BHU में कम अटेंडेंस वाले छात्रों के लिए नई व्यवस्था लागू होगी। हॉस्टल आवंटन, मेरिट, मेडल और स्कॉलरशिप पर असर पड़ सकता है। नियमित उपस्थिति वालों को सेशनल परीक्षा में 5 अतिरिक्त अंक मिलेंगे।

UP News : काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में छात्रों की अटेंडेंस को लेकर नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया गया है। अब निर्धारित मानक से कम उपस्थिति वाले छात्रों को हॉस्टल की सुविधा से हाथ धोना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, कम अटेंडेंस वाले छात्रों को अगले सेमेस्टर में मेरिट रैंक, अवार्ड, मेडल और स्कॉलरशिप जैसी सुविधाओं के लिए भी अयोग्य घोषित किया जा सकता है। विश्वविद्यालय के विज्ञान संस्थान की ओर से रखे गए प्रस्ताव को हाल ही में हुई एकेडमिक काउंसिल की बैठक में मंजूरी दी गई है। नई व्यवस्था के तहत खाली होने वाले हॉस्टल के कमरों का आवंटन उन छात्रों को किया जा सकता है, जो निर्धारित अटेंडेंस पूरी करने के साथ मेरिट में अगले स्थान पर होंगे।
BHU की नई व्यवस्था में नियमित कक्षाओं में आने वाले छात्रों को प्रोत्साहित करने का भी प्रावधान किया गया है। ऐसे छात्रों को सेशनल परीक्षा में पांच अतिरिक्त अंक दिए जाने की व्यवस्था की गई है। वहीं, जिन छात्रों की उपस्थिति निर्धारित मानक से कम होगी, उनके लिए अगले सेमेस्टर में मेरिट रैंक, अवार्ड, मेडल और स्कॉलरशिप जैसी सुविधाओं को लेकर पात्रता प्रभावित हो सकती है। हालांकि, कम अटेंडेंस होने का मतलब यह नहीं है कि छात्र हर स्थिति में परीक्षा से बाहर हो जाएगा। विश्वविद्यालय ने न्यूनतम उपस्थिति पूरी नहीं होने की स्थिति में भी परीक्षा में शामिल होने की अनुमति देने की व्यवस्था रखी है।UP News :
विश्वविद्यालय की ऑर्डिनेंस के अनुसार छात्रों के लिए कक्षाओं में 100 प्रतिशत उपस्थिति का लक्ष्य रखा गया है। उचित कारण होने पर निर्धारित सीमा तक अटेंडेंस में छूट देने का प्रावधान भी है। सामान्य परिस्थितियों में अधिकतम 30 प्रतिशत तक की छूट का प्रावधान बताया गया है। इसमें कुछ छूट स्वतः मिल सकती है, जबकि निर्धारित हिस्से की छूट डीन स्तर से स्वीकृत की जा सकती है। खेल प्रतियोगिताओं, शैक्षणिक भ्रमण, युवा महोत्सव और लंबी बीमारी जैसे विशेष मामलों में अतिरिक्त छूट पर भी विचार किया जा सकता है। हालांकि, नियमों के तहत निर्धारित अधिकतम सीमा से अधिक छूट स्वीकार नहीं की जाएगी।नई शिक्षा नीति के तहत BHU में छात्रों के लिए मेजर और माइनर विषयों के अलावा एबिलिटी एनहैंसमेंट, स्किल एनहैंसमेंट, वैल्यू एडेड और मल्टीडिसिप्लिनरी कोर्स भी संचालित किए जा रहे हैं। इन पाठ्यक्रमों की कक्षाएं अलग-अलग स्थानों पर आयोजित होने के कारण छात्रों की उपस्थिति का सही रिकॉर्ड तैयार करना विश्वविद्यालय के लिए चुनौती बन रहा है। इसी को देखते हुए प्रशासन ने अटेंडेंस की निगरानी और उसका रिकॉर्ड व्यवस्थित तरीके से रखने पर जोर दिया है।
विश्वविद्यालय की ओर से सत्र 2025-26 में कम उपस्थिति वाले छात्रों के अभिभावकों को भी उनके बच्चों की अटेंडेंस की जानकारी दी गई थी। अब नई व्यवस्था में नियमित उपस्थिति को केवल कक्षा में उपस्थिति तक सीमित न रखते हुए छात्रों की शैक्षणिक उपलब्धियों और हॉस्टल जैसी सुविधाओं से भी जोड़ा जा रहा है।
इस फैसले के बाद छात्रों के लिए नियमित कक्षाओं में उपस्थिति दर्ज कराना पहले के मुकाबले और महत्वपूर्ण हो गया है। विश्वविद्यालय का जोर अटेंडेंस रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने और छात्रों को नियमित कक्षाओं के लिए प्रोत्साहित करने पर है। UP News :
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