UP News: उत्तर प्रदेश के शामली में चर्चित हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तनाव और आक्रोश का माहौल है।

उत्तर प्रदेश के बेहद होनहार युवक की हत्या के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में भारी आक्रोश है। खासतौर में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में इस हत्याकांड के कारण सनसनी फैली हुई है। इस मामले में मिली ताजा अपडेट में बताया गया है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसानों, जाट समाज के बुजुर्गों तथा किसान संगठनों ने उत्तर प्रदेश सरकार को 24 घंटे की अल्टीमेटम दिया है। इस अल्टीमेटम में कहा गया है कि यदि 24 घंटे में युवक के हत्यारों को नहीं पकड़ा गया तो बहुत बड़ा जनआंदोलन शुरू कर दिया जाएगा।
आपको बता दें कि, उत्तर प्रदेश के शामली में चर्चित हरियाणवी सिंगर और यूट्यूबर अंकित बालियान की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या के बाद पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तनाव और आक्रोश का माहौल है। 26 अगस्त की शाम जिम से बाहर निकलते ही अंकित पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गंभीर रूप से घायल अंकित को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार और स्थानीय लोगों ने शव रखकर सड़क जाम कर दी। देर रात उत्तर प्रदेश पुलिस के बड़े अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद अंकित बालियान के परिजनों तथा ग्रामीणों ने 24 घंटे की चेतावनी देते हुए अंकित बालियान के शव का अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई। यह समाचार लिखे जाने तक अंकित बालियान के शव का पोस्टमार्टम चल रहा था। पोस्टमार्टम के बाद अंकित बालियान के मूल गांव शामली जिले के बंतीखेड़ा गांव में अंकित बालियान का अंतिम संस्कार विधि विधान के साथ किया जाएगा।
इस हत्याकांड के मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आय़ा है। गुरूवार (27 अगस्त 2026) को सुबह इस मामले में एक और सनसनीखेज मोड़ सामने आया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई है, जिसमें ‘गोगी गैंग’ से जुड़े होने का दावा करने वाले व्यक्ति ने अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया है। पोस्ट में अंकित पर विरोधी गुट का समर्थन करने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, सोशल मीडिया पोस्ट की प्रामाणिकता और उसमें किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। पुलिस जांच में यह महत्वपूर्ण तथ्य हो सकता है, लेकिन इसे फिलहाल आधिकारिक तौर पर हत्या का कारण या गैंग की संलिप्तता नहीं माना जा सकता। इस बीच तमाम किसान नेता जाट समाज के बुजुर्ग तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश के ग्रामीण प्रसिद्ध हरियाणवी गायक अंकित बालियान के पैतृक गांव उत्तर प्रदेश के बंतीखेड़ा में एकत्र होना शुरू हो गए हैं। इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार में लखनऊ से मुजफ्फरनगर तथा शामली तक बड़ी हलचल देखने में आ रही है।
पुलिस के अनुसार अंकित बालियान शामली कोतवाली क्षेत्र में जिम से बाहर निकले थे। इसी दौरान हमलावरों ने उन पर फायरिंग शुरू कर दी। विभिन्न रिपोर्टों में करीब 18 से 20 राउंड गोली चलने की बात सामने आई है। पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और घायल अंकित को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बच सकी। पुलिस अब घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। शुरुआती जांच में हमलावरों की संख्या तीन से चार बताई जा रही है। कुछ रिपोर्टों में हमलावरों के दो बाइक पर आने की बात कही गई है। पुलिस का फोकस हमलावरों की पहचान, उनके आने-जाने के रास्ते और घटना से पहले की रेकी पर है।
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच में अब यह आशंका भी सामने आई है कि वारदात अचानक नहीं हुई बल्कि हमलावरों ने पहले से तैयारी की थी। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपियों ने घटना से पहले अंकित की गतिविधियों और जिम आने-जाने के समय की रेकी की थी। यदि रेकी की बात जांच में पुष्ट होती है तो यह मामला सामान्य आपराधिक घटना के बजाय पूर्व नियोजित टारगेट किलिंग की दिशा में जा सकता है।
हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर सामने आई कथित पोस्ट ने पुलिस की जांच को नया एंगल दे दिया है। रिपोर्टों के मुताबिक पोस्ट में दावा किया गया कि अंकित विरोधी गुट का समर्थन करते थे और इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। पोस्ट में आगे भी हिंसा की धमकी जैसी भाषा इस्तेमाल किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस पूरे दावे को लेकर सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि पुलिस की जांच और तकनीकी सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पोस्ट वास्तव में किसने डाली, उसका हत्या से कोई संबंध है या नहीं और कथित गैंग का इस वारदात में कोई वास्तविक हाथ है या नहीं।
उत्तर प्रदेश सरकार के प्रवक्ता ने बताया कि हत्याकांड की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायरा बढ़ाया गया है। रिपोर्टों के अनुसार करीब 200 पुलिसकर्मियों और STF को जांच एवं आरोपियों की तलाश में लगाया गया है। सीसीटीवी फुटेज, संदिग्धों की गतिविधियों, मोबाइल और अन्य तकनीकी सुरागों के आधार पर हमलावरों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती हमलावरों की पहचान करने के साथ-साथ यह पता लगाना है कि हत्या की साजिश किसने रची और हमलावरों को किसने निर्देश दिए।
अंकित बालियान के बारे में सामने आई रिपोर्टों के मुताबिक वह जिला पंचायत चुनाव की तैयारी भी कर रहे थे। इसी वजह से पुलिस हत्या की जांच में राजनीतिक या चुनावी रंजिश के एंगल को भी देख रही है। इसके अलावा पुरानी दुश्मनी, गैंग कनेक्शन और सोशल मीडिया पर सक्रियता समेत सभी संभावित कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल पुलिस के सामने हत्या के कई संभावित एंगल हैं और किसी एक वजह को अंतिम कारण मानना जल्दबाजी होगी।
अंकित बालियान हत्याकांड ऐसे समय सामने आया है जब शामली जिले में लगातार आपराधिक घटनाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। 27 अगस्त की रिपोर्ट में भी जिले में लगातार हो रही आपराधिक वारदातों को लेकर चिंता जताई गई है। एक चर्चित कलाकार की जिम के बाहर सरेआम हत्या और उसके बाद कथित गैंग द्वारा सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी लेने का दावा कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गैंगवार और आपराधिक नेटवर्क से जुड़े मामलों को लेकर पुलिस की सक्रियता पर लोगों की नजर रहती है। अंकित बालियान हत्याकांड अब केवल शामली की स्थानीय आपराधिक घटना नहीं रह गया है। घटना ने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था और पुलिस की अपराधियों पर पकड़ को लेकर बहस तेज कर दी है। एक तरफ पुलिस बड़ी संख्या में जवानों और STF को लगाकर आरोपियों की तलाश कर रही है, वहीं दूसरी तरफ परिवार और स्थानीय लोगों की मांग है कि केवल गिरफ्तारी ही नहीं, बल्कि हत्या की पूरी साजिश का खुलासा किया जाए। सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंकित बालियान की हत्या के पीछे असली साजिशकर्ता कौन है? क्या यह व्यक्तिगत या चुनावी रंजिश थी, क्या इसके पीछे गैंगवार का कनेक्शन है या फिर सोशल मीडिया पर सामने आया कथित ‘गोगी गैंग’ का दावा महज जांच को भटकाने की कोशिश है-इन सभी सवालों का जवाब हम आपको लगातार अपडेट करके देते रहेंगे।
उत्तर प्रदेश के शामली में अंकित बालियान की हत्या ने पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश को झकझोर दिया है। शामली में जिम के बाहर सरेआम हुई फायरिंग, परिवार का सड़क पर उतरना, हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग और अब कथित ‘गोगी गैंग’ के नाम से सामने आया सोशल मीडिया दावा-इन घटनाक्रमों ने मामले को बेहद संवेदनशील बना दिया है। फिलहाल हत्यारे उत्तर प्रदेश पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और हत्या के पीछे की असली वजह भी स्पष्ट नहीं है। उत्तर प्रदेश STF और पुलिस की टीमें जांच में जुटी हैं। ऐसे में आने वाले कुछ घंटों मं होने वाली गिरफ्तारी और पुलिस के आधिकारिक खुलासे पर पूरे उत्तर प्रदेश की नजर रहेगी।
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