विज्ञापन
उत्तर प्रदेश की धरती से एक बड़ा दावा किया गया है। बड़ा दावा यह है कि मुस्लिम परस्त राजनीति करने वाले चर्चित नेता असदुद्दीन ओवैसी के परदादा हिन्दू थे। इतना ही नहीं ‘यह दावा भी किया गया कि असदुद्दीन ओवैसी के परदादा बाकायदा मंदिर में जाकर पूजा-पाठ किया करते थे।

UP News : उत्तर प्रदेश की धरती से एक बड़ा दावा किया गया है। बड़ा दावा यह है कि मुस्लिम परस्त राजनीति करने वाले चर्चित नेता असदुद्दीन ओवैसी के परदादा हिन्दू थे। इतना ही नहीं ‘यह दावा भी किया गया कि असदुद्दीन ओवैसी के परदादा बाकायदा मंदिर में जाकर पूजा-पाठ किया करते थे। यह दावा उत्तर प्रदेश के पिलखुवा कस्बे के रहने वाले प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास ने किया है। प्रसिद्ध कवि तथा कथावाचक कुमार विश्वास ने ओवैसी को अपने कुल (खानदान) का इतिहास पढऩे की सलाह दी है। UP News
आपको बता दें कि हाल ही में हिन्दू समाज के प्रसिद्ध मंदिर धार भोजशाला के पक्ष में अदालत का बड़ा फैसला आया है। AIMIM पार्टी के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने अदालत के फैसले को गलत बताया है। ओवैसी के बयान के बाद कवि तथा कथावाचक कुमार विश्वास ने इस मुद्दे पर बयान दिया है। अपने बयान में कुमार विश्वास ने दावा किया है कि ओवैसी के परदादा भी हिन्दू ही थे। ओवैसी को अपने कुल (खानदान) का इतिहास जरूर पढऩा चाहिए। यह इतिहास पढ़ने से उन्हें पता चल जाएगा कि उनेक परदादा कौन थे? UP News
उत्तर प्रदेश में अपने आवास से दिए बयान में कवि कुमार विश्वास ने कहा कि मैं चाहता हूं कि ओवैसी भारतीय सांस्कृतिक इतिहास भी पढ़ें और अपने कुलवंश का इतिहास भी पढ़ें। उनके कुलवंश में चार पीढ़ी बाद ही उन्हें स्वयं के हिन्दू परंपरा में खड़े होने का बोध प्राप्त हो जाएगा। वे भी भगवती के सामने उसी तरह नतमस्तक होंगे, जैसे उनके परदादा नतमस्तक होते थे। दो-तीन पीढ़ी पहले मतांतरण कर लेने के कारण इतना विद्वेष और इतनी प्रकार की घृणा फैलाना ठीक नहीं है। कुमार विश्वास ने आगे कहा कि ओवैसी साहब के परदादा भी उस समय हिन्दू समाज के साथ ही खड़े थे। UP News
कुमार विश्वास का यह दावा नया नहीं है। इससे पहले भी ओवैसी के परदादा को हिन्दू बताया जा चुका है। साल-2023 में एक सभा के दौरान जम्मू-कश्मीर के नेता गुलाम नबी आजाद ने एक बयान दिया था कि भारत में पैदा हुआ हर व्यक्ति हिंदू था। दुनिया में इस्लाम तो सिर्फ 1500 साल पहले ही आया था। वहीं, अगर हम हिंदू धर्म को देखें, तो वो बहुत पुराना है। ऐसे में बाहर से कौन आया? बाहर से 10-20 हजार लोग आए होंगे, जो मुगलों की फौज में थे। बाकी तो हिंदुस्तान में सब मुसलमान हिंदू से कन्वर्ट हो गए। कश्मीर में भी 600 साल पहले सब कश्मीरी पंडित थे। इसके बाद यहां धीरे-धीरे हिंदू, मुसलमान बन गए। गुलाम नबी आजाद के इस बयान पर एक महिला ने ट्वीट कर फारूख अब्दुल्ला, असदुद्दीन ओवैसी और एम जिन्ना को हिंदू वंश का बताया था। ट्वीट में लिखा था- "फारूक अब्दुल्ला के परदादा बालमुकुंद कौल एक हिंदू ब्राह्मण थे। असदुद्दीन ओवैसी के परदादा तुलसीरामदास एक हिंदू ब्राह्मण थे। एम जिन्ना के पिता जिन्नाभाई खोजा हिंदू खोजा जाति के थे।" UP News
वर्ष- 2017 में भाजपा के राज्यसभा सांसद राकेश सिन्हा ने कहा था कि ओवैसी के परदादा हैदराबाद के एक ब्राह्मण थे। राकेश सिन्हा ने दावा किया था कि ओवैसी के परदादा को जबरदस्ती इस्लाम में परिवर्तित कर दिया गया था। UP News
विज्ञापन