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उत्तर प्रदेश में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर को मिले दान में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ी के आरोपों की जांच कर रही तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है।

UP News : उत्तर प्रदेश में अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर को मिले दान में कथित अनियमितताओं और गड़बड़ी के आरोपों की जांच कर रही तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम (SIT) ने अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम ने विस्तृत तथ्यों, दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की समीक्षा के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार की है, जिसे उत्तर प्रदेश गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय प्रसाद को सौंपा गया है। सूत्रों के अनुसार, यह रिपोर्ट लगभग 100 से 125 पन्नों की है, जिसमें कई अहम बिंदुओं और संभावित सिफारिशों का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, रिपोर्ट की विस्तृत सामग्री को अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। UP News
गौरतलब है कि राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े अनुरोध के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर तीन सदस्यीय SIT का गठन किया गया था। टीम को 15 दिनों के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था। जांच के तहत टीम ने अयोध्या में लगभग सात दिनों तक विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल की और उपलब्ध रिकॉर्ड, वित्तीय दस्तावेजों तथा लेन-देन से जुड़े तथ्यों का विश्लेषण किया। सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक रिपोर्ट में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिन पर आगे विस्तृत जांच की आवश्यकता बताई गई है। SIT ने फिलहाल किसी निष्कर्ष को अंतिम नहीं माना है और जांच प्रक्रिया को जारी रखा है। टीम के सदस्यों ने रिपोर्ट को लेकर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। केवल इतना स्पष्ट किया गया है कि यह प्रारंभिक चरण की रिपोर्ट है और जांच अभी प्रचलन में है। जांच के पहले चरण के पूरा होने के बाद अब मामले में कुछ नए नामों के सामने आने की चर्चा तेज हो गई है। बताया जा रहा है कि ऐसे कई लोग भी जांच के दायरे में आ सकते हैं, जो सीधे तौर पर मंदिर प्रशासन से जुड़े नहीं हैं, लेकिन प्रभावशाली लोगों से उनके संबंध रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, इन संभावित नामों से पूछताछ की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, सोमवार को टीम के सभी सदस्य परिसर में मौजूद नहीं थे, जिसके कारण व्यापक पूछताछ नहीं हो सकी। UP News
जांच का दायरा केवल चढ़ावे तक सीमित नहीं रहा, बल्कि मंदिर निर्माण में प्रयुक्त धातुओं के उपयोग और उनके भंडारण की प्रक्रिया भी अब जांच के घेरे में है।सूत्र बताते हैं कि प्रारंभिक जांच में इस बात पर भी ध्यान दिया गया है कि चढ़ावे की गिनती और सुरक्षित रखने की प्रक्रिया में अपेक्षित मानकों का पालन नहीं किया गया। सुरक्षा और लेखा-जोखा व्यवस्था को लेकर कई स्तरों पर खामियां सामने आने की बात कही जा रही है। UP News
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