उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार देर रात नौ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए। इस फेरबदल में मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे को भी हटा दिया गया है। उन्हें लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश सरकार ने गुरुवार देर रात नौ आईपीएस अधिकारियों के तबादले किए। इस फेरबदल में मेरठ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अविनाश पांडे को भी हटा दिया गया है। उन्हें लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। वहीं झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ की कमान सौंपी गई है। अविनाश पांडे ने करीब पांच महीने पहले ही मेरठ एसएसपी का पद संभाला था। उनके कार्यकाल के दौरान पुलिसिंग, कानून-व्यवस्था और यातायात प्रबंधन को लेकर कई अभियान चलाए गए, लेकिन इसी अवधि में कुछ घटनाओं को लेकर वह विवादों में भी रहे। इनमें प्रदर्शन के दौरान युवकों के साथ कथित मारपीट और उनके कार्यकाल के अंतिम दिनों में किसान नेता की पिटाई के आरोप का मामला शामिल है। UP News
अविनाश पांडे ने 4 फरवरी 2026 को मेरठ के एसएसपी का पद संभाला था। करीब पांच महीने बाद हुए तबादले में उन्हें किसी अन्य जिले की जिम्मेदारी देने के बजाय लखनऊ पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किया गया है। दूसरी ओर तबादला सूची में शामिल अन्य अधिकारियों में से कई को नई तैनाती दी गई है। उनकी जगह 2015 बैच के आईपीएस अधिकारी और झांसी के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति को मेरठ का नया एसएसपी बनाया गया है। पांडेय के कार्यकाल में कांवड़ यात्रा के दौरान सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर भी पुलिस की तैयारियां सामने आई थीं। UP News
अविनाश पांडे के कार्यकाल का सबसे चर्चित विवाद जुलाई में सामने आया। मेरठ में दलित छात्रा ललिता गौतम की हत्या के बाद परिजन और दलित समुदाय से जुड़े लोग कलक्ट्रेट गेट पर प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान एसएसपी के प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचने का वीडियो सामने आया, जिसमें वह कुछ युवकों को थप्पड़ मारते नजर आए। घटना के दौरान पुलिस ने एक प्रदर्शनकारी रवि गौतम को हिरासत में लिया था। आरोप है कि एसएसपी पुलिस वाहन के अंदर भी गए और उसके साथ मारपीट की। घटना के वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। इस मामले को लेकर मानवाधिकार अदालत में याचिका दाखिल किए जाने की बात भी सामने आई थी। UP News
मेरठ से तबादले के ठीक पहले अविनाश पांडे पर एक और गंभीर आरोप लगा। भारतीय किसान यूनियन बीआर आंबेडकर के अध्यक्ष डॉ. दिग्विजय भाटी ने दावा किया कि वह अपने साथी मोहित जाटव के साथ एक गैंगस्टर मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर एसएसपी से मिलने पहुंचे थे। भाटी के अनुसार, उन्हें एसएसपी कार्यालय के भीतर बुलाया गया, जहां उनके साथ कथित तौर पर मारपीट की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में सिविल लाइंस थाना प्रभारी अखिलेश गौड़ उन्हें पुलिस लाइन स्थित एसओजी कार्यालय ले गए, जहां भी उनके और मोहित जाटव के साथ मारपीट की गई आरोप के मुताबिक, मारपीट में दिग्विजय भाटी की आंख से खून निकलने लगा, जिसके बाद पुलिस ने चिकित्सकों को बुलाकर उनका उपचार कराया। हालांकि, इन आरोपों को लेकर संबंधित पुलिस अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है। UP News
किसान नेता की कथित पिटाई के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी चर्चा में आ गया। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने घायल किसान नेता की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। इसी के बाद अविनाश पांडेय के तबादले को इस घटना से जोड़कर भी चर्चा शुरू हो गई।
हालांकि, तबादला आदेश में अविनाश पांडेय को हटाए जाने की वजह का कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। इसलिए उनके स्थानांतरण को किसी एक विवाद या घटना से जोड़कर देखना फिलहाल आधिकारिक रूप से पुष्ट नहीं है। UP News
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