अयोध्या में विश्व हिंदू महासंघ के तत्वावधान में गोरक्षपीठ के पूर्व महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि पर विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में साधु-संत, धर्माचार्य और हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए।

UP News : अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर निर्माण के बाद अब काशी और मथुरा के धार्मिक स्थलों को लेकर भी धार्मिक संगठनों की सक्रियता बढ़ती दिखाई दे रही है। अयोध्या में विश्व हिंदू महासंघ के तत्वावधान में गोरक्षपीठ के पूर्व महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि पर विशाल शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में साधु-संत, धर्माचार्य और हिंदू संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता शामिल हुए। शोभायात्रा के दौरान काशी विश्वनाथ और मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े धार्मिक स्थलों की मुक्ति की मांग उठाई गई। यात्रा के दौरान ‘अयोध्या तो बस झांकी है, काशी-मथुरा बाकी है’ और ‘अयोध्या के बाद अब काशी-मथुरा की बारी’ जैसे नारे भी लगाए गए। UP News
आयोजित शोभायात्रा अयोध्या के गांधी पार्क से शुरू होकर सिविल लाइन तक पहुंची। यात्रा में साधु-संतों के अलावा विभिन्न धार्मिक संगठनों और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। शोभायात्रा के दौरान धार्मिक झांकियां और प्रतीक भी आकर्षण का केंद्र रहे। आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम का उद्देश्य महंत अवैद्यनाथ की धार्मिक और सामाजिक विरासत को याद करते हुए सनातन से जुड़े मुद्दों को लेकर जनजागरण करना था। UP News
शोभायात्रा में शामिल संतों ने काशी और मथुरा के धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने काशी विश्वनाथ परिसर में नंदी के इंतजार और मथुरा में भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े स्थलों की मुक्ति की बात कही। संतों ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद अब काशी और मथुरा उनके आंदोलन के प्रमुख केंद्र हैं। हालांकि, ये मांगें धार्मिक संगठनों और संतों की ओर से उठाई गई हैं। UP News
आयोजकों ने कहा कि महंत अवैद्यनाथ का जीवन श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन और सनातन चेतना के लिए समर्पित रहा। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर अयोध्या में आयोजित कार्यक्रम को इसी विरासत से जोड़कर देखा गया। विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि महंत अवैद्यनाथ के नेतृत्व में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन को मजबूती मिली और आज अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हो चुका है। उनके मुताबिक, इसी तरह अब मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े मुद्दे को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया गया है। UP News
उमेश प्रताप सिंह के अनुसार, महंत अवैद्यनाथ की पुण्यतिथि के अवसर पर हिंदू संगठनों की ओर से 75 जिलों में कृष्ण जन्मभूमि आंदोलन को गति देने के लिए शोभायात्राओं का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि अयोध्या से शुरू हुआ यह संकल्प अब मथुरा तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। आयोजकों ने इसे सनातन समाज की धार्मिक भावनाओं से जुड़ा मुद्दा बताया। UP News
अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद काशी और मथुरा से जुड़े धार्मिक मुद्दे एक बार फिर सार्वजनिक विमर्श में आते रहे हैं। अयोध्या में हुई इस शोभायात्रा के दौरान संतों की ओर से काशी और मथुरा को लेकर दिए गए बयानों से इन मुद्दों पर धार्मिक और राजनीतिक चर्चा और तेज होने की संभावना है। फिलहाल, शोभायात्रा के जरिए आयोजकों ने अपनी मांग और आगे की रणनीति को लेकर स्पष्ट संदेश देने की कोशिश की है। कार्यक्रम में शामिल संतों और कार्यकर्ताओं ने काशी तथा मथुरा से जुड़े धार्मिक स्थलों की मुक्ति के संकल्प को दोहराया। UP News
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