उत्तर प्रदेश में लाजिस्टिक, डेटा सेंटर, कौशल विकास में सिंगापुर करेगा निवेश, मिलेगी गति

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले दिन निवेश के कई नए रास्ते खुलते दिखाई दिए। उन्होंने सिंगापुर में वैश्विक निवेशकों और कॉरपोरेट प्रतिनिधियों से मुलाकात कर अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में संभावित साझेदारी पर चर्चा की।

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योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे 1
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar23 Feb 2026 02:56 PM
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Singapore Trip : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले दिन निवेश के कई नए रास्ते खुलते दिखाई दिए। उन्होंने सिंगापुर में वैश्विक निवेशकों और कॉरपोरेट प्रतिनिधियों से मुलाकात कर अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स, डेटा सेंटर और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में संभावित साझेदारी पर चर्चा की।

टेमासेक के साथ रणनीतिक चर्चा

सीएम योगी ने सिंगापुर की प्रमुख निवेश कंपनी टेमासेक होल्डिंग्स के चेयरमैन टेओची हियान और उनकी टीम से मुलाकात की। बैठक में टेमासेक के वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो और उत्तर प्रदेश में दीर्घकालिक निवेश अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई। राज्य सरकार ने टेमासेक को अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, वेयरहाउसिंग, फिनटेक आधारित शहरी विकास सहित कई क्षेत्रों में निवेश का आमंत्रण दिया।

स्वास्थ्य और लॉजिस्टिक्स में बड़े निवेश

बैठक के दौरान टेमासेक की पोर्टफोलियो कंपनियों द्वारा प्रस्तावित निवेश की जानकारी भी साझा की गई।

* मनीपाल हास्पिटल्स द्वारा गाजियाबाद में लगभग 500 करोड़ रुपये का निवेश

* एस्केन्डास द्वारा उत्तर प्रदेश में लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग सुविधाओं के विकास हेतु करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश

इन निवेशों से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और औद्योगिक अवसंरचना को गति मिलने की उम्मीद है।

डेटा सेंटर और कौशल विकास पर फोकस

दोनों पक्षों ने डेटा सेंटर, कौशल विकास और अन्य उभरते क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। यह पहल उत्तर प्रदेश को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन में सहायक मानी जा रही है। कुल मिलाकर, यह दौरा उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत स्थिति दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


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सीएम योगी ने सिंगापुर में निवेश का बड़ा खाका खींचा, 6,650 करोड़ रुपये के समझौते

सिंगापुर दौरे के पहले दिन उत्तर प्रदेश के लिए बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए। सिंगापुर स्थित यूनिवर्सल सक्सेज ग्रुप ने राज्य में कुल 6,650 करोड़ रुपये के निवेश के लिए तीन अलग-अलग समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।

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योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar23 Feb 2026 02:19 PM
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Singapore Trip : योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले दिन उत्तर प्रदेश के लिए बड़े निवेश प्रस्ताव सामने आए। सिंगापुर स्थित यूनिवर्सल सक्सेज ग्रुप ने राज्य में कुल 6,650 करोड़ रुपये के निवेश के लिए तीन अलग-अलग समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इन परियोजनाओं से प्रदेश में 20 हजार से अधिक रोजगार अवसर उत्पन्न होने का अनुमान है।

निवेश के प्रमुख क्षेत्र

1. जेवर क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय थीम टाउनशिप

यह परियोजना यमुना एक्सपे्रसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथारिटी (यीडा) क्षेत्र में, जेवर एयरपोर्ट के आसपास लगभग 100 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। प्रस्तावित निवेश राशि लगभग 3,500 करोड़ रुपये है। इस आवासीय परियोजना से करीब 12,000 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके वर्ष 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।

2. कानपुर-लखनऊ मार्ग पर लॉजिस्टिक्स पार्क

कानपुर-लखनऊ हाईवे के निकट 50 एकड़ क्षेत्र में आधुनिक लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित किया जाएगा। इस पर लगभग 650 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। परियोजना के माध्यम से लगभग 7,500 रोजगार सृजित हो सकते हैं। इसे भी 2027 तक शुरू करने की योजना है।

