
Ayodhya Darshan Guideline | अयोध्या दर्शन गाइडलाइन : अयोध्या में भगवान श्रीराम लला अपने भव्य, दिव्य और नव्य मंदिर में स्थापित हो चुके हैं। 22 जनवरी से लाखों की संख्या में श्रद्धालु अपने प्रिय राम लला के दर्शन करने के लिए पहुंच रहे हैं। गुरुवार को चेतना मंच ने अयोध्या दर्शन गाइडलाइन सीरिज के तहत आपको बताया था कि श्रीराम लला के दर्शन करने के लिए क्या नियम हैं और किस तरह से आप अयोध्या की यात्रा कर सकते हैं। अयोध्या दर्शन गाइडलाइन की दूसरी सीरिज में हम आपको आज बताएंगे कि श्रीराम मंदिर के अलावा अन्य कई स्थल हैं, जो श्रीराम मंदिर के आसपास ही स्थित है।
यदि आप अयोध्या जाकर अपने प्रिय श्रीराम लला के दर्शन करने और अयोध्या धूमने का प्लान बना रहे हैं तो जरा ठहर जाइए। अपने अयोध्या दर्शन प्लान में थोड़ा बदलाव कीजिए और अपने अयोध्या दर्शन कार्यक्रम में दो से तीन दिन का इजाफा कीजिए। क्योंकि अयोध्या में श्रीराम लला के भव्य मंदिर के आसपास ही कई ऐसे दर्शनीय स्थल हैं, जहां पर आपको जरुर जाना चाहिए।
अयोध्या में भगवान राम से जुड़े कई प्रमुख स्थान हैं, जिन्हें आपको जरुर देखना चाहिए। इन स्थानों पर भगवान राम के जीवन से जुड़े कई चिन्ह आपको देखने को मिलेंगे।
1. हनुमानगढ़ी
हनुमानगढ़ी की दूरी श्रीराम मंदिर से मात्र 500 मीटर है। राम मंदिर जाने से पहले हनुमान मंदिर के दर्शन करने की परंपरा रही है। आपको बता दें कि मंदिर में जो मूर्ति है, उसमें हनुमान जी मां अंजनी की गोद में विराजमान हैं। यह मंदिर सुबह 4.00 बजे से रात 10.00 बजे तक खुला रहता है।
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2. छोटी देवकाली
छोटी देवकाली मंदिर श्रीराम मंदिर से 1 किमी. की दूरी पर स्थित है। यह माता सीता की कुल देवी का मंदिर है। मान्यता है कि उन्होंने यहां माता पार्वती की प्रतिमा स्थापित की थी और माता यहां पूजा करने के लिए आती थीं। यह मंदिर दिनभर खुला रहता है।
3. कनक भवन
राम मंदिर से करीब एक मिलोमीटर की दूरी पर कनक भवन स्थित है। बताया जाता है कि माता कैकेयी ने श्रीराम और देवी सीता को यह भवन उपहार में दिया था। यह उनका व्यक्तिगत महल था। 1885 में ओरछा रियासत की महारानी वृषभानु कुंवरि जूदेवी ने वर्तमान भवन का निर्माण करवाया था। मंदिर के मुख्य गर्भगृह में श्रीराम और माता सीताजी की प्रतिमा स्थापित है। इस मंदिर के खुलने का समय सुबह 9 बजे से दोपहर 11. 30 बजे तक और शाम 4.30 से रात 9.30 तक है।
4. सीता रसोई
माता सीता की रसाई श्रीराम मंदिर से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। राम जन्म भूमि के उत्तर-पश्चिमी किनारे पर स्थित सीता की रसोई एक प्राचीन रसोई है। इसका उपयोग सीताजी किया करती थीं। यह दिनभर खुली रहती है।
5. सरयू तट
रामायण में सरयू नदी का जिक्र बार बार किया गया है। सरयू तट राम मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित है। इस तट पर विभिन्न पर्वों के समय भक्त पवित्र सरयू में डुबकी लगाने के लिए आते हैं। यहां शाम की आरती 6 से 7 के बीच में होती है, जो बेहद ही दर्शनीय है।
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6. सूर्यकुंड यहां भगवान सूर्य का मंदिर और कुंड है।
7. मणिराम दास छावनी
मणिराम दास छावनी, श्रीराम मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित है। इस मंदिर में आमने-सामने दो हवेलियां हैं। यहां के वाल्मीकि जी भवन की दो मंजिलों की दीवारों पर संपूर्ण वाल्मीकि रामायण अंकित है।
8. रामलला सदन
