बागपत में पुराने वाहनों पर कार्रवाई को लेकर आखिर इतना बड़ा विवाद क्यों खड़ा हो गया? ARTO के सामने टिकैत परिवार से जुड़े किसान नेता राजेंद्र चौधरी ने ऐसी कौन सी चेतावनी दे दी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

UP News : उत्तर प्रदेश के बागपत में पुराने वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग की कार्रवाई को लेकर भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं का विरोध अब एक वायरल वीडियो के कारण चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे वीडियो में टिकैत परिवार से जुड़े किसान नेता राजेंद्र चौधरी ARTO को कार्रवाई को लेकर कथित तौर पर धमकाते नजर आ रहे हैं। वायरल वीडियो में राजेंद्र चौधरी कहते सुनाई दे रहे हैं कि “ये जिला चले या ना चले, लेकिन दादागिरी नहीं चलने देंगे।” इसके बाद पुराने वाहन पकड़े जाने पर जूतों से पिटाई करने की बात भी वीडियो में कही गई है। वीडियो सामने आने के बाद बागपत से लेकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक इस मामले की चर्चा तेज हो गई है। UP News
दरअसल, बागपत में परिवहन विभाग ने अवधि पूरी कर चुके पुराने वाहनों के खिलाफ अभियान चला रखा है। रिपोर्टों के मुताबिक विभाग 10 साल पुराने डीजल और 15 साल पुराने पेट्रोल वाहनों पर कार्रवाई कर रहा है। परिवहन विभाग की टीम ऐसे वाहनों की जांच कर उन्हें जब्त कर रही है और स्क्रैप सेंटर भेजने की कार्रवाई की जा रही है। एक रिपोर्ट के अनुसार 400 से अधिक वाहनों पर कार्रवाई किए जाने की बात सामने आई है। इसी कार्रवाई के विरोध में भारतीय किसान यूनियन समेत कई किसान संगठनों ने बागपत के ARTO कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान ARTO विपिन कुमार और PTO संदीप जायसवाल को धरनास्थल पर बुलाने की मांग की गई। स्थिति उस समय और तनावपूर्ण हो गई जब प्रदर्शनकारी अधिकारियों को कार्यालय से बाहर लाने की कोशिश करने लगे। बाद में ARTO धरनास्थल पर पहुंचे और किसानों से बातचीत हुई। UP News
इस पूरे घटनाक्रम का सबसे ज्यादा चर्चित हिस्सा वह वीडियो है, जिसमें राजेंद्र चौधरी पुराने वाहनों पर कार्रवाई का विरोध करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में वह ARTO को संबोधित करते हुए कार्रवाई पर नाराजगी जताते हैं और कहते हैं कि “दादागिरी नहीं चलने देंगे।” इसके साथ ही वीडियो में वाहन पकड़े जाने की स्थिति में जूतों से पिटाई की बात कही गई है। रिपोर्ट के अनुसार वीडियो में राजेंद्र चौधरी ARTO के कंधे पर हाथ रखकर यह बात कहते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। UP News
किसान संगठनों का कहना है कि पुराने वाहनों पर कार्रवाई से ग्रामीण और किसान वर्ग प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शनकारियों ने परिवहन विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए अधिकारियों के वाहनों की भी जांच कराने की मांग की। रिपोर्ट के मुताबिक प्रदर्शन के दौरान किसानों, मजदूर संगठनों, सपा और आप से जुड़े कुछ नेताओं ने भी ARTO कार्यालय पर विरोध जताