आजम खान के बेटे के लिए बुरी खबर, जमानत याचिकाएं खारिज
UP News
भारत
चेतना मंच
28 Nov 2025 06:10 PM
UP News: कभी उत्तर प्रदेश के कद्वार नेता के रूप में पहिचान बनाने वाले सपा के पूर्व विधायक आजम खान के पुत्र अब्दुल्ला आजम खान की फर्जी पासपोर्ट और दो पैन कार्ड बनवाने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत याचिक खारिज कर दी है। हालांकि अब्दुल्ला जेल से बाहर हैं। अब्दुल्ला खान के मामले पर कोर्ट ने बीती एक जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को उनकी दोनों ही याचिकाएं खारिज कर दी हैं।
जस्टिस समीन जैन की बेंच ने खारिज की याचिकाएं
इलाहाबाद हाईकोर्ट में जस्टिस समीर जैन की बेंच में अब्दुल्ला आजम की दो अलग-अलग मामलों में याचिकाएं दाखिल की थी। पहला मामला अब्दुल्ला आजम खान के फर्जी पासपोर्ट से जुड़ा हुआ है, वही दूसरा मामला अब्दुल्ला आजम खान के दो पैन कार्ड बनवाने से जुड़ा था और एक मामले में गलत जन्म तिथि पर फर्जी पासपोर्ट बनवाने के मामले में बीजेपी एमएलए आकाश सक्सेना ने 30 जुलाई 2019 को अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ रामपुर के सिविल लाइन थाने में धोखाधड़ी और पासपोर्ट एक्ट की धारा में मुकदमा दर्ज करायाथा। दूसरे मामले में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ 6 दिसंबर 2019 को रामपुर के सिविल लाइन थाने में दो पैन कार्ड रखने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अब्दुल्ला के खिलाफ दर्ज दोनों मामलों में एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। वही बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उनकी दोनो याचिकाओं को खारिज कर दिया और कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को जल्द निस्तारण करने को कहा है। अब्दुल्ला आजम ने ट्रायल कोर्ट में चल रहे दोनों मामलों में अपने खिलाफ चल रही सम्पूर्ण कार्यवाई को रद्द करने के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट से याचिका दाखिल की थी। जिस पर हाईकोर्ट के जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने अब्दुल्ला आजम की याचिका को खारिज कर दिया।
क्या थी अब्दुल्ला के खिलाफ शिकायत
अब्दुल्ला को 10 जनवरी 2018 को पासपोर्ट संख्या जेड-4307442 जारी हुआ था। पासपोर्ट में अब्दुल्ला आजम की जन्म की तारीख 30 सितंबर 1990 बताई गई है, जबकि शैक्षिक प्रमाण पत्रों में एक जनवरी 1993 है। वहीं दूसरे मामले में बीजेपी नेता आकाश सक्सेना ने अब्दुल्ला आजम खान और सपा नेता आजम खान के खिलाफ 6 दिसंबर 2019 को रामपुर के सिविल लाइन थाने में दो पैन कार्ड रखने के मामले में एफआईआर दर्ज कराई थी। अब्दुल्ला के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 इ, 471, 468, 467 और 420 में मामला दर्ज हुआ था। आकाश सक्सेना का कहना था कि अब्दुल्ला आजम ने 2017 विधानसभा चुनाव के दौरान चुनावी शपथ पत्र में गलत पैन नंबर दर्ज किया था। आकाश सक्सेना ने आरोप लगाते हुए आजम खान को जालसाज और झूठा बताते हुए कहा था कि धोखाधड़ी कर आजम खान ने चुनाव लड़ाने के लिए बेटे अब्दुल्ला आजम के दो पैन कार्ड बनवाए थे.
चुनाव आयोग को दिए शपथ पत्र में छिपाई थी बात
चुनाव आयोग को दिए गए शपथ पत्र में अब्दुल्ला आजम ने बात छिपाई थी और एफिडेविट में अब्दुल्ला आजम ने पैन दिखाया और आईटीआर के दस्तावेजों में उन्होंने दूसरा पैन नंबर लिखा था। अब्दुल्ला के खिलाफ दर्ज दोनों मामलों में एमपी-एमएलए कोर्ट में ट्रायल चल रहा है। इस केस में शिकायतकर्ता आकाश सक्सेना की तरफ से कोर्ट में अधिवक्ता शरद शर्मा और समर्पण जैन ने पक्ष रखा। वहीं अब्दुल्ला आजम खान की तरफ से अधिवक्ता इमरान उल्लाह और मोहम्मद खालिद ने पक्ष रखा। जस्टिस समीर जैन की सिंगल बेंच ने फैसला सुनाया। UP News