकिन जिस तरह से इस हत्याकांड को लेकर पश्चिमी यूपी में आक्रोश बढ़ रहा है, उससे आने वाले दिनों में शामली-मुजफ्फरनगर क्षेत्र में बड़ी पंचायत या आंदोलन की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
अंकित बालियान का अंतिम संस्कार गुरुवार को उनके पैतृक गांव बनतीखेड़ा में गम और आक्रोश के माहौल में किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, युवा और आसपास के गांवों के लोग मौजूद रहे। अंकित को अंतिम विदाई देने वालों में भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत, पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान समेत कई प्रमुख जनप्रतिनिधि और किसान नेता शामिल रहे। अंतिम संस्कार के दौरान गांव में भारी पुलिस बल भी तैनात रहा। माहौल गमगीन होने के साथ-साथ बेहद आक्रोशपूर्ण था। ग्रामीणों और परिवार ने हत्यारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।
अंकित बालियान केवल एक लोकप्रिय हरियाणवी गायक और यूट्यूबर नहीं थे, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बालियान समाज से जुड़े युवा भी थे। यही कारण है कि उनकी हत्या ने खाप और आसपास के सामाजिक ताने-बाने में विशेष प्रतिक्रिया पैदा की है। बालियान खाप का पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक और सामाजिक प्रभाव रहा है। इस खाप का नाम किसान आंदोलनों और सामाजिक मुद्दों को लेकर लामबंदी के साथ भी जुड़ा रहा है। चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत इसी सामाजिक-किसान पृष्ठभूमि से निकलकर राष्ट्रीय स्तर के किसान नेता बने थे। ऐसे में यदि अंकित हत्याकांड को लेकर बालियान खाप पंचायत के स्तर पर कोई बड़ा फैसला लेती है तो इसका प्रभाव केवल शामली तक सीमित रहने की संभावना नहीं है।
अंकित बालियान हत्याकांड के बाद जिस पुराने आंदोलन का नाम चर्चा में आ रहा है, वह है करमूखेड़ी आंदोलन। वर्ष 1987 में शामली क्षेत्र के करमूखेड़ी बिजलीघर पर किसानों ने बिजली दरों और किसानों की समस्याओं को लेकर बड़ा आंदोलन किया था। इस आंदोलन का नेतृत्व चौधरी महेंद्र सिंह टिकैत ने किया था। आंदोलन के दौरान पुलिस और किसानों के बीच टकराव हुआ और दो किसानों की मौत भी हुई। यही आंदोलन आगे चलकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान शक्ति के बड़े प्रतीक के रूप में देखा गया। इसी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के कारण अब अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर किसी बड़े आंदोलन की चर्चा को पश्चिमी यूपी की राजनीति और सामाजिक समीकरणों में गंभीरता से देखा जा रहा है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि बालियान खाप द्वारा करमूखेड़ी आंदोलन के स्तर का आंदोलन करने की कोई औपचारिक घोषणा अभी सामने नहीं आई है। फिलहाल यह बात खाप और क्षेत्रीय स्तर पर चल रही चर्चाओं तथा आक्रोश के संदर्भ में सामने आ रही है।
अंकित के अंतिम संस्कार में नरेश टिकैत की मौजूदगी को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नरेश टिकैत बालियान खाप के प्रमुख चौधरियों में हैं और भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। अंकित के परिवार से मुलाकात और अंतिम संस्कार में उनकी मौजूदगी के बाद इस बात की चर्चा तेज हुई है कि हत्याकांड को लेकर किसान संगठनों और खाप स्तर पर आगे क्या रणनीति बनाई जाएगी। अंकित के परिवार की ओर से भी लगातार न्याय और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग की जा रही है। अंकित के बड़े भाई राजीव बालियान ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए पुराने पारिवारिक हत्याकांड में न्याय नहीं मिलने की बात भी कही है।
अंकित बालियान की हत्या 26 अगस्त की शाम शामली शहर में आर्यपुरी नाला पटरी के पास जिम से निकलने के बाद की गई थी। पुलिस के अनुसार, बाइक सवार हमलावरों ने उन्हें निशाना बनाया। विभिन्न रिपोर्टों में करीब 12 से 18 राउंड तक फायरिंग किए जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर आए थे और वारदात के बाद फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। मामले में अज्ञात चार हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हुई, जिसमें कथित तौर पर गोगी गैंग ने हत्या की जिम्मेदारी ली। पुलिस इस पोस्ट की वास्तविकता और हत्या से उसके संबंध की जांच कर रही है। पुलिस ने अभी तक इस दावे को अंतिम रूप से सत्यापित नहीं किया है। वायरल दावे में अंकित के एक गाने और कथित गैंग विवाद को हत्या से जोड़ने की कोशिश की गई है। जांच एजेंसियां इस एंगल के साथ-साथ पुरानी रंजिश और अन्य संभावित कारणों की भी जांच कर रही हैं। इसके अलावा सिंगर-एक्टर भूपेंद्र ढींगरा से जुड़ा एक वीडियो भी सामने आया है जिसे लेकर हत्या की साजिश के संबंध में कई दावे किए जा रहे हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
अंकित हत्याकांड की जांच अब शामली के साथ हरियाणा से जुड़े संभावित ठिकानों तक भी पहुंच गई है। रिपोर्टों के अनुसार संदिग्ध आरोपियों की लोकेशन हरियाणा में मिलने के बाद शामली पुलिस की SWAT टीम ने वहां डेरा डाला है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करना है। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और सोशल मीडिया गतिविधियों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
अंकित की मां ने बेटे की हत्या के बाद न्याय की मांग की है। परिवार का कहना है कि अंकित ने किसी का क्या बिगाड़ा था यह समझ से परे है। वहीं उनके बड़े भाई राजीव ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अंकित के अंतिम संस्कार में उमड़ी भीड़ ने भी इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर पैदा हुए आक्रोश को सामने ला दिया है।
अंकित बालियान की हत्या ने एक बार फिर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था और अपराधी गिरोहों की सक्रियता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक लोकप्रिय युवा कलाकार की जिम के बाहर हत्या, कई राउंड फायरिंग, हमलावरों का खुलेआम भाग निकलना और उसके बाद सोशल मीडिया पर सामने आए कथित गैंग पोस्ट ने मामले को बेहद गंभीर बना दिया है। अब निगाहें पुलिस की जांच और बालियान खाप की अगली रणनीति पर टिकी हैं। यदि पुलिस जल्द हत्यारों तक पहुंचती है तो क्षेत्र में बढ़ते आक्रोश को शांत करने में मदद मिल सकती है। लेकिन यदि गिरफ्तारी में देरी होती है तो यह मामला खाप पंचायत, किसान संगठनों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश की सामाजिक राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर आने वाले दिनों में बालियान खाप और किसान नेताओं की बैठक या पंचायत होती है तो उसमें हत्यारों की तत्काल गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और परिवार को न्याय दिलाने की मांग प्रमुख रह सकती है। पश्चिमी यूपी की राजनीति और किसान आंदोलन के इतिहास को देखते हुए ऐसी किसी पंचायत पर पूरे प्रदेश की नजर रहेगी। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है क्या अंकित बालियान हत्याकांड पश्चिमी उत्तर प्रदेश में एक नए बड़े आंदोलन की वजह बनेगा? इसका जवाब आने वाले दिनों में बालियान खाप और किसान नेताओं की अगली बैठक के बाद सामने आ सकता है।
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