उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या के रामनवमी मेले को राष्ट्रीय दर्जा देकर इसे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ दिया है,जिससे देशभर के श्रद्धालुओं की भागीदारी और बढ़ने की उम्मीद है। परंपरा के अनुसार मेला प्रतिपदा से आरंभ होता है, लेकिन श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी भीड़ सप्तमी से बढ़ने लगती है।

UP News : उत्तर प्रदेश की धार्मिक–सांस्कृतिक राजधानी अयोध्या एक बार फिर रामभक्ति और सांस्कृतिक वैभव के बड़े मंच के रूप में तैयार है। चैत्र नवरात्र के पहले दिन, यानी चैत्र शुक्ल प्रतिपदा (19 मार्च) से रामनवमी उत्सव/मेला औपचारिक रूप से शुरू होगा। उत्तर प्रदेश सरकार ने अयोध्या के रामनवमी मेले को राष्ट्रीय दर्जा देकर इसे प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान से जोड़ दिया है,जिससे देशभर के श्रद्धालुओं की भागीदारी और बढ़ने की उम्मीद है। परंपरा के अनुसार मेला प्रतिपदा से आरंभ होता है, लेकिन श्रद्धालुओं की सबसे बड़ी भीड़ सप्तमी से बढ़ने लगती है। रामनवमी (नवमी) के दिन रामलला के दर्शन के लिए अयोध्या में उत्साह चरम पर रहता है। प्रशासन और आयोजन से जुड़े विभागों ने इस दौरान भीड़, यातायात और सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में रामोत्सव की परंपरा को और विस्तार दिया गया है। यह आयोजन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र, उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त समन्वय से किया जा रहा है। तय कार्यक्रम के अनुसार 19 मार्च को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अयोध्या पहुंचेंगी और रामोत्सव का अनावरण करेंगी। कार्यक्रम के अंतर्गत राष्ट्रपति राम मंदिर के दूसरे तल पर स्थित “राम नाम मंदिर” में पूजन भी करेंगी। इसी दिन भगवान राम के विशेष यंत्र की स्थापना प्रस्तावित है। जानकारी के अनुसार जिस श्रीराम यंत्र की स्थापना प्रस्तावित है, वह कांची कामकोटि पीठ के शंकराचार्य स्वामी विजयेन्द्र सरस्वती के मार्गदर्शन में तैयार कराया गया है। बताया गया है कि यह स्वर्ण यंत्र पूर्व में कांचीपुरम से अयोध्या भेजा गया था, जिसे शोभायात्रा के जरिए यहां लाया गया था। सूत्रों के मुताबिक शंकराचार्य स्वामी विजयेन्द्र सरस्वती भी यंत्र स्थापना के अवसर पर अयोध्या में उपस्थित रह सकते हैं।
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से 19 मार्च से प्रस्तावित सम्मान समारोह में राम मंदिर निर्माण से जुड़े करीब 400 श्रमिकों को सम्मानित किया जाएगा। इस अवसर पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत अन्य विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की जानकारी है। आयोजन में करीब 5,000 अतिथियों को आमंत्रित किए जाने की तैयारी है, जिनमें उत्तर प्रदेश–उत्तराखंड के साथ अन्य राज्यों के प्रमुख कारसेवकों के परिजन भी शामिल हो सकते हैं। खास बात यह है कि समारोह के दौरान राम मंदिर में दर्शन व्यवस्था जारी रहेगी। UP News