उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में दीपावली से पहले अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री के बड़े कारोबार का खुलासा हुआ है। पुलिस की अलग-अलग छापेमारी में छह मामलों के तहत 12 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में दीपावली से पहले अवैध पटाखों और विस्फोटक सामग्री का कारोबार एक बार फिर चर्चा में आ गया है। जिले में पुलिस की अलग-अलग कार्रवाई में अवैध पटाखा बनाने वाली फैक्ट्रियों, विस्फोटक सामग्री के भंडारण और पटाखों की तस्करी का बड़ा नेटवर्क सामने आया है। पुलिस ने अभियान चलाकर अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, दत्तनगर गांव में एक बंद मकान के अंदर चल रही कथित अवैध विस्फोटक फैक्ट्री से भारी मात्रा में सुतली बम और बारूद बरामद किया गया है। इस तरह घनी आबादी के बीच विस्फोटक सामग्री जमा करके रखना लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। दीपावली से ठीक पहले सामने आए इस मामले ने अवैध पटाखा कारोबार की गंभीरता उजागर कर दी है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पटाखे बनाने और उनका भंडारण करने के लिए मकानों तथा गोदामों का इस्तेमाल किया जा रहा था। ऐसी जगहों पर आग लगने या विस्फोट होने की स्थिति में आसपास रहने वाले परिवारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। UP News
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बागपत के बालैनी थाना क्षेत्र के दत्तनगर गांव में पुलिस को एक बंद मकान में अवैध रूप से पटाखे बनाने की सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने सोमवार देर रात मकान की घेराबंदी कर छापेमारी की। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद रिजवान अपने दो साथियों के साथ मकान की दीवार फांदकर फरार हो गया। पुलिस ने मकान की तलाशी ली तो वहां बड़ी मात्रा में तैयार और अधबने पटाखे तथा विस्फोटक सामग्री मिली। बरामद सामान में लगभग 150 किलोग्राम तैयार सुतली बम, 25 किलोग्राम अधबने सुतली बम और करीब 45 किलोग्राम तेज धमाके में इस्तेमाल होने वाला विस्फोटक पदार्थ शामिल है। इसके अलावा पटाखे तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले लगभग 480 किलोग्राम गत्ते के खोल, 200 किलोग्राम सुतली की रील, करीब 60 किलोग्राम कागज और अन्य सामान भी बरामद किया गया। पुलिस ने विस्फोटक सामग्री जब्त कर ली है। इस मामले में रिजवान और उसके दो अज्ञात साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है। UP News
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बागपत में अवैध पटाखा कारोबार के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई केवल दत्तनगर गांव तक सीमित नहीं रही। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में चलाए गए अभियान के दौरान पटाखे बनाने, उनका भंडारण करने और उनकी तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस की कार्रवाई में कुल छह मामलों में 12 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग स्थानों से तैयार पटाखे, अधबना सामान, कच्चा माल, मशीनें और परिवहन में इस्तेमाल होने वाले वाहन भी बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई से संकेत मिलता है कि जिले में अवैध पटाखों का कारोबार केवल किसी एक मकान या गोदाम तक सीमित नहीं था, बल्कि निर्माण से लेकर भंडारण और आपूर्ति तक अलग-अलग स्तर पर गतिविधियां संचालित हो रही थीं।
बागपत के सिंघावली अहीर क्षेत्र में भी पुलिस ने पटाखा निर्माण से जुड़ी अवैध इकाई पर छापा मारा। यहां से बड़ी संख्या में गत्ते के पाइप, कच्चा माल और पटाखे तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई। पुलिस ने फैक्ट्री संचालक और उसके साथ जुड़े लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। बरामद सामग्री में स्काई शॉट पटाखे तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाला सामान भी शामिल बताया गया है। पुलिस आसपास संचालित दूसरी संदिग्ध इकाइयों की भी जानकारी जुटा रही है। UP News
पुलिस अभियान के दौरान खेकड़ा और बड़ौत क्षेत्र में भी कार्रवाई की गई। इन स्थानों पर अवैध रूप से रखे गए और दूसरे क्षेत्रों से लाए जा रहे पटाखे बरामद किए गए। कुछ मामलों में पटाखों के परिवहन के लिए इस्तेमाल किए जा रहे वाहनों को भी कब्जे में लिया गया। पुलिस का अभियान इस बात की जांच करने पर भी केंद्रित है कि पटाखों की आपूर्ति कहां से हो रही थी और इन्हें किन स्थानों पर पहुंचाया जाना था। UP News
बागपत में सामने आए इस मामले का सबसे गंभीर पहलू सुरक्षा से जुड़ा है। एक बंद मकान में इतनी बड़ी मात्रा में पटाखे, बारूद और विस्फोटक सामग्री जमा करके रखी गई थी। यदि वहां किसी कारण से आग लग जाती या विस्फोट हो जाता तो आसपास के मकानों और उनमें रहने वाले लोगों की जान पर बन सकती थी। पटाखा निर्माण में इस्तेमाल होने वाली विस्फोटक सामग्री को निर्धारित सुरक्षा व्यवस्था और वैधानिक अनुमति के बिना रखना गंभीर जोखिम पैदा करता है। खासकर आबादी के बीच इस तरह की गतिविधियां किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं।
बागपत राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) का हिस्सा है। यहां पटाखों के इस्तेमाल, बिक्री और भंडारण को लेकर प्रदूषण नियंत्रण तथा न्यायालय के निर्देशों के तहत प्रतिबंध लागू हैं। ऐसे में अवैध रूप से पटाखे बनाने और उनका भंडारण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जिले में अवैध पटाखों के निर्माण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए छापेमारी जारी रहेगी। पुलिस विस्फोटक अधिनियम सहित संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई कर रही है।
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