उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले शुभांशु शुक्ला ने वर्ष 2025 में एक्जिओम-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा की थी। इस उपलब्धि के साथ वे विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने।

UP News : 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर देश एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बना, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भारतीय वायु सेना के ग्रुप कैप्टन और अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता सम्मान अशोक चक्र से अलंकृत किया। यह सम्मान उन्हें अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन तक सफल मिशन को अंजाम देने, चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में असाधारण साहस दिखाने और अद्वितीय कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रदान किया गया।
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से ताल्लुक रखने वाले शुभांशु शुक्ला ने वर्ष 2025 में एक्जिओम-4 मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा की थी। इस उपलब्धि के साथ वे विंग कमांडर राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय बने। मिशन के दौरान उन्होंने न केवल तकनीकी जिम्मेदारियों को कुशलता से निभाया, बल्कि कई निर्णायक क्षणों में तेज निर्णय लेकर मिशन की सफलता सुनिश्चित की।
सरकारी घोषणा के अनुसार, इस वर्ष कुल 70 सैन्यकर्मियों को उनके अद्वितीय साहस और राष्ट्रसेवा के लिए वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इनमें थल सेना, नौसेना और वायुसेना के अधिकारी एवं जवान शामिल हैं। घोषित पुरस्कारों में 1 अशोक चक्र, 3 कीर्ति चक्र, 13 शौर्य चक्र (जिसमें 1 मरणोपरांत), सेना, नौसेना और वायुसेना के कई वीरता पदक शामिल है। इसके अलावा, लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ को उत्कृष्ट सैन्य सेवा के लिए उत्तम युद्ध सेवा मेडल प्रदान किया गया।।