अयोध्या में टीवी डिबेट के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद से कथित अभद्रता के बाद महंत राजू दास ने निषाद समाज से माफी मांगी है। जानिए पूरा विवाद।

Up News : उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक बड़ा मुद्दा गूंज रहा है। अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजूदास से जुड़े हुए इस मामले को हम विस्तार से यहां आपको बता रहे हैं। यह मामला धार्मिक होने के कारण अचानक पूरे उत्तर प्रदेश में बड़ी चर्चा का केंद्र बन गया है। उत्तर प्रदेश का यह चर्चित मामला एक TV डिबेट से शुरू हुआ था। आपको बता दें कि टीवी डिबेट के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद के साथ कथित गाली-गलौज और अभद्र भाषा के इस्तेमाल को लेकर विवादों में घिरे अयोध्या के हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास अब बैकफुट पर नजर आ रहे हैं। मामले को निषाद समाज से जोड़कर कांग्रेस और समाज के विभिन्न वर्गों की ओर से विरोध तेज होने के बाद महंत राजू दास निषाद बस्ती पहुंचे और लोगों से मुलाकात कर अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि उनका निशाना निषाद समाज नहीं, बल्कि टीवी डिबेट में मौजूद कांग्रेस प्रवक्ता थे। इसके बावजूद यदि उनकी बातों से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं। Up News
दरअसल, अयोध्या में आयोजित मछली भात कार्यक्रम को लेकर चल रही राजनीतिक बहस के दौरान महंत राजू दास और कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद आमने-सामने थे। बहस के दौरान दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हुई और मामला व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक पहुंच गया। आरोप है कि इसी दौरान महंत राजू दास ने कांग्रेस प्रवक्ता के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला तेजी से राजनीतिक और सामाजिक मुद्दा बन गया। कांग्रेस ने महंत के व्यवहार पर कड़ी आपत्ति जताई और टीवी डिबेट में उनके साथ शामिल होने वाले प्रवक्ताओं के बहिष्कार का भी ऐलान किया था। Up News
विवाद उस समय और गहरा गया जब कांग्रेस ने महंत राजू दास के बयान को निषाद समाज के सम्मान से जोड़ते हुए विरोध तेज कर दिया। मथुरा समेत कई स्थानों पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और निषाद समाज से जुड़े लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया। मथुरा में महंत के खिलाफ प्रदर्शन और पुतला दहन की खबरें भी सामने आईं। इसके बाद महंत राजू दास ने निषाद बस्ती पहुंचकर समाज के लोगों से संवाद किया। उन्होंने निषाद राज का उल्लेख करते हुए कहा कि निषाद राज भगवान राम के परम मित्र थे और उनके शब्दों का उद्देश्य पूरे निषाद समाज को अपमानित करना नहीं था। उन्होंने कहा कि यदि उनके शब्दों से समाज के किसी व्यक्ति को दुख पहुंचा है तो वह क्षमा मांगते हैं। Up News
महंत राजू दास ने अपनी सफाई में यह भी स्पष्ट करने की कोशिश की कि टीवी डिबेट में उनकी टिप्पणी कांग्रेस प्रवक्ता के साथ हुए विवाद के संदर्भ में थी। उनका कहना है कि विपक्षी नेताओं की ओर से इस पूरे मामले को निषाद समाज के अपमान से जोड़कर राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। हालांकि, कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद का कहना है कि डिबेट के दौरान उनके साथ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया गया, उससे वह मानसिक रूप से आहत हुए हैं। उन्होंने सार्वजनिक बहस में मर्यादित भाषा के इस्तेमाल की जरूरत पर जोर दिया। Up News
इस विवाद के बाद उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने उन टीवी डिबेट का बहिष्कार करने का फैसला किया था, जिनमें महंत राजू दास बतौर पैनलिस्ट मौजूद हों। कांग्रेस का आरोप था कि लाइव डिबेट में पार्टी प्रवक्ता के साथ अभद्र भाषा और धमकी का इस्तेमाल किया गया। पार्टी ने मामले की मूल रिकॉर्डिंग और डिजिटल साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई थी। Up News
महंत राजू दास और कांग्रेस के बीच विवाद की पृष्ठभूमि में अयोध्या का मछली भात कार्यक्रम है। इस कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय की मौजूदगी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच पहले से राजनीतिक बयानबाजी चल रही है। भाजपा की ओर से सवाल उठाए गए, जबकि कांग्रेस ने अजय राय के मछली खाने के आरोपों को चुनौती दी है। अजय राय पहले ही कह चुके हैं कि यदि उनके मछली खाने का कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। इसी मुद्दे पर टीवी डिबेट के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता कुंवर सिंह निषाद और महंत राजू दास के बीच विवाद बढ़ गया था। Up News
महंत राजू दास की ओर से निषाद समाज से माफी मांगने के बाद विवाद को शांत करने की कोशिश जरूर दिखाई दे रही है, लेकिन टीवी डिबेट में हुई कथित अभद्रता का राजनीतिक असर अभी खत्म नहीं हुआ है। कांग्रेस जहां इसे सार्वजनिक संवाद की मर्यादा से जोड़ रही है, वहीं महंत राजू दास ने इसे कांग्रेस प्रवक्ता के साथ व्यक्तिगत बहस का मामला बताते हुए निषाद समाज के प्रति सम्मान व्यक्त किया है। अब देखना यह होगा कि महंत की माफी के बाद निषाद समाज और कांग्रेस का रुख नरम पड़ता है या यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में आगे भी नया मोड़ लेता है। Up News
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