Atiq murder case : उत्तर प्रदेश के चर्चित माफ़िया डॉन का फैन है अतीक का हत्यारा
sunny
भारत
चेतना मंच
29 Nov 2025 01:34 PM
Atiq murder case : 15 अप्रैल को यूपी के प्रयागराज में ऐसी घटना घटी जिसका अंदाज़ा किसी ने नहीं लगाया होगा। गुजरात की साबरमती जेल से प्रयागराज लाए गए माफिया अतीक अहमद और अशरफ का कैमरों के सामने ही हुए इस हत्याकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को सकते में डाल दिया. इस घटना के बाद यूपी जैसे किसी छावनी में तब्दील हो गया, धारा 144 लगा दी गई । दोनों को मारने वाले हत्यारों में से एक सन्नी उत्तर प्रदेश के चर्चित माफ़िया डॉन का फैन बताया जा रहा है । मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने बताया कि सनी अक्सर साइबर कैफे में जाता था. वहां वह अपराधियों के प्रिंट आउट निकालता था, खासकर श्रीप्रकाश शुक्ला का ।
कौन है यूपी का वो डॉन जिसका फैन है अतीक का हत्यारा, सीएम की ही ले ली थी सुपारी!
Atiq murder case : श्रीप्रकाश शुक्ला एक समय उत्तर प्रदेश और उत्तर बिहार का खतरनाक और बेरहम गैंगस्टर बन गया था ।दहशत का दूसरा नाम बन चुके श्रीप्रकाश शुक्ला के बारे में एक खबर अखबारों में आई कि उसने सीएम कल्याण सिंह की हत्या की सुपारी 5 करोड़ में ले ली थी । इसमें कितनी सच्चाई थी, ये आज तक पता नहीं चल सका, लेकिन इस खबर के बाद यूपी पुलिस ने किसी भी कीमत पर श्रीप्रकाश को खत्म करने की ठान ली। वह राजनेताओं और व्यापारियों के लिए सरदर्द बन गया और पुलिस पर उसके खिलाफ़ कार्यवाही करने के लिए ज़ोर पड़ने लगा। 22 सितम्बर 1998 को 25 वर्ष की आयु में गाजियाबाद में उसको पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था । उसकी मौत के 25 साल बाद भी पूर्वांचल में उसके नाम पर तरह-तरह की कहानियां चलती हैं।
सनी पर पहले से ही दर्ज हैं 15 केस
यूपी के हमीरपुर के कुरारा का रहने वाला मोहित उर्फ सनी 23 साल का है जो श्रीप्रकाश शुक्ला का फ़ैन बताया जा रहा है । सनी पर 15 केस दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि अशरफ पर फायरिंग करने वाला सनी ही था. जिसने तुर्की की बनी पिस्टल से फायरिंग की. सनी सिंह कुरारा पुलिस थाने का हिस्ट्रीशीटर है, जिसकी हिस्ट्रीशीट नंबर 281A है. सनी 2021 में चित्रकूट जेल में बंद था. उसके भाई पिंटू ने बताया कि वो बीते 10 साल से अपने घर नहीं आया है. ... वहीं सनी के पिता जगत सिंह और मां की मौत हो चुकी है.
घटना के बाद एफआईआर के अनुसार आरोपियों ने कहा , "तीनों आरोपियों का कहना है कि हम लोग अतीक-अशरफ गैंग का सफाया करना चाहते थे, जिससे प्रदेश में हमारा नाम होता. हम लोग पुलिस के घेरे के अनुमान नहीं लगा पाए और पुलिस की तेज कारवाई से पकड़े गए. हम कई दिनों से मारने की फिराक में थे. लेकिन सही समय या मौका नहीं मिला पा रहा था." "हत्या करने के उद्देशय के बारे में पूछे जाने पर तीनों अभियुक्तों ने बताया कि हम लोग अतीक और अशरफ गैंग का सफाया करना चाहते थे. अतीक अहमद और अशरफ के पुलिस रिमांड की सूचना जब से हमें मिली थी तब से हम लोग मीडिया कर्मी बनकर यहां की स्थानीय मीडिया कर्मियों की भीड़ में रह रहे थे." आज मौका मिला तो हमने घटना को अंजाम दिया.