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उत्तर प्रदेश में स्थापित भगवान श्रीराम का अयोध्या मंदिर एक बार फिर चर्चा में है। हमेशा सकारात्मक कारणों से चर्चा में रहने वाला अयोध्या मंदिर इस बार चंदा चोरी के आरोपों के कारण चर्चा में है। आरोप है कि अयोध्या के मंदिर से करोड़ों रूपए का चंदा तथा चंदे में मिला बेशकीमती सामान चोरी हो गया है।

UP News : उत्तर प्रदेश में स्थापित भगवान श्रीराम का अयोध्या मंदिर एक बार फिर चर्चा में है। हमेशा सकारात्मक कारणों से चर्चा में रहने वाला अयोध्या मंदिर इस बार चंदा चोरी के आरोपों के कारण चर्चा में है। आरोप है कि अयोध्या के मंदिर से करोड़ों रूपए का चंदा तथा चंदे में मिला बेशकीमती सामान चोरी हो गया है। चंदा चोरी के आरोपों को अफवाह बताने वाले भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधने लगे हैं। विश्व के सबसे बड़े संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने चंदा चोरी के मामले की पूरी रिपोर्ट मांग ली है। UP News
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) ने राम मंदिर में हुए चंदा चोरी की रिपोर्ट मंदिर ट्रस्ट से मांगी है। RSS के द्वारा चंदा चोरी की रिपोर्ट मांगने का सीधा मतलब यह है कि चंदा चोरी के सभी आरोप सच साबित हो रहे हैं। इस बात की भरपूर संभावना है कि जल्दी ही श्रीराम मंदिर ट्रस्ट की पूरी व्यवस्था को बदला जाएगा। इस मामले में ट्रस्ट के सूत्रों ने दावा किया है कि चंदा चोरी के आरोपों के कारण जांच के दायरे में आए कुछ कर्मचारियों की, भूमिका को लेकर सवाल उठने के बाद उनकी सेवाएं समाप्त करने अथवा उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से हटाने पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा मंदिर परिसर में कार्यरत कई कर्मचारियों के दायित्वों में भी बदलाव किया जा सकता है, ताकि व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जा सके। सूत्र बताते हैं कि सम मंदिर ट्रस्ट पहले से ही मामले की आंतरिक जांच करा रहा है। सीसीटीवी फुटेज, लेखा अभिलेखों और संबंधित कर्मचारियों की गतिविधियों की पैड़ताल की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। UP News
चंदा चोरी के आरोपों के बीच राम भक्तों का कहना है कि इस मंदिर निर्माण के लिए भारत की धरती एवं विदेशों में भी जन्म लेने वाला भारतवासी जो सनातनी है व्यवसाय से लेकर भिक्षा मांगने वालों तक अपनी सामर्थ्य के अनुसार मंदिर निर्माण के लिए अपनी पूरी क्षमता के साथ सहयोग किया। इस पूरे चढ़ावा चोरी प्रकरण से आम हिंदू समाज की भावनाएं आहत हुई है । मोदी और योगी पर जनता का अटूट विश्वास है किन्तु चंदा चोरी के कारण आम जनमानस का यह विश्वास डगमगाएगा। ट्रस्ट के एक बहुत छोटे कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कई किलो सोना और हीरे मोती जो दान पत्र में डाले जाते थे इसका लेखा-जोखा नहीं है पूर्व में गुजरात के एक हीरा व्यवसायी ने 11 करोड़ का मुकुट श्री राम जन्मभूमि को सौपा था वह भी गायब था। जब ऑनलाइन मुकदमा पंजीकृत हुआ उसके बाद वही गायब मुकुट बरामद हो गया था। आखिर कैसे, आनन फानन में गायब मुकुट बरामद हो गया था, इस रहस्य को दफन कर दिया गया था। इधर जब विपक्षी पार्टियों ने इस चंदा चोरी प्रकरण पर सवाल उठाना शुरू किया तो ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय सामने आए और सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनमानस को यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया कि किसी प्रकार की चंदा चोरी नहीं की गई यह ऑडिट का मामला है हर महीने इस प्रकार की कार्यवाही होती है लेकिन आम जनमानस से चंपत राय का विश्वास डगमगा गया है। जनता को यह लगने लगा है कि कुछ ना कुछ तो गड़बड़ अवश्य ही है जो बार बार सामने आकर सफाई देने लगते हैं। देश के कई प्रमुख अखबारों ने इस खबर को पहली खबर बनाते हुए प्रथम पेज पर प्रकाशित किया है ट्रस्ट के ट्रस्टी अनिल मिश्रा ,गोपाल जी, चंपतराय नोट गिनने वाले संगणक आम जनमानस की नजर में विश्वास खो चुके हैं आम जनमानस की मांग है कि चंपत राय, अनिल मिश्रा बैंक कर्मियों तथा नोट गिनने वालों के साथ चंपत राय के ड्राइवर राम शंकर यादव का नार्को टेस्ट कराया जाए तभी दूध का दूध और पानी का पानी होगा। UP News
ट्रस्ट से जुड़े एक राम भक्त का कहना है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय का ड्राइवर राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव का आधार कार्ड एवं पैन कार्ड एवं उसके परिवार रिश्तेदारों का आधार पैन व बैंक खाता चेक कराया जाए तो खुद ही पता चल जाएगा की मंदिर फैसले के पहले इनके पास कितनी संपत्ति थी और वर्तमान समय में उनकी संपत्ति कितनी है अगर करोड़ों की संपत्ति आई तो कहां से आई, जनपद अयोध्या में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू के कई होटलो में हिस्सेदारी है और कई आवासीय प्लेटों के मालिक हैं, तथा आधा दर्जन इनका अयोध्या में निजी रेस्टोरेंट है। टिन्नू यादव के पास यह अकूत संपत्ति कहां से आई क्योंकि मामला ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय का है इसलिए कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है। UP News
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