अयोध्या के राम मंदिर में अब सिर्फ दर्शन और पूजा की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि पूरा प्रशासनिक सिस्टम नए अंदाज में दिखाई दे सकता है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मंदिर की निगरानी और संचालन व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी कर रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर की व्यवस्थाओं को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट अब अपने प्रशासनिक और सूचना तंत्र में महत्वपूर्ण बदलाव करने जा रहा है। मंदिर की बढ़ती लोकप्रियता, लगातार बढ़ रही श्रद्धालुओं की संख्या और रोजाना सामने आने वाली व्यवस्थागत चुनौतियों को देखते हुए ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक केंद्रीकृत तथा जवाबदेह बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में राम मंदिर ट्रस्ट के लिए आधिकारिक प्रवक्ता की नियुक्ति और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) जितेंद्र मिश्र का अयोध्या में स्थायी प्रवास शामिल है। ट्रस्ट से जुड़ी ताजा जानकारी के मुताबिक CEO के रहने और कार्यालय की व्यवस्था मंदिर परिसर में ही की जा रही है, ताकि मंदिर की दैनिक व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जा सके। UP News
राम मंदिर ट्रस्ट की ओर से मीडिया के साथ संवाद को व्यवस्थित करने के लिए आधिकारिक प्रवक्ता नियुक्त किए जाने की योजना है। इसका एक प्रमुख उद्देश्य मंदिर से जुड़ी सूचनाओं को अधिकृत माध्यम से मीडिया और श्रद्धालुओं तक पहुंचाना बताया गया है। मंदिर निर्माण, धार्मिक आयोजन, प्रशासनिक निर्णय, श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा अन्य महत्वपूर्ण विषयों को लेकर अलग-अलग स्तरों से आने वाली सूचनाओं के बीच ट्रस्ट अब एक ऐसा आधिकारिक माध्यम तैयार करना चाहता है, जहां से प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध हो सके। 21 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार आगामी 2 दिसंबर को होने वाली ट्रस्ट की उच्चस्तरीय बैठक में प्रवक्ता की नियुक्ति पर औपचारिक चर्चा और घोषणा किए जाने की बात सामने आई है। ट्रस्ट से जुड़े महंत दिनेंद्र दास ने एक वरिष्ठ प्रतिनिधि के नाम का प्रस्ताव होने की जानकारी दी है, हालांकि अंतिम औपचारिक निर्णय ट्रस्ट की बैठक में होना है। UP News
राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO बनाए गए सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रअब अयोध्या में स्थायी रूप से रहकर मंदिर प्रशासन की निगरानी करेंगे।ट्रस्ट की ओर से उनके लिए मंदिर परिसर में ही आवास और कार्यालय की व्यवस्था किए जाने की जानकारी सामने आई है। इसका सीधा असर मंदिर की रोजमर्रा की प्रशासनिक व्यवस्था पर पड़ सकता है।अब श्रद्धालुओं की सुविधाओं, मंदिर परिसर की व्यवस्थाओं, सुरक्षा से जुड़े समन्वय और विभिन्न विभागों के बीच तालमेल की निगरानी के लिए CEO की मौजूदगी अयोध्या में ही रहेगी। किसी व्यवस्थागत समस्या के सामने आने पर उसके समाधान के लिए तत्काल प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई की जा सकेगी। UP News
CEO की नियुक्ति के बाद ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में बदलाव का असर कर्मचारियों और विभिन्न विभागों के कामकाज पर भी पड़ रहा है।21 सितंबर को सामने आई एक अन्य रिपोर्ट के अनुसार ट्रस्ट ने मंदिर से जुड़े कर्मचारियों से विस्तृत बायोडाटा मांगा है, जिसमें उनकी शैक्षणिक योग्यता, आय, पारिवारिक पृष्ठभूमि और तकनीकी कौशल जैसी जानकारियां शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक इसका उद्देश्य कर्मचारियों की योग्यता और उनके दायित्वों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना तथा प्रशासनिक निगरानी मजबूत करना है।इससे संकेत मिलता है कि ट्रस्ट अब केवल धार्मिक आयोजन और मंदिर निर्माण तक सीमित प्रशासनिक व्यवस्था के बजाय दैनिक संचालन, मानव संसाधन, वित्तीय पारदर्शिता और निगरानी पर भी अधिक ध्यान दे रहा है। UP News
राम मंदिर ट्रस्ट की सितंबर की बैठकों में CEO की नियुक्ति, प्रवक्ता की तैनाती और ट्रस्ट की नियमावली में संभावित संशोधन जैसे विषय एजेंडे में शामिल रहे हैं। 2 सितंबर की प्रस्तावित बैठक के एजेंडे में CEO की नियुक्ति के साथ प्रेस प्रवक्ता की नियुक्ति और ट्रस्ट अभिलेख एवं नियमावली में संशोधन पर विचार का उल्लेख किया गया थाइसके बाद सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र को ट्रस्ट का पहला CEO नियुक्त किए जाने की जानकारी सामने आई। नए प्रशासनिक ढांचे में दैनिक प्रबंधन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और प्रशासनिक निर्णयों के लिए स्पष्ट जिम्मेदारी तय करने पर जोर दिया गया है। UP News
राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे को और विस्तार देने की दिशा में Joint CEO और Deputy CEO जैसे पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया की भी जानकारी सामने आई है। रिपोर्टों के अनुसार इन पदों पर नियुक्तियां CEO के पैनल के आधार पर किए जाने की योजना है।इसका अर्थ यह है कि राम मंदिर का प्रशासन अब धीरे-धीरे एक अधिक व्यवस्थित पेशेवर प्रबंधन संरचना की ओर बढ़ रहा है। UP News
राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी चोरी की घटना के बाद ट्रस्ट के कामकाज में पारदर्शिता, निगरानी और जवाबदेही को लेकर चर्चाएं तेज हुई थीं। इसी पृष्ठभूमि में कर्मचारियों की जानकारी जुटाने, CEO की नियुक्ति और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को स्पष्ट करने जैसे कदम सामने आए हैं।ट्रस्ट की नई व्यवस्था का वास्तविक प्रभाव आने वाले समय में मंदिर के दैनिक संचालन में दिखाई देगा। UP News
प्रशासनिक ढांचे में परिवर्तन के बावजूद ट्रस्ट से जुड़े महंत दिनेंद्र दास ने स्पष्ट किया है कि रामलला की पूजा-अर्चना, सेवा नियमावली और धार्मिक कार्य रामानंदी परंपरा के अनुरूप ही संचालित होते रहेंगे। प्रशासनिक बदलावों का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं में परिवर्तन करना नहीं बल्कि मंदिर के संचालन और प्रबंधन को व्यवस्थित करना बताया गया है। UP News
राम मंदिर के निर्माण के बाद अब उसका प्रशासनिक स्वरूप भी एक नए चरण में प्रवेश करता दिखाई दे रहा है। CEO की अयोध्या में स्थायी मौजूदगी, आधिकारिक प्रवक्ता की नियुक्ति, कर्मचारियों की जानकारी का परीक्षण और भविष्य में Joint CEO तथा Deputy CEO जैसे पदों की व्यवस्था ये सभी कदम मंदिर के बढ़ते प्रशासनिक दायरे की ओर संकेत करते हैं।आने वाले दिनों में ट्रस्ट की बैठकों में होने वाले फैसलों से यह और स्पष्ट होगा कि राम मंदिर की दैनिक व्यवस्थाओं, मीडिया संवाद, कर्मचारियों और प्रशासनिक विभागों में किस स्तर तक फेरबदल किया जाता है। UP News
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