अंकित बालियान हत्याकांड में गोगी गैंग का नाम सामने आने के बाद अमेरिका-कनाडा तक फैले कथित नेटवर्क की जांच तेज है। जानिए जितेंद्र उर्फ गोगी, रोहिणी कोर्ट हत्याकांड और शामली मर्डर का पूरा कनेक्शन।

UP News : उत्तर प्रदेश के अंकित बालियान हत्याकांड से चर्चा में आए गोगी गैंग की खूब चर्चा हो रही है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी गायक एवं यूट्यूबर अंकित बालियान की हत्या ने एक बार फिर उत्तर भारत में सक्रिय गैंगस्टर नेटवर्क की ओर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का ध्यान खींच दिया है। 26 अगस्त को शामली में जिम से बाहर निकलते समय अंकित बालियान की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, कथित तौर पर गोगी गैंग का नाम सामने आया। पुलिस जांच में हत्या को पूर्व नियोजित साजिश से जोड़कर देखा जा रहा है। मामले में पुलिस ने दो कथित मुख्य शूटरों को मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है। वहीं जांच का दायरा अब उन लोगों तक पहुंच रहा है, जिन पर विदेश में बैठकर हमले की योजना और शूटरों को निर्देश देने का संदेह है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार पुलिस कनाडा और अमेरिका में मौजूद बताए जा रहे मोंटी तथा चिराग की भूमिका की जांच कर रही है और इनके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू किए जाने की बात सामने आई है। UP News
गोगी गैंग का नाम दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के अपराध जगत में लंबे समय से चर्चा में रहा है। इस गैंग का नाम इसके कुख्यात सरगना जितेंद्र मान उर्फ गोगी से जुड़ा है। गोगी दिल्ली के अलीपुर क्षेत्र का रहने वाला था और उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, डकैती तथा अन्य गंभीर अपराधों के मामले दर्ज रहे थे। विभिन्न रिपोर्टों में उसे दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात गैंगस्टरों में गिना गया। गोगी का आपराधिक नेटवर्क केवल स्थानीय स्तर तक सीमित नहीं रहा। समय के साथ उसका नाम दिल्ली-हरियाणा के अलावा दूसरे राज्यों और विदेशों में मौजूद अपराधियों से जुड़े नेटवर्क के संदर्भ में भी सामने आता रहा। यही वजह है कि अंकित बालियान हत्याकांड में गोगी गैंग का नाम सामने आने के बाद जांच एजेंसियां केवल स्थानीय शूटरों तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि कथित हैंडलरों और विदेश में मौजूद नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही हैं। UP News
गोगी की कहानी का सबसे सनसनीखेज अध्याय 24 सितंबर 2021 को सामने आया था। दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में पेशी के दौरान दो हमलावर वकीलों के भेष में अदालत परिसर में पहुंचे और उन्होंने गोगी पर गोलियां चला दीं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावर भी मारे गए। इस गोलीकांड में गोगी समेत तीन लोगों की मौत हुई थी। गोगी की हत्या को उसके और प्रतिद्वंद्वी टिल्लू ताजपुरिया गैंग के बीच लंबे समय से चली आ रही गैंगवार से जोड़कर देखा गया। दोनों गैंगों के बीच संघर्ष ने दिल्ली-एनसीआर के अपराध जगत में कई वर्षों तक हिंसा को बढ़ावा दिया। लेकिन गोगी की मौत के साथ उसका नेटवर्क खत्म नहीं हुआ। यही सबसे महत्वपूर्ण पहलू है। UP News
गोगी की मौत के बाद उसके नाम से जुड़ा आपराधिक नेटवर्क अलग-अलग लोगों और कथित सहयोगियों के माध्यम से सक्रिय रहने की बात सामने आती रही है। दिल्ली पुलिस से संबंधित पूर्व रिपोर्टों में गोगी गैंग के सहयोगियों और उसके व्यापक गठजोड़ का उल्लेख मिलता है। कुछ अपराधियों के विदेशों में होने की भी रिपोर्टें सामने आई हैं। यही कारण है कि अब अंकित बालियान हत्याकांड में जांच का एक बड़ा सवाल यह है कि क्या गोगी गैंग का पुराना नेटवर्क नए चेहरों और विदेशों में बैठे कथित हैंडलरों के जरिए दोबारा सक्रिय है? इस सवाल का अंतिम जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा। UP News
अंकित बालियान की 26 अगस्त को शामली में जिम के बाहर गोली मारकर हत्या की गई थी। हमलावरों ने उस पर कई राउंड फायर किए। घटना के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई जिसमें कथित तौर पर गोगी गैंग की ओर से हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया। पुलिस ने इस सोशल मीडिया दावे की जांच शुरू की। जांच में पुलिस ने हत्या को एक योजनाबद्ध कार्रवाई माना। रिपोर्टों के अनुसार हमलावरों ने अंकित की गतिविधियों और घटनास्थल की रेकी की थी तथा हथियारों और भागने की व्यवस्था से लेकर हमले तक की तैयारी की गई थी। पुलिस की जांच में यह एंगल भी सामने आया कि अंकित के एक गीत को लेकर गैंग से जुड़े लोगों में नाराजगी थी। पुलिस के मुताबिक गैंग के सदस्यों को लगा कि गीत में उनके मारे जा चुके सरगना जितेंद्र गोगी का मजाक उड़ाया गया है। हालांकि हत्या के पूरे मकसद और प्रत्येक आरोपी की भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी। UP News
