चित्रकूट में भारत रत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के जन्मोत्सव पर आयोजित तीन दिवसीय शरदोत्सव के दूसरे दिन भजन गायिका आशा वैष्णव की प्रस्तुति और उनके राजनीतिक बयानों ने लोगों का ध्यान खींचा।

UP News : भारत रत्न राष्ट्रऋषि नानाजी देशमुख के जन्मोत्सव पर चित्रकूट में आयोजित तीन दिवसीय शरदोत्सव के दूसरे दिन भक्ति संगीत और लोकसंस्कृति की छटा बिखरी। सुप्रसिद्ध भजन गायिका आशा वैष्णव ने भजनों की प्रस्तुति देकर समां बांधा। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के माता-पिता पर की गई टिप्पणी को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी। साथ ही उत्तर प्रदेश में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार बनने की उम्मीद जताई। आशा वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री के माता-पिता पर टिप्पणी करने वाले नेता वास्तव में अपने ही माता-पिता के प्रति भी अनुचित व्यवहार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की टिप्पणियों से देश की प्रगति नहीं रुकेगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना काम करते रहेंगे। उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री को बचपन से देखती आ रही हैं और उन्हें विश्वास है कि वे अपने कार्यों में लगे रहेंगे। UP News
यह भी पढ़ें : भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति में चित्रकूट का दबदबा, आठ नेताओं को मिली जगह
भजन गायिका ने सनातन हिंदू देवी-देवताओं पर टिप्पणी करने वालों को लेकर भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि देवी-देवताओं के प्रति अपमानजनक टिप्पणी करने वालों को देश में रहने का अधिकार नहीं होना चाहिए। ऐसे लोगों को उन्होंने देशविरोधी करार दिया। आशा वैष्णव ने उत्तर प्रदेश की राजनीति पर अपनी राय रखते हुए कहा कि उनकी कामना है कि प्रदेश में एक बार फिर योगी आदित्यनाथ की सरकार बने। उन्होंने राम मंदिर निर्माण का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान राम से जुड़ी कामना पूरी हुई है और अभी मथुरा सहित कई कार्य बाकी हैं। उनके अनुसार, इन कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए मौजूदा नेतृत्व को फिर मौका मिलना चाहिए। UP News
इसे भी पढ़ें : यूपी चुनाव 2027: अमित शाह की रणनीति की होगी परीक्षा, भाजपा के सामने जनता का भरोसा जीतने की चुनौती
शरदोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों में लोकनृत्यों और भक्ति प्रस्तुतियों का आकर्षण रहा। जगन्नाथ पुरी के कलाकारों ने ओडिसी नृत्य शैली में भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर आधारित नृत्य नाटक प्रस्तुत किया। दीनदयाल परिसर में मौजूद दर्शक इस प्रस्तुति से मंत्रमुग्ध नजर आए। कार्यक्रम में राई, काली नृत्य और दिवारी की प्रस्तुतियों ने भी बुंदेलखंड सहित देश की लोकसंस्कृति और आंचलिक परंपराओं की झलक दिखाई। UP News
विज्ञापन