चित्रकूट के औंछा बांध का स्लुइस वेल सोमवार सुबह 5 बजे धंस गया जिससे पानी बहने लगा। बांध को बचाने के लिए 3000 बोरियां और 250 ट्रैक्टर मिट्टी लगाई गई।

2500 से 3000 बोरियां और 200 से 250 ट्रैक्टर मिट्टी डाली गई, SDM और राजस्व टीम मौके पर पहुंची
UP News : तहसील मऊ अंतर्गत ग्राम पंचायत औंझर स्थित औंछा बांध का स्लुइस वेल सोमवार सुबह करीब पांच बजे अचानक धंस गया। इससे पानी बहने लगा। जानकारी मिलते ही सिंचाई विभाग हरकत में आया और बांध को सुरक्षित रखने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया गया। सूचना पर एसडीएम मऊ राम ऋषि रमन, नायब तहसीलदार पारुल सिंह परिहार सहित राजस्व विभाग की टीम भी मौके पर पहुंच गई। बांध को बचाने के लिए सिंचाई विभाग और राजस्व की टीम सक्रिय है। बांध में इस समय 38 फीट पानी भरा है, जबकि इसकी अधिकतम जलभराव क्षमता 45 फीट है। स्लुइस वेल धंसने से पानी बहने की जानकारी मिलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने धंसे हिस्से को बंद करने के प्रयास तेज कर दिए। इसके लिए अब तक करीब 2500 से 3000 बोरियां और 200 से 250 ट्रैक्टर मिट्टी डाली जा चुकी है। अधिकारियों के मुताबिक, बांध को सुरक्षित रखने के लिए रात में भी बचाव कार्य जारी रहेगा।
स्लुइस वेल नहर में पानी छोड़ने और सिंचाई व्यवस्था संचालित करने के लिए महत्वपूर्ण होता है। सोमवार सुबह इसके धंसने से पानी बहने लगा तो विभागीय अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इसके बाद कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर धंसे हुए हिस्से को बंद करने का काम शुरू किया। बोरियों में मिट्टी भरकर डाली जा रही है। साथ ही ट्रैक्टरों से मिट्टी लाकर प्रभावित हिस्से को सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है।
सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार, घटना से पहले बांध में रिसाव या किसी अन्य खराबी के स्पष्ट संकेत नहीं मिले थे। एक दिन पहले ही अवर अभियंता (जेई) और सहायक अभियंता (AE) ने बांध का निरीक्षण किया था। उस समय स्थिति सामान्य बताई गई थी। इसके बावजूद सोमवार सुबह स्लुइस वेल अचानक धंसने से पानी बहने लगा।
सिंचाई प्रखंड प्रथम, कर्वी के अधिशासी अभियंता एसके प्रसाद ने बताया कि बांध को सुरक्षित रखने के लिए सुबह से ही काम कराया जा रहा है। धंसे हुए हिस्से को बंद करने के लिए बड़ी संख्या में बोरियां और मिट्टी डाली गई है। स्थिति को देखते हुए रात में भी बचाव कार्य जारी रखा जाएगा। विभाग की प्राथमिकता बांध को सुरक्षित रखना और संभावित खतरे को रोकना है। UP News
बांध या जलाशय में स्लुइस वेल पानी को नियंत्रित तरीके से नहर में छोड़ने और सिंचाई के लिए जल निकासी करने वाली संरचना होती है। इसमें आमतौर पर पानी के प्रवाह को नियंत्रित करने के लिए गेट या वाल्व की व्यवस्था होती है। UP News
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