महज ढाई साल पहले तक उत्तर प्रदेश में एक ऐसा परिवार था, जिसका नाम सुनते ही लोग सहम जाते थे। माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद का कुनबा उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत में आतंक, रंगदारी, हत्या और संगठित अपराध का पर्याय माना जाता था।

UP News : यह कोई बहुत पुरानी बात नहीं है। महज ढाई साल पहले तक उत्तर प्रदेश में एक ऐसा परिवार था, जिसका नाम सुनते ही लोग सहम जाते थे। माफिया और पूर्व सांसद अतीक अहमद का कुनबा उत्तर प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे उत्तर भारत में आतंक, रंगदारी, हत्या और संगठित अपराध का पर्याय माना जाता था। लेकिन समय का ऐसा चक्र चला कि ढाई साल के भीतर यही परिवार पूरी तरह बिखर गया। एक बेटे का एनकाउंटर हुआ, खुद अतीक और उसके भाई अशरफ की हत्या कर दी गई और अब सबसे छोटे बेटे आबान की सड़क हादसे में मौत ने इस परिवार की कहानी को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। UP News
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में अधिवक्ता उमेश पाल और उनके दो सरकारी गनरों की हत्या के बाद उत्तर प्रदेश पुलिस और एसटीएफ ने अतीक अहमद के गैंग के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान शुरू किया। इसके बाद लगातार पुलिस कार्रवाई, गिरफ्तारी और मुठभेड़ों ने अतीक के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया। UP News
आबान की मौत के बाद अतीक अहमद के परिवार में अब केवल कुछ सदस्य ही बचे हैं।
कभी प्रयागराज और पूर्वांचल की राजनीति तथा अपराध जगत में सबसे प्रभावशाली माने जाने वाले अतीक अहमद के परिवार का प्रभाव अब लगभग समाप्त हो चुका है। उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्रवाई, न्यायिक प्रक्रिया और लगातार हुई घटनाओं ने उस कुनबे को बिखेर दिया, जिसका नाम कभी भय का प्रतीक माना जाता था। आबान की मौत के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि महज ढाई साल के भीतर कैसे उत्तर प्रदेश का सबसे चर्चित माफिया परिवार इतिहास बन गया। UP News
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