उत्तर प्रदेश में अयोध्यावासी वैश्य समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची में शामिल करने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। तीन दशक से चली आ रही मांग को लेकर अयोध्यावासी वैश्य आरक्षण अभियान समिति ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर समाज को OBC सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की।

UP News : उत्तर प्रदेश में अयोध्यावासी वैश्य समाज को अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की सूची में शामिल करने की करीब तीन दशक पुरानी मांग एक बार फिर जोर पकड़ती दिखाई दे रही है। लंबे समय से चली आ रही इस मांग को लेकर अब समाज के प्रतिनिधियों ने एक बार फिर सरकार का ध्यान आकर्षित किया है। अयोध्यावासी वैश्य आरक्षण अभियान समिति ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन भेजकर समाज को राज्य की OBC सूची में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने की मांग की है। समिति ने अपनी मांग के समर्थन में पिछड़ा वर्ग आयोग की पूर्व संस्तुतियों का हवाला देते हुए समाज की वर्तमान सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक स्थिति का नए सिरे से परीक्षण कराने की मांग भी उठाई है। संगठन का कहना है कि वर्षों से मांग उठाए जाने के बावजूद मामला अब तक निर्णायक स्तर तक नहीं पहुंच सका है। ऐसे में समिति ने सरकार से उपलब्ध तथ्यों और पूर्व में हुई कार्रवाई की समीक्षा कर नियमानुसार आगे की प्रक्रिया शुरू करने की अपील की है। UP News
समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि अयोध्यावासी वैश्य समाज लंबे समय से OBC सूची में शामिल किए जाने की मांग करता रहा है। ज्ञापन में दावा किया गया है कि पिछड़ा वर्ग आयोग ने वर्ष 2012 में सर्वेक्षण के बाद समाज को राज्य पिछड़ा वर्ग में शामिल करने की संस्तुति की थी। संगठन का कहना है कि इसके बावजूद इस विषय पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका। हाल की एक रिपोर्ट में भी बांदा में समाज की ओर से 30 वर्षों से OBC में शामिल किए जाने की मांग दोहराए जाने और पूर्व में आयोग की ओर से संस्तुतियां भेजे जाने का उल्लेख है। UP News
अयोध्यावासी वैश्य आरक्षण अभियान समिति ने समाज की आर्थिक, सामाजिक और शैक्षणिक स्थिति को अपनी मांग का प्रमुख आधार बताया है। संगठन के अनुसार समाज के कई परिवार छोटे कारोबार, रेहड़ी और ठेला आदि के माध्यम से अपना जीवनयापन कर रहे हैं। समिति ने सरकार से मांग की है कि समाज की मौजूदा सामाजिक और आर्थिक स्थिति का नियमानुसार परीक्षण कराया जाए। इसके बाद उपलब्ध तथ्यों और निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर OBC सूची में शामिल करने को लेकर निर्णय लिया जाए। UP News
ज्ञापन में पिछड़ा वर्ग आयोग की पूर्व संस्तुतियों का भी उल्लेख किया गया है। संगठन का कहना है कि वर्ष 2023 में भी सरकार के समक्ष इस संबंध में प्रत्यावेदन दिया गया था। अब समिति चाहती है कि पूर्व में उपलब्ध दस्तावेजों और संस्तुतियों की दोबारा समीक्षा की जाए। पुराने सार्वजनिक रिकॉर्ड में भी अयोध्यावासी वैश्य समाज की ओर से पिछड़ा वर्ग आयोग के समक्ष OBC में शामिल करने की मांग किए जाने का उल्लेख मिलता है। UP News
समिति ने अपने ज्ञापन में अन्य वैश्य समुदायों को OBC सूची में शामिल किए जाने का हवाला देते हुए अयोध्यावासी वैश्य समाज की मांग पर भी समान आधार पर विचार करने की बात कही है। संगठन ने बिहार में अवध बनिया समुदाय का भी उदाहरण दिया है। बिहार की जाति सर्वेक्षण संबंधी प्रकाशित सूचियों में अवध बनिया का अलग उल्लेख मिलता है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में किसी समुदाय की श्रेणी और आरक्षण व्यवस्था वहां लागू नियमों के अनुसार निर्धारित होती है। UP News
अयोध्यावासी वैश्य आरक्षण अभियान समिति के संयोजक/अध्यक्ष रामेन्द्र कुमार, महामंत्री पुरुषोत्तम गुप्ता, संगठन मंत्री एडवोकेट दिनेश कुमार गुप्ता, सचिव/मीडिया प्रभारी शिवगोपाल गुप्ता और उपाध्यक्ष नंदनी गुप्ता समेत अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मामले में नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। समिति की मांग है कि पूर्व में हुई संस्तुतियों, उपलब्ध दस्तावेजों और वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति की समीक्षा कराई जाए। इसके बाद अयोध्यावासी वैश्य समाज को उत्तर प्रदेश की OBC सूची में शामिल किए जाने के संबंध में नियमानुसार निर्णय लिया जाए। UP News
अयोध्यावासी वैश्य समाज की ओर से उठाई गई यह मांग फिलहाल सरकार के समक्ष रखे गए ज्ञापन और संगठन के दावे के स्तर पर है। OBC सूची में किसी समुदाय को शामिल करने का अंतिम निर्णय संबंधित संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत ही होता है। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि सरकार और संबंधित आयोग इस मांग पर आगे क्या प्रक्रिया अपनाते हैं। UP News
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