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में सबसे चौंकाने वाली बात कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए डिजिटल नेटवर्क को लेकर सामने आई है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार पुलिस का मानना है कि शूटरों और कथित विदेश स्थित हैंडलरों के बीच संपर्क के लिए कई Snapchat IDs का इस्तेमाल किया गया। कथित तौर पर अलग-अलग बातचीत के लिए अलग आईडी इस्तेमाल की जाती थीं और बातचीत के बाद उन्हें निष्क्रिय कर दिया जाता था। रिपोर्टों के मुताबिक घटनास्थल की रेकी, रास्ते की जानकारी और तस्वीरें कथित तौर पर विदेश में मौजूद मोंटी मान तक भेजे जाने की बात सामने आई है। वहीं चिराग पर नेटवर्क के समन्वय की भूमिका होने का संदेह बताया गया है। पुलिस अभी इन आरोपों और विदेश में मौजूद संदिग्धों की वास्तविक भूमिका की जांच कर रही है। UP News
ताजा रिपोर्टों में दावा किया गया है कि जांच एजेंसियों ने गोगी गैंग से जुड़े करीब 100 सक्रिय ऑपरेटरों की पहचान करने की दिशा में काम शुरू किया है और कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है। यदि यह नेटवर्क जांच में पुष्ट होता है तो अंकित बालियान हत्याकांड केवल एक स्थानीय शूटिंग का मामला नहीं रहेगा, बल्कि अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फैले कथित आपराधिक नेटवर्क की जांच का मामला बन सकता है। UP News
अंकित बालियान केस में सबसे महत्वपूर्ण नया पहलू विदेश कनेक्शन है। पुलिस के अनुसार, कनाडा और अमेरिका में मौजूद बताए जा रहे मोंटी तथा चिराग की भूमिका की जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि विदेश में मौजूद संदिग्धों से पूछताछ होने पर हत्या की साजिश, आर्थिक नेटवर्क, हथियारों की व्यवस्था और स्थानीय शूटरों तक निर्देश पहुंचने की पूरी तस्वीर सामने आ सकती है। हालांकि सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्टों में गोगी गैंग के नेटवर्क को पाकिस्तान सहित कई देशों तक फैला हुआ बताया जाता रहा है, लेकिन अंकित बालियान हत्याकांड के संदर्भ में पाकिस्तान कनेक्शन की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि फिलहाल स्पष्ट रूप से सामने नहीं आई है। इसलिए इस पहलू को जांच का विषय मानना अधिक उचित होगा। UP News
गोगी की मौत को पांच वर्ष हो चुके हैं, लेकिन उसका नाम आज भी उत्तर भारत के गैंगस्टर नेटवर्क की चर्चाओं में आता है। इसकी वजह केवल उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं बल्कि उसके नाम से जुड़े कथित नेटवर्क और उसके सहयोगियों का अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय रहना बताया जाता है। यही कारण है कि अंकित बालियान हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि क्या बड़े गैंगस्टरों के मारे जाने के बाद भी उनका नेटवर्क छोटे-छोटे मॉड्यूल में बंटकर काम करता रहता है? यदि जांच में विदेश बैठे कथित हैंडलरों की भूमिका साबित होती है तो यह उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता होगी, क्योंकि इससे केवल अंकित बालियान हत्याकांड का खुलासा नहीं होगा, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सक्रिय अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क की कई कड़ियां भी सामने आ सकती हैं। UP News
अंकित बालियान हत्याकांड में दो कथित मुख्य शूटरों को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराए जाने के बाद भी जांच खत्म नहीं हुई है। पुलिस अब कथित साजिश के पीछे मौजूद लोगों, हथियार उपलब्ध कराने वालों, रेकी करने वालों, डिजिटल संचार कराने वालों और विदेश में बैठे संभावित हैंडलरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। यानी शामली में चली गोलियों की जांच अब दिल्ली से आगे बढ़कर हरियाणा और विदेश तक पहुंचती दिखाई दे रही है। UP News
इन सवालों के जवाब पुलिस जांच और विदेशों में मौजूद संदिग्धों से पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे। UP News
अंकित बालियान हत्याकांड ने गोगी गैंग को एक बार फिर उत्तर प्रदेश की अपराध जांच के केंद्र में ला दिया है। जितेंद्र उर्फ गोगी की 2021 में रोहिणी कोर्ट में हत्या हो गई थी, लेकिन उसके नाम से जुड़ा नेटवर्क और उसके कथित सहयोगियों की गतिविधियां अब भी जांच एजेंसियों के लिए चुनौती बनी हुई हैं। शामली हत्याकांड में दो कथित शूटरों के मारे जाने के बाद जांच अब कथित मास्टरमाइंड और विदेश में मौजूद संदिग्ध हैंडलरों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। कनाडा-अमेरिका कनेक्शन और डिजिटल माध्यम से कथित निर्देश दिए जाने की बात इस मामले को और गंभीर बना रही है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है क्या गोगी मर चुका है, लेकिन उसका गैंग अब भी जिंदा है? अंकित बालियान हत्याकांड की आगे की जांच इस सवाल का जवाब दे सकती है। UP News
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