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वाराणसी में दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। शनिवार सुबह से इलाके में बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें पीडब्ल्यूडी और वीडीए की संयुक्त टीम कार्रवाई में जुटी हुई है।

UP News : वाराणसी में दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को लेकर प्रशासन ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाया है। शनिवार सुबह से इलाके में बड़े स्तर पर ध्वस्तीकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें पीडब्ल्यूडी और वीडीए की संयुक्त टीम कार्रवाई में जुटी हुई है। इस दौरान मौके पर तीन बुलडोजर लगातार काम कर रहे हैं और 45 भवनों को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। कार्रवाई को देखते हुए इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। बड़ी संख्या में पुलिस बल, पैरा मिलिट्री और स्थानीय थानों की फोर्स को तैनात किया गया है, जो पूरे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर नजर बनाए हुए हैं।UP News
प्रशासनिक जानकारी के अनुसार जिन 45 भवनों पर कार्रवाई हो रही है, उनमें से 25 की रजिस्ट्री पहले ही हो चुकी है, जबकि 20 भवनों को नगर निगम द्वारा जर्जर घोषित किया गया था। इसी आधार पर इन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
ढहऊ के कार्यकारी अभियंता केके सिंह ने बताया कि इस चरण की कार्रवाई पूरी होने के बाद कुल 110 भवनों को ध्वस्त किया जा चुका होगा। उन्होंने यह भी बताया कि परियोजना के तहत अब तक लगभग 39 करोड़ रुपये का मुआवजा प्रभावित लोगों को दिया जा चुका है।
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना को करीब 225 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है। इसके तहत नई सड़क से चौक क्षेत्र तक लगभग 650 मीटर लंबी दालमंडी गली को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना है। इस परियोजना के दायरे में शुरू में 181 भवन और 6 मस्जिदें शामिल थीं। अब तक की कार्रवाई के बाद इनमें से बड़ी संख्या में ढांचों को हटाया जा चुका है और फिलहाल 71 भवन तथा 6 मस्जिदें ही शेष बताई जा रही हैं, जिन्हें आगे ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया से गुजरना है।
प्रशासन ने इस परियोजना को तय समय सीमा में पूरा करने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों के अनुसार 31 मई तक पूरी जमीन को खाली कराने की योजना है, जबकि पूरे प्रोजेक्ट को अगस्त 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है। पहली बार इस परियोजना के तहत 29 अक्टूबर 2025 को ध्वस्तीकरण की शुरूआत की गई थी। तब से लगातार चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई आगे बढ़ रही है। आज चल रही कार्रवाई के दौरान लगभग 300 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। ये सभी सुरक्षा कर्मी हेलमेट और सुरक्षा उपकरणों के साथ पूरे क्षेत्र में निगरानी कर रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके। UP News
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