बागपत में गुर्जर समाज की जनसंवाद बैठक में 27 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में होने वाली गुर्जर स्वाभिमान रैली को सफल बनाने का संकल्प लिया गया। समाज की एकता, शिक्षा और सामाजिक सुधार पर भी चर्चा हुई।

बागपत। गुर्जर समाज को सामाजिक रूप से संगठित करने और आगामी 27 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित होने वाली गुर्जर स्वाभिमान रैली को सफल बनाने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जनसंपर्क अभियान तेज हो गया है। इसी कड़ी में शनिवार को बागपत स्थित गुर्जर भवन में गुर्जर समाज की एक महत्वपूर्ण जनसंवाद बैठक आयोजित की गई। बैठक में बागपत और आसपास के दर्जनों गांवों से समाज के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर रैली को सफल बनाने का संकल्प लिया। बैठक की अध्यक्षता गुर्जर समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने की। कार्यक्रम में समाज की एकता, सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन, युवाओं की शिक्षा एवं रोजगार, सामाजिक भवनों के विकास तथा समाज को संगठित करने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। बैठक का प्रमुख उद्देश्य 27 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित गुर्जर स्वाभिमान रैली के लिए समाज के लोगों को लामबंद करना रहा।
गुर्जर भवन में आयोजित जनसंवाद बैठक में वक्ताओं ने समाज के लोगों से अपील की कि वे व्यक्तिगत और स्थानीय स्तर के मतभेदों से ऊपर उठकर समाजहित के मुद्दों पर एकजुट हों। वक्ताओं ने कहा कि किसी भी समाज की मजबूती उसकी एकता, शिक्षा, संगठन और सामाजिक जिम्मेदारी से तय होती है। बैठक में मौजूद लोगों ने 27 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में आयोजित होने वाली गुर्जर स्वाभिमान रैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का संकल्प लिया। बागपत और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए जनसंपर्क को और व्यापक बनाने पर भी जोर दिया गया।

राष्ट्रीय अध्यक्ष हरिश्चंद्र भाटी ने कहा कि 27 अक्टूबर की गुर्जर स्वाभिमान रैली समाज की एकता और सामूहिक भागीदारी को सामने रखने का अवसर है। उन्होंने समाज के लोगों से अपील की कि वे बड़ी संख्या में दिल्ली पहुंचकर रैली को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि समाज की वास्तविक ताकत उसके संगठित होने में है। जब समाज के लोग शिक्षा, सामाजिक सुधार और संगठन के मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ेंगे, तभी नई पीढ़ी के लिए बेहतर अवसर तैयार किए जा सकेंगे।
जनसंवाद बैठक में केवल रैली की तैयारियों पर ही चर्चा नहीं हुई, बल्कि समाज के भीतर सामाजिक सुधार से जुड़े विषय भी प्रमुखता से उठाए गए। वक्ताओं ने मृत्युभोज जैसी परंपराओं को समाप्त करने तथा विवाह समारोहों में डीजे पर रोक लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामाजिक आयोजनों में अनावश्यक खर्च को कम करके शिक्षा, व्यवसाय और समाज के विकास पर ध्यान दिया जाना चाहिए। बैठक में गुर्जर भवनों के विकास और समाजहित से जुड़े कार्यों में सामूहिक सहयोग बढ़ाने का भी आह्वान किया गया।

बैठक में समाज के युवाओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। वक्ताओं ने युवाओं से शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने, व्यवसाय और रोजगार के नए अवसर तलाशने तथा सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने कहा कि नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों के संघर्ष, योगदान और इतिहास की जानकारी होनी चाहिए। समाज की मजबूती के लिए युवाओं को केवल इतिहास से परिचित कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें वर्तमान समय की चुनौतियों के अनुरूप शिक्षा, कौशल और संगठन से जोड़ना भी आवश्यक है।
कार्यक्रम का संचालन तेजपाल प्रधान ने किया। गुर्जर भवन पहुंचने पर बागपत के लोगों ने राष्ट्रीय पदाधिकारियों और अन्य अतिथियों का पुष्पमालाओं एवं पटकों से स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ गुर्जर सम्राट मिहिर भोज के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इसके बाद समाज के विभिन्न प्रतिनिधियों ने जनसंवाद में अपने विचार रखे। बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के.पी. सिंह कसाना, रामकेश चपराना, जगबीर दौला और गौतमबुद्ध नगर के जिलाध्यक्ष अशोक भाटी सहित समाज के अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।

जनसंवाद बैठक में बागपत और आसपास के क्षेत्र के दर्जनों गांवों के प्रधानों तथा समाज के लोगों ने भागीदारी की। उपस्थित प्रतिनिधियों ने सामूहिक रूप से 27 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचकर गुर्जर स्वाभिमान रैली को सफल बनाने का संकल्प लिया। बैठक में बागपत जिलाध्यक्ष कर्मवीर तोमर, मनु पाल बंसल, सुभाष गुर्जर, महेंद्र धामा, संजय प्रधान, प्रदीप प्रधान, विक्रम प्रधान, काशी प्रधान, प्रताप गुर्जर, धर्मवीर गुर्जर, वीर सेन सिंह, सतवीर भाटी, श्याम सिंह नेताजी, महाराज सिंह, विजय चंदीला, देव मुनि, संजय गुर्जर, मित्तल पहलवान और अजय नंबरदार सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
बागपत में आयोजित यह जनसंवाद बैठक ऐसे समय हुई है जब 27 अक्टूबर की दिल्ली रैली को लेकर गुर्जर समाज के पदाधिकारी विभिन्न क्षेत्रों में संपर्क अभियान चला रहे हैं। बैठक के माध्यम से समाज के स्थानीय प्रतिनिधियों को रैली से जोड़ने और अधिक से अधिक भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। गुर्जर समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि सामाजिक एकता, शिक्षा, युवाओं की भागीदारी और सामाजिक सुधार जैसे विषयों पर सामूहिक संवाद को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। बागपत की बैठक में भी इन्हीं विषयों को प्रमुखता से उठाया गया।
बागपत में आयोजित जनसंवाद के बाद अब समाज के प्रतिनिधियों की नजर 27 अक्टूबर को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में प्रस्तावित गुर्जर स्वाभिमान रैली पर है। बागपत बैठक में लिया गया सामूहिक संकल्प इस बात का संकेत है कि रैली के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संपर्क और जनभागीदारी का अभियान लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है।
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