
UP News : उत्तर प्रदेश की आतंकवाद निरोधी इकाई (ATS) की कार्रवाई में एक सनसनीखेज खुलासा सामने आया है। जमालुद्दीन उर्फ 'छांगुर बाबा' पर आरोप है कि उसने दुबई से इस्लामिक प्रशिक्षकों को बुलाकर भारत में सुनियोजित धर्मांतरण रैकेट खड़ा किया। ATS की पूछताछ और प्राथमिक जांच में सामने आया है कि वह न केवल धर्मांतरण करवा रहा था, बल्कि हिंदू धर्म के प्रति लोगों के मन में नफरत भरने के लिए बाकायदा साहित्य भी तैयार करवा रहा था।
सूत्रों के मुताबिक, छांगुर बाबा ने दुबई से मौलानाओं को भारत बुलाकर अपने ‘धार्मिक ट्रेनिंग सेंटर’ में लोगों का ब्रेनवॉश कराने की व्यवस्था की थी। बलरामपुर स्थित उसकी दो आलीशान कोठियों के तहखाने विशेष रूप से इस ट्रेनिंग के लिए डिजाइन किए गए थे। इन कोठियों में ना केवल शिक्षण की व्यवस्था थी, बल्कि सुरक्षा के लिहाज़ से किले जैसी घेराबंदी भी की गई थी।
बताया जा रहा है कि इन तहखानों में ‘शिजर-ए-तैयबा’ नामक किताब के माध्यम से इस्लाम को सरल भाषा में समझाने का बहाना बनाया जाता था, जबकि असल उद्देश्य हिंदू धर्म के प्रति शंका और घृणा पैदा करना था। बाबा खुद भी ट्रेनिंग सत्रों में सक्रिय भागीदारी करता था। UP News
जांच में यह भी सामने आया है कि छांगुर बाबा एक पूरी टीम के साथ मिलकर हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री वाले पुस्तकों के प्रकाशन की योजना पर काम कर रहा था। इन पुस्तकों के माध्यम से युवाओं के मन में अपने ही धर्म के प्रति नफरत भरने की मंशा थी। छांगुर बाबा की गिरफ्तारी के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मामले में जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, इस रैकेट के जरिए कई सौ करोड़ रुपये का लेन-देन किया गया है, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा खाड़ी देशों से आया बताया जा रहा है। पाकिस्तान से भी संभावित कनेक्शन के संकेत मिले हैं, जिससे देश की अन्य खुफिया एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। UP News
यह मामला केवल छांगुर बाबा तक सीमित नहीं है। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह एक संगठित रैकेट है, जिसकी जड़ें महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, बिहार और पश्चिम बंगाल तक फैली हुई हैं। इस नेटवर्क को विदेशी फंडिंग के ज़रिए पोषित किया गया। इतना ही नहीं, बाबा ने कथित तौर पर ‘लव जिहाद’ के लिए मुस्लिम युवकों का एक ‘कोर ग्रुप’ भी तैयार किया था। हाल ही में बलरामपुर स्थित बाबा की आलीशान कोठी पर प्रशासन ने बुलडोजर चलाया।
जब अधिकारियों ने अंदर जांच की तो हैरान रह गए—तहखाने में गुप्त सुरंगनुमा कमरे, हाईटेक सुविधाएं, रिकॉर्डिंग उपकरण और धार्मिक साहित्य के स्टोरेज रूम मिले। छांगुर बाबा की करीबी नीतू उर्फ नसरीन, उसका बेटा महबूब और पति समेत कई लोग इस रैकेट में गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस के अनुसार, परिवार के अधिकतर सदस्य इस षड्यंत्र में सहयोगी की भूमिका में थे। UP News