करतालपुर तिराहे के पास शराब के नशे में स्कूली बच्चों को लेकर बस चला रहे चालक पर पुलिस ने कार्रवाई की। ड्रंक एंड ड्राइव में चालान, लाइसेंस निरस्त और स्कूल बस सीज की गई।

UP News: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला में स्कूली बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला सामने आया है। शहर कोतवाली क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित स्कूल की बस का चालक कथित तौर पर शराब के नशे में बच्चों को लेकर बस चला रहा था। चालक की हालत देखकर आसपास मौजूद लोगों को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने बस को रोककर उसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया और पुलिस को सूचना दी। मामले की जानकारी मिलते ही यातायात पुलिस मौके पर पहुंची और चालक को पकड़कर कार्रवाई शुरू की। पुलिस के अनुसार, करतालपुर तिराहे के पास स्कूल बस संख्या UP50ET4703 का चालक शराब के नशे में स्कूली छात्र-छात्राओं को लेकर जा रहा था।
चालक के नशे में होने की जानकारी सामने आने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने बस को रोक लिया और घटना का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इसी दौरान पुलिस को मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही निरीक्षक यातायात पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने चालक को हिरासत में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इस दौरान बस में सवार बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें तत्काल दूसरे वाहन से उनके घर भेजा गया। UP News:
पुलिस की कार्रवाई के दौरान मौके पर एआरटीओ आजमगढ़ को भी बुलाया गया। इसके बाद मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालक के खिलाफ कार्रवाई की गई। चालक का ड्रंक एंड ड्राइव में चालान किया गया और उसका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त कराया गया। इसके साथ ही संबंधित स्कूल बस को भी सीज कर दिया गया। बस को थाना कंधरापुर परिसर में निरुद्ध किया गया है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने संबंधित शिक्षण संस्थान के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई के लिए अपनी रिपोर्ट शिक्षा विभाग को भी भेजी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद स्कूल प्रबंधन और बस संचालन व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। स्कूल बस में छोटे बच्चों के सफर के दौरान चालक की जिम्मेदारी बेहद महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में चालक के शराब के नशे में वाहन चलाने का मामला सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है।
इस घटना ने स्कूल बसों के संचालन और छात्र-छात्राओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों की मांग है कि स्कूल बस चालकों की नियमित जांच हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि बच्चों को ले जाने वाले वाहन चालक पूरी तरह सुरक्षित स्थिति में हों। पुलिस और परिवहन विभाग की कार्रवाई के बाद अब संबंधित शिक्षण संस्थान के खिलाफ शिक्षा विभाग स्तर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी। UP News:
विज्ञापन