उन्होंने आगे कहा कि कई लोग यह नहीं चाहते कि उनका पारिवारिक जीवन स्थिर और मजबूत बना रहे। उनके अनुसार, लगातार दबाव बनाने और अफवाहें फैलाने का मकसद उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करना और सार्वजनिक जीवन से दूर करना है।

UP News : प्रतीक यादव के सोशल मीडिया अकाउंट से पत्नी अपर्णा यादव से अलगाव को लेकर आई पोस्ट के बाद अब इस पूरे मामले पर अपर्णा यादव ने पहली बार सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि उनके निजी जीवन को जानबूझकर विवादों में घसीटा जा रहा है और उनके वैवाहिक रिश्ते को नुकसान पहुँचाने की कोशिश की जा रही है। अपर्णा यादव ने कहा कि उनके और उनके पति के बीच किसी तरह की कोई समस्या नहीं है, लेकिन कुछ लोग सुनियोजित तरीके से ऐसी परिस्थितियाँ बना रहे हैं, जिससे दोनों के बीच मतभेद पैदा हों। उन्होंने इसे एक सोची-समझी साजिश करार दिया।
उन्होंने आगे कहा कि कई लोग यह नहीं चाहते कि उनका पारिवारिक जीवन स्थिर और मजबूत बना रहे। उनके अनुसार, लगातार दबाव बनाने और अफवाहें फैलाने का मकसद उन्हें मानसिक रूप से कमजोर करना और सार्वजनिक जीवन से दूर करना है। अपर्णा यादव ने यह भी कहा कि वह सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार मुखर रही हैं, जिसकी वजह से कुछ लोगों को उनकी सक्रियता खटकने लगी है।
अपर्णा यादव ने दावा किया कि जो लोग उनके और प्रतीक यादव के रिश्ते को बिगाड़ने का प्रयास कर रहे हैं, उनकी पहचान कर ली गई है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब दबाव में न आने पर किसी महिला को बदनाम करने की कोशिश की गई हो। समय आने पर ऐसे लोगों को सबके सामने लाया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि अफवाहों के सहारे उन्हें डराया या कमजोर नहीं किया जा सकता।
गौरतलब है कि हाल ही में प्रतीक यादव के इंस्टाग्राम अकाउंट से एक पोस्ट सामने आई थी, जिसमें अपर्णा यादव से अलग होने की बात कही गई थी। उस पोस्ट में अपर्णा पर परिवार तोड़ने और निजी लाभ व प्रसिद्धि के लिए ऐसा करने जैसे आरोप लगाए गए थे। पोस्ट सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई और राजनीतिक गलियारों में भी इस पर चचार्एं शुरू हो गईं। अपर्णा यादव ने इस पूरे विवाद को हाल ही में सामने आए धर्मांतरण मामले से भी जोड़ा। उन्होंने बताया कि इस मामले में पीड़िता ने सबसे पहले उनसे संपर्क किया था, जिसके बाद उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे प्रकरण को उजागर किया। उनका कहना है कि इस मामले में उनकी सक्रिय भूमिका और मुंबई चुनावों में उनकी भागीदारी के बाद पार्टी को मिली सफलता से भी कई लोग असहज हुए हैं।