यूपी में है एशिया का सबसे बड़ा पार्क, 376 एकड़ में जन्नत जैसा नजारा
लखनऊ अपने ऐतिहासिक स्मारकों, नवाबी संस्कृति और आधुनिक विकास के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इसी शहर के गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क को एशिया के सबसे बड़े शहरी पार्कों में गिना जाता है।

UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अपने ऐतिहासिक स्मारकों, नवाबी संस्कृति और आधुनिक विकास के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इसी शहर के गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क को एशिया के सबसे बड़े शहरी पार्कों में गिना जाता है। करीब 376 एकड़ क्षेत्र में फैला यह विशाल पार्क हर दिन हजारों लोगों को प्रकृति के करीब आने का मौका देता है। यह पार्क हरियाली, झील, साइकिल ट्रैक और मनोरंजन सुविधाओं के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है।
2014 में जनता को समर्पित हुआ था विशाल पार्क
इस पार्क का निर्माण उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार के दौरान कराया गया था और इसे वर्ष 2014 में आम लोगों के लिए खोला गया। यह परियोजना समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्रा की स्मृति में विकसित की गई थी। पार्क का डिजाइन लंदन के प्रसिद्ध हाइड पार्क से प्रेरित माना जाता है। आज यह पार्क शहर के सबसे बड़े पर्यटन और मनोरंजन स्थलों में शामिल है, जहां हर उम्र के लोग घूमने आते हैं।
376 एकड़ में फैला हरियाली का विशाल संसार
करीब 1.52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस पार्क में हजारों पेड़-पौधे, फूलों की क्यारियां और बड़े-बड़े लॉन बनाए गए हैं। यहां कई तरह के पक्षी भी दिखाई देते हैं, जिससे यह जगह बर्ड वॉचिंग के लिए भी पसंदीदा बन गई है। पार्क के बीचों-बीच बड़ी कृत्रिम झील और जलाशय बनाए गए हैं, जो पूरे इलाके की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं।
साइकिल ट्रैक, जॉगिंग ट्रैक और बोटिंग का आनंद
पार्क में करीब 6 किलोमीटर से ज्यादा लंबा साइकिल ट्रैक और जॉगिंग ट्रैक बनाया गया है, जहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग दौड़ने और साइकिल चलाने आते हैं। इसके अलावा यहां बोटिंग, बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, खेल मैदान और ओपन जिम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। झील में गोंडोला नाव की सवारी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है, जो पार्क को और भी रोमांचक बनाती है।
हर साल रखरखाव पर खर्च होते हैं करोड़ों रुपये
इतने बड़े पार्क की देखभाल करना आसान नहीं है। इसके रखरखाव, सफाई और सुरक्षा पर सरकार को हर साल लगभग 20 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। पार्क में सोलर ऊर्जा का उपयोग, म्यूजिकल फाउंटेन, लेजर शो और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह जगह केवल घूमने का स्थल ही नहीं बल्कि शहर की शान भी बन चुकी है। आज जनेश्वर मिश्रा पार्क लखनऊ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। सुबह-शाम यहां परिवार, छात्र, पर्यटक और फिटनेस प्रेमियों की भीड़ देखने को मिलती है। हरियाली, झील और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह पार्क शहर के बीचों-बीच प्रकृति की एक अनोखी दुनिया जैसा अनुभव देता है।
UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अपने ऐतिहासिक स्मारकों, नवाबी संस्कृति और आधुनिक विकास के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध है। इसी शहर के गोमती नगर विस्तार क्षेत्र में स्थित जनेश्वर मिश्रा पार्क को एशिया के सबसे बड़े शहरी पार्कों में गिना जाता है। करीब 376 एकड़ क्षेत्र में फैला यह विशाल पार्क हर दिन हजारों लोगों को प्रकृति के करीब आने का मौका देता है। यह पार्क हरियाली, झील, साइकिल ट्रैक और मनोरंजन सुविधाओं के कारण पर्यटकों और स्थानीय लोगों के बीच खासा लोकप्रिय है।
2014 में जनता को समर्पित हुआ था विशाल पार्क
इस पार्क का निर्माण उत्तर प्रदेश की तत्कालीन सरकार के दौरान कराया गया था और इसे वर्ष 2014 में आम लोगों के लिए खोला गया। यह परियोजना समाजवादी नेता जनेश्वर मिश्रा की स्मृति में विकसित की गई थी। पार्क का डिजाइन लंदन के प्रसिद्ध हाइड पार्क से प्रेरित माना जाता है। आज यह पार्क शहर के सबसे बड़े पर्यटन और मनोरंजन स्थलों में शामिल है, जहां हर उम्र के लोग घूमने आते हैं।
376 एकड़ में फैला हरियाली का विशाल संसार
करीब 1.52 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस पार्क में हजारों पेड़-पौधे, फूलों की क्यारियां और बड़े-बड़े लॉन बनाए गए हैं। यहां कई तरह के पक्षी भी दिखाई देते हैं, जिससे यह जगह बर्ड वॉचिंग के लिए भी पसंदीदा बन गई है। पार्क के बीचों-बीच बड़ी कृत्रिम झील और जलाशय बनाए गए हैं, जो पूरे इलाके की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं।
साइकिल ट्रैक, जॉगिंग ट्रैक और बोटिंग का आनंद
पार्क में करीब 6 किलोमीटर से ज्यादा लंबा साइकिल ट्रैक और जॉगिंग ट्रैक बनाया गया है, जहां सुबह-शाम बड़ी संख्या में लोग दौड़ने और साइकिल चलाने आते हैं। इसके अलावा यहां बोटिंग, बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, खेल मैदान और ओपन जिम जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। झील में गोंडोला नाव की सवारी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण है, जो पार्क को और भी रोमांचक बनाती है।
हर साल रखरखाव पर खर्च होते हैं करोड़ों रुपये
इतने बड़े पार्क की देखभाल करना आसान नहीं है। इसके रखरखाव, सफाई और सुरक्षा पर सरकार को हर साल लगभग 20 करोड़ रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं। पार्क में सोलर ऊर्जा का उपयोग, म्यूजिकल फाउंटेन, लेजर शो और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह जगह केवल घूमने का स्थल ही नहीं बल्कि शहर की शान भी बन चुकी है। आज जनेश्वर मिश्रा पार्क लखनऊ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। सुबह-शाम यहां परिवार, छात्र, पर्यटक और फिटनेस प्रेमियों की भीड़ देखने को मिलती है। हरियाली, झील और आधुनिक सुविधाओं के कारण यह पार्क शहर के बीचों-बीच प्रकृति की एक अनोखी दुनिया जैसा अनुभव देता है।












