पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने इस मामले में मानवाधिकार के पहलू को उठाते हुए मुठभेड़ की पूरी जांच किए जाने की मांग की है। उनके रुख के बाद मानवाधिकार से जुड़े लोगों की सक्रियता भी बढ़ गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश के चर्चित हरियाणवी गायक एवं यूट्यूबर अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो संदिग्ध शूटरों के मारे जाने के बाद अब एनकाउंटर को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने इस मामले में मानवाधिकार के पहलू को उठाते हुए मुठभेड़ की पूरी जांच किए जाने की मांग की है। उनके रुख के बाद मानवाधिकार से जुड़े लोगों की सक्रियता भी बढ़ गई है। अंकित बालियान की 26 अगस्त को शामली में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। पुलिस जांच में सामने आया कि वारदात को अंजाम देने में कई शूटर शामिल थे। इसके बाद पुलिस और एसटीएफ ने आरोपियों की तलाश तेज कर दी थी। सोमवार को पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में हत्याकांड से जुड़े दो प्रमुख संदिग्ध शूटर मारे गए। पुलिस के मुताबिक, मुठभेड़ के दौरान आरोपियों की ओर से गोलीबारी की गई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई हुई। इस कार्रवाई में पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। UP News
दोनों संदिग्धों के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर ने इस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। उनके सोशल मीडिया पोस्ट के बाद यह मामला मानवाधिकार के नजरिए से भी चर्चा में आ गया है। ठाकुर का कहना है कि ऐसी पुलिस कार्रवाई की परिस्थितियों और उसके पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मानवाधिकार से जुड़े लोगों का तर्क है कि अपराध कितना भी गंभीर क्यों न हो, पुलिस कार्रवाई में कानून और निर्धारित प्रक्रिया का पालन होना आवश्यक है। इसलिए एनकाउंटर की परिस्थितियों, पुलिस की कार्रवाई, घटनास्थल के साक्ष्यों और उपलब्ध अन्य तथ्यों की स्वतंत्र जांच से स्थिति स्पष्ट हो सकती है। UP News
अंकित बालियान की हत्या के बाद से ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश में इस मामले को लेकर आक्रोश था। परिवार ने हत्यारों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। रिपोर्टों के मुताबिक पुलिस को यह भी पता चला कि संदिग्ध शूटर वारदात से पहले घटनास्थल के आसपास मौजूद थे। पुलिस के अनुसार हत्याकांड सुनियोजित था और आरोपियों ने अंकित बालियान की गतिविधियों पर नजर रखी थी। जांच में हथियारों की व्यवस्था और वारदात के बाद फरार होने की योजना जैसे पहलुओं की भी जानकारी सामने आई है। UP News
अंकित बालियान हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई को लेकर अब दो अलग-अलग पक्ष सामने दिखाई दे रहे हैं। एक तरफ पुलिस का दावा है कि हत्याकांड में शामिल संदिग्धों ने पुलिस टीम पर गोली चलाई, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में वे मारे गए। दूसरी तरफ पूर्व आईपीएस अधिकारी और मानवाधिकार से जुड़े लोग इस कार्रवाई की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
ऐसे में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच से यह स्पष्ट हो सकता है कि मुठभेड़ किन परिस्थितियों में हुई और पुलिस कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप थी या नहीं। UP News
अंकित बालियान हत्याकांड और उसके बाद हुए एनकाउंटर पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने भी एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई है और मानवाधिकारों के संरक्षण का मुद्दा उठाया है। अब निगाह इस बात पर है कि एनकाउंटर को लेकर उठ रहे सवालों पर पुलिस और प्रशासन की ओर से क्या आधिकारिक जवाब सामने आता है तथा जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है। UP News
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