संतकबीरनगर की नई जिलाधिकारी आईएएस अनुज मलिक कौन हैं? जानिए यूपीएससी में 16वीं रैंक, प्रशासनिक करियर, गीडा की सीईओ और आईएएस पति से जुड़ी पूरी जानकारी।

उत्तर प्रदेश में सोमवार देर रात हुए बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 34 आईएएस अधिकारियों का तबादला किया गया है। इस फेरबदल में 14 जिलों के जिलाधिकारी भी बदले गए हैं। उत्तर प्रदेश में हुए प्रशासनिक फेरबदल के बाद संतकबीरनगर को नई जिलाधिकारी मिली हैं। 2017 बैच की आईएएस अधिकारी अनुज मलिक को संतकबीरनगर का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। इससे पहले वह गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी के पद पर जिम्मेदारी संभाल रही थीं। उनके संतकबीरनगर की जिलाधिकारी बनने के बाद उनके प्रशासनिक करियर और अब तक की तैनातियों को लेकर चर्चा हो रही है।
अनुज मलिक उत्तर प्रदेश कैडर की 2017 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों और महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों पर काम किया है। उनके अनुभव में जिला प्रशासन के साथ-साथ विकास और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शामिल रही हैं। अनुज मलिक ने प्रशासनिक करियर की शुरुआत वाराणसी में सहायक कलेक्टर और सहायक मजिस्ट्रेट के तौर पर की। इसके बाद उन्होंने गोरखपुर क्षेत्र में संयुक्त मजिस्ट्रेट और उप जिलाधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। इन पदों पर काम करने के दौरान उन्हें राजस्व, प्रशासन और आम लोगों से जुड़े मामलों को करीब से समझने का मौका मिला।
अनुज मलिक के प्रशासनिक सफर की एक खास बात उनकी यूपीएससी सफलता भी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार उन्होंने वर्ष 2016 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा अपने पहले प्रयास में पास की थी और ऑल इंडिया स्तर पर 16वीं रैंक हासिल की थी। इसके बाद वह भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुईं और उत्तर प्रदेश कैडर में उन्हें जिम्मेदारी मिली। आईएएस बनने के बाद अनुज मलिक ने अलग-अलग प्रशासनिक पदों पर काम करते हुए अनुभव हासिल किया। उनकी तैनातियां जिला स्तर के प्रशासन से लेकर विकास और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़े महत्वपूर्ण पदों तक रही हैं।
अनुज मलिक ने कुशीनगर में मुख्य विकास अधिकारी यानी सीडीओ के रूप में भी काम किया है। इस पद पर रहते हुए उनके जिम्मे जिले की विकास योजनाओं और विकास से जुड़े प्रशासनिक कार्यों की निगरानी जैसी जिम्मेदारियां थीं। सीडीओ के रूप में काम करने से उन्हें ग्रामीण विकास और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन से जुड़े कामों का अनुभव मिला। इसके अलावा उन्होंने गोरखपुर और मुजफ्फरनगर में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली। वाराणसी में सहायक कलेक्टर और सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में भी उन्होंने प्रशासनिक कामकाज का अनुभव हासिल किया।
संतकबीरनगर का जिलाधिकारी बनाए जाने से पहले अनुज मलिक गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी गीडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी के तौर पर काम कर रही थीं। गीडा में उनकी जिम्मेदारी औद्योगिक क्षेत्र के विकास, निवेश और उद्यमियों से जुड़े प्रशासनिक मामलों से जुड़ी थी। औद्योगिक विकास से जुड़े संस्थान में काम करने के बाद अब उन्हें जिले के समग्र प्रशासन की जिम्मेदारी मिली है। ऐसे में उनका पिछला प्रशासनिक अनुभव संतकबीरनगर में नई जिम्मेदारी के दौरान भी महत्वपूर्ण रहेगा।
संतकबीरनगर की जिलाधिकारी के तौर पर अनुज मलिक के सामने जिले के प्रशासन और विकास से जुड़ी कई जिम्मेदारियां होंगी। जिलाधिकारी के तौर पर उन्हें जिले में चल रही विकास योजनाओं की निगरानी करनी होगी। इसके साथ ही राजस्व मामलों की समीक्षा, जनशिकायतों का निस्तारण और सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर भी प्रशासन की नजर रहेगी। आईजीआरएस के माध्यम से आने वाली शिकायतों का निस्तारण, स्वास्थ्य और शिक्षा सेवाओं की स्थिति, निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय भी जिला प्रशासन के महत्वपूर्ण कामों में शामिल होंगे। कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में भी जिलाधिकारी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है।
अनुज मलिक की नई तैनाती की चर्चा उनके पारिवारिक पक्ष को लेकर भी हो रही है। उनका विवाह आईएएस अधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल से हुआ है। गौरव सिंह सोगरवाल वर्तमान में महराजगंज के जिलाधिकारी हैं। इस तरह दोनों आईएएस अधिकारियों की तैनाती अब पड़ोसी जिलों में हुई है। इससे पहले भी दोनों अधिकारियों की तैनाती पूर्वांचल में रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जब अनुज मलिक कुशीनगर में मुख्य विकास अधिकारी के पद पर तैनात थीं, उस समय गौरव सिंह सोगरवाल महराजगंज में मुख्य विकास अधिकारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
गीडा की सीईओ के रूप में औद्योगिक विकास से जुड़े कामों का अनुभव लेने के बाद अनुज मलिक अब संतकबीरनगर की जिलाधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारी संभालेंगी। जिला प्रशासन की जिम्मेदारी औद्योगिक प्राधिकरण की जिम्मेदारी से अलग और व्यापक होती है। इसमें विकास योजनाओं के साथ राजस्व, जनशिकायत, सरकारी योजनाओं और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय जैसे कई महत्वपूर्ण काम शामिल होते हैं। अब संतकबीरनगर में उनके सामने जिले की विकास योजनाओं को आगे बढ़ाने और आम लोगों से जुड़ी प्रशासनिक समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी होगी। उनकी पिछली प्रशासनिक तैनातियों और जिला स्तर पर काम करने के अनुभव को देखते हुए आने वाले समय में उनका प्रशासनिक कार्यकाल जिले के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।
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