रामलला सदन, राम मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित है। अयोध्या में यह पहला ऐसा मंदिर है, जिसे द्रविड़ शैली में बनाया गया है। यह भगवान श्रीराम के कुलदेवता भगवान विष्णु के स्वरूप भगवान रंगनाथन का मंदिर है।
9. दशरथ महल
राम मंदिर से करीब 700 की दूरी पर दशरथ महल है। राजा दशरथ ने यह महल बनवाया था, हालांकि बाद में इसका कई बार जीर्णोद्धार हुआ। यहां भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और भरत की मूर्तियां हैं।
10. रंग महल
रंग महल भी श्रीराम मंदिर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित है। इस मंदिर के संत खुद को सीताजी की सखी मानते हैं। मान्यता है कि विवाह के बाद इस मंदिर में माता सीता की मुंह दिखाई रस्म हुई थी।
11. भरत कुंड श्रीराम की पादुका रखकर भरत ने यहीं से 14 साल शासन किया।
12. गुप्तारघाट यहीं श्रीराम ने जल समाधि ली थी। वे यहीं से साकेतधाम चले गए थे।
13. मखभूमि यहीं श्रीराम के जन्म के लिए राजा दशरथ ने यज्ञ किया था।
14- नागेश्वरनाथ महादेव दर्शन
नागेश्वर नाथ महादेव मंदिर भी श्रीराम मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित है। यह मंदिर राम की पेडी में स्थित है। ऐसी मान्यता है कि इसका निर्माण श्रीराम के छोटे पुत्र कुश ने करवाया था।
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■ रामनवमी, दीपावली दोनों पर खास उत्सव का माहौल होता है। इन दिनों यहां भक्त बड़ी संख्या में आते हैं।
■ चैत्र, कार्तिक और सावन में यहां बड़ी संख्या में भक्त आते हैं।
■ सावन झूला मेला (जुलाई-अगस्त) यहां देखने लायक होता है।
■ अक्टूबर-नवंबर में 14 कोसी परिक्रमा के साथ यहां कार्तिक मेला लगता है।
■ हर माह पूर्णिमा पर सरयू स्नान के दौरान यहां उत्सव का माहौल रहता है।
■ आप राम जन्मभूमि परिसर के अंदर निजी सामान (फोन, वॉलेट, चार्जर, पेन, 1. नोटबुक) नहीं ले जा सकते। परिसर में लॉकर निःशुल्क है।
■ पूरे शहर के लिए ई-बसें शुरू की जा रही हैं। इसके अलावा गोल्फ कॉर्ट भी उपलब्ध रहेगी, जिसका किराया प्रतिव्यक्ति 50 रुपए रहेगा।
■ मौसम और पर्व के लिहाज से अयोध्या जाने का सबसे अच्छा समय मार्च, 3. अप्रैल, मई, अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर के महीने हैं।
■ राम मंदिर में बुजुर्गों और दिव्यांग भक्तों के। लिए व्हील चेयर और लिफ्ट की 4. व्यवस्था निःशुल्क उपलब्ध है।
■ अयोध्या के अलावा लखनऊ में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा है। यह अयोध्या से लगभग 152 किलोमीटर दूर है। गोरखपुर, प्रयागराज और वाराणसी हवाई अड्डों के बीच की दूरी क्रमशः 158 किमी, 172 किमी और 224 किमी है।
■ रामलला के मंदिर के ठीक बाहर अमावा पटना के महावीर मंदिर ट्रस्ट की राम रसोई है। राम रसोई में रामलला के दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को यहां आधार कार्ड दिखाने से निःशुल्क भोजन मिलता है।
■ अयोध्या के लिए लखनऊ अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से टैक्सी मिल जाएगी। 1. करीब 3000 रुपए में टैक्सी बुक करके लखनऊ से अयोध्या जा सकते हैं।
■ अयोध्या में राममंदिर में दर्शन के दौरान कम से कम 5 चौकियां हैं, जहां 8. आपको सुरक्षा जांच र से गुजरना पड़ सकता है।
■ अगर अचानक किसी चिकित्सा सहायता की जरूरत पड़ती है तो राम मंदिर का चिकित्सा शिविर है। इसके अलावा नजदीक ही श्रीराम अस्पताल भी है।
■ हेल्प लाइन: सहायता के लिए रामजन्म भूमि थाना SHO से 9454403310 पर और रामजन्म भूमि हेल्प डेस्क - 05278 292000 पर संपर्क कर सकते हैं। Ayodhya Darshan Guideline