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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास और सुशासन के विजन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन मोड प्रशासन के संयोजन ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा दी है।

New Delhi/Lucknow News : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास और सुशासन के विजन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन मोड प्रशासन के संयोजन ने पिछले कुछ वर्षों में राज्य की विकास यात्रा को नई दिशा दी है। 2017 के बाद से उत्तर प्रदेश में जिस गति से बुनियादी ढांचे, कानून-व्यवस्था और सामाजिक योजनाओं का विस्तार हुआ है, उसे केंद्र और राज्य के समन्वय का परिणाम माना जा रहा है।
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2017 में योगी सरकार के गठन के बाद केंद्र की योजनाओं को तेजी से धरातल पर उतारने की प्रक्रिया तेज हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि पीएम मोदी के राष्ट्रीय विकास एजेंडे को राज्य स्तर पर मिशन मोड में लागू किया गया, जिससे योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुंचा। इस अवधि में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, निवेश माहौल सुधारने और प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। New Delhi/Lucknow News
पिछले वर्षों में उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे का व्यापक विस्तार देखा गया है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे, बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे और प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेसवे ने राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों को तेजी से जोड़ने का काम किया है। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर और आगरा मेट्रो परियोजनाओं ने शहरी परिवहन को नई गति दी है। सरकार का दावा है कि ये परियोजनाएं आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा दे रही हैं। New Delhi/Lucknow News
मोदी सरकार के कार्यकाल में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या राम मंदिर परियोजना को ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। अयोध्या में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, सड़क नेटवर्क और पर्यटन ढांचे के विकास से शहर को वैश्विक धार्मिक केंद्र के रूप में विकसित करने की कोशिश की जा रही है। वृंदावन, मथुरा और अन्य धार्मिक स्थलों में भी पर्यटन और बुनियादी ढांचे पर ध्यान बढ़ा है। New Delhi/Lucknow News
उत्तर प्रदेश में जेवर (नोएडा), अयोध्या और कुशीनगर जैसे अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। इनमें नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट को एशिया के बड़े एविएशन हब के रूप में देखा जा रहा है। इसके साथ ही डिफेंस कॉरिडोर, टेक्सटाइल पार्क, फार्मा क्लस्टर और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स जैसे प्रोजेक्ट्स राज्य को औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में आगे बढ़ा रहे है। New Delhi/Lucknow News
सरकारी दावों के अनुसार, 2017 के बाद राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कठोर कदम उठाए गए, जिससे निवेश का माहौल बेहतर हुआ। कई रिपोर्ट्स के मुताबिक, बड़े निवेश प्रस्ताव और औद्योगिक परियोजनाएं राज्य में तेजी से आकर्षित हुई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के राष्ट्रीय विजन और मुख्यमंत्री योगी के प्रशासनिक मॉडल के बीच तालमेल ने उत्तर प्रदेश को एक नए विकास पथ पर आगे बढ़ाया है। हालांकि इस मॉडल पर राजनीतिक और अकादमिक स्तर पर अलग-अलग राय भी मौजूद हैं, लेकिन राज्य में तेजी से हो रहे बदलाव इस बात की ओर संकेत करते हैं कि यूपी देश के विकास एजेंडे में एक महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है।
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