
Ayodhya News: खबर उत्तर प्रदेश के अयोध्या से है और श्रीराम मंदिर परिसर से जुड़ी है। अयोध्या में इन दिनों श्रीराम मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। लेकिन इसी बीच खबर आई है कि श्रीराम मंदिर परिसर को 108 एकड़ तक बढ़ाया जा सकता है। यह खुलासा श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर ने किया है।
आपको बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अधिग्रहित 67.703 एकड़ भूमि राम मंदिर निर्माण के लिए नवगठित श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी गई थी। मंदिर निर्माण के साथ ट्रस्ट ने उक्त भूमि से सटे कुछ मंदिर और उनकी भूमि को खरीदा। जिससे श्री राम जन्मभूमि परिसर का दायरा बढ़ गया है। अब श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य और आंदोलन के दौरान 1989 में मंदिर का शिलान्यास करने वाले कामेश्वर चौपाल की माने तो धीरे-धीरे राम जन्मभूमि परिसर का क्षेत्र 108 एकड़ तक बढ़ाया जाएगा, क्योंकि हिंदू समाज का पवित्रतम अंक 108 माना गया है।
कामेश्वर चौपाल ने कहा कि ट्रस्ट के अधिकतर सदस्यों की भी यही भावना है कि मंदिर की परिधि 108 एकड़ तक बढ़ जाए जो एक शुद्ध अंक जो माना जाता है हिंदू धर्म में श्री श्री 108 का परिक्षेत्र भी हो जाए। हालांकि उन्होंने साफ किया कि इसके लिए किसी को दबाया या प्रताड़ित नहीं किया जाएगा, बल्कि उनके भीतर राष्ट्र का भाव और स्वाभिमान का भाव जागृत करके किया जाएगा।
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने कहा कि जब समर्पण का भाव मन में होता है अर्पण करने का भाव मन में होता है तो सीमाएं नहीं होती। हमारी और अधिकांश ट्रस्ट के सदस्यों की आकांक्षा है कि हिंदू समाज का पवित्रतम अंक 108 माना गया है। हमारे पास अभी जो भूमि उपलब्ध है वो 108 एकड़ भूमि की जाए. इसके लिए हम लोग प्रयास करते रहेंगे। उस प्रयास में विनय ही रहेगा उसमें किसी को दबाने, या किसी को सताने या प्रताड़ित करने का भाव नहीं रहेगा।
श्री राम मंदिर के चारों ओर जो एक किलोमीटर लंबाई में परकोटा बनाया जा रहा है। जो 6 एकड़ भूमि में बन रहा था अब वह अब बढ़ाकर 8 एकड़ भूमि की परिधि में बनेगा। परकोटे की इस परिपथ में विध्नहर्ता गणेश जी, माता सीता, जटायु, निषाद राज, शबरी सहित रामायण से संबंधित पात्रों के भी मंदिर बनेंगे। कामेश्वर चौपाल ने कहा कि देश का एक मनोभाव आया कि भगवान के मंदिर की भव्यता होनी चाहिए। संतों का भी सुझाव था तो हम लोगों ने उनके सुझाव को माना। मंदिर की लंबाई चौड़ाई ऊंचाई सब बढ़ गई। अब उसी तरह से मंदिर का जो परकोटा एरिया है वो पहले 6 एकड़ था लेकिन अब 8 एकड़ में जाएगा।