
प्रशासनिक जांच के दौरान खुलासा हुआ कि यह आलीशान कोठी सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बनाई गई थी। उतरौला कोतवाली क्षेत्र के मधपुर गांव में स्थित यह निर्माण गाटा संख्या 337/370 की भूमि पर अतिक्रमण कर खड़ा किया गया था। रिकॉर्ड के अनुसार, यह जमीन नीतू उर्फ नसरीन के नाम दर्ज है, जिसे छांगुर बाबा की करीबी सहयोगी माना जाता है।
सूत्रों के अनुसार, यह कोठी छांगुर बाबा की संदिग्ध गतिविधियों का प्रमुख केंद्र थी। वह यहीं पर अपने सहयोगियों नवीन रोहरा और नीतू रोहरा के साथ रहा करता था। बताया जा रहा है कि करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से बनी यह कोठी तीन बीघा में फैली हुई थी। प्रशासन ने पहले ही इस अवैध निर्माण को लेकर नोटिस जारी किया था। सोमवार को जमीन की पैमाइश होनी थी, लेकिन छांगुर बाबा के परिजनों के विरोध के चलते यह प्रक्रिया अधूरी रह गई थी।
इसके बाद मंगलवार सुबह जिला प्रशासन की टीम कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के साथ मौके पर पहुंची और अवैध ढांचे को गिरा दिया गया। कार्रवाई के दौरान कोठी के मुख्य गेट पर ताला बंद था, लेकिन पुलिस बल ने पूरे परिसर को सुरक्षित करते हुए बुलडोजर कार्रवाई को अंजाम दिया। किसी भी संभावित विरोध या तनाव को देखते हुए भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे। UP News