3. नोएडा/ग्रेटर नोएडा में हाइपरस्केल डेटा सेंटर

नोएडा और ग्रेटर नोएडा क्षेत्र में 10 एकड़ भूमि पर 40 मेगावाट आईटी क्षमता वाला हाइपरस्केल डेटा सेंटर पार्क विकसित किया जाएगा। इस परियोजना में लगभग 2,500 करोड़ रुपये का निवेश होगा और करीब 1,500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। इसके 2028 तक संचालन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों को राज्य की स्थिर नीतियों, मजबूत कनेक्टिविटी नेटवर्क और तेजी से बढ़ते औद्योगिक आधार की जानकारी दी। साथ ही यह आश्वासन भी दिया कि प्रदेश सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग उपलब्ध कराएगी।


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गाजियाबाद 3 सिस्टर्स सुसाइड केस : जांच में चौंकाने वाले खुलासे

भारत सिटी सोसाइटी में 9वीं मंजिल से कूदकर तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में पुलिस ने 17 दिनों की विस्तृत जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की है। एसीपी स्तर की जांच में डिजिटल लत, पारिवारिक तनाव और आर्थिक दबाव को प्रमुख कारणों के रूप में चिन्हित किया गया है।

three sisters
9वीं मंजिल से कूदकर तीन नाबालिग बहनों की मौत
locationभारत
userयोगेन्द्र नाथ झा
calendar23 Feb 2026 01:26 PM
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UP News : गाजियाबाद की भारत सिटी सोसाइटी में 9वीं मंजिल से कूदकर तीन नाबालिग बहनों की मौत के मामले में पुलिस ने 17 दिनों की विस्तृत जांच के बाद रिपोर्ट तैयार की है। एसीपी स्तर की जांच में डिजिटल लत, पारिवारिक तनाव और आर्थिक दबाव को प्रमुख कारणों के रूप में चिन्हित किया गया है। फिलहाल फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

डिजिटल दुनिया का गहरा प्रभाव

जांच में सामने आया कि 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय पाखी कथित रूप से कोरियन गेम्स और के-कल्चर से अत्यधिक प्रभावित थीं। रिपोर्ट के अनुसार, वे लंबे समय से स्कूल नहीं जा रही थीं और आॅनलाइन गेमिंग में गहराई से डूबी हुई थीं। 8 पन्नों के सुसाइड नोट में उन्होंने लिखा कि उनसे कोरियन गेम छोड़ने को कहा गया था, लेकिन वे ऐसा नहीं कर पा रही थीं। बताया गया है कि जब पिता ने मोबाइल फोन छीन लिया तो वे बेहद व्यथित हो गईं।

पांच हॉरर गेम्स की पहचान

पुलिस ने जिन गेम्स का जिक्र किया है, वे कथित तौर पर कम उम्र के बच्चों के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते। इनमें शामिल हैं:

* पप्पी प्लेटाइम

* द बेबी इन येलो

* इविल नून

* आइस स्क्रीओम

* आइस गोम

जांच अधिकारियों का कहना है कि ये टास्क-आधारित हॉरर गेम्स मानसिक दबाव और भय का वातावरण बनाते हैं।

पारिवारिक हालात और आर्थिक दबाव

तफ्तीश के दौरान परिवार की आर्थिक स्थिति और घरेलू तनाव की भी जांच की गई। पुलिस के अनुसार, घर पर 20 से 25 लाख रुपये तक का कर्ज था। पिता के बयानों में कथित तौर पर कुछ विरोधाभास भी पाए गए हैं। यह भी सामने आया कि वर्ष 2018 में परिवार से जुड़ी एक अन्य महिला की उसी इमारत से गिरकर मृत्यु हुई थी, जिसकी परिस्थितियों की भी जांच में समीक्षा की गई।

14 गवाहों के बयान

पुलिस ने सोसाइटी के सुरक्षा कर्मियों, पड़ोसियों और रिश्तेदारों सहित 14 लोगों के बयान दर्ज किए हैं। जांच टीम ने घटनास्थल, मोबाइल डेटा और सुसाइड नोट का विश्लेषण किया है। डीसीपी स्तर के अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच और हस्तलेख विशेषज्ञ की रिपोर्ट अभी लंबित है। यदि किसी बाहरी दबाव या उकसावे के संकेत मिलते हैं, तो आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला डिजिटल लत, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक संवाद की अहमियत पर गंभीर सवाल खड़े करता है। UP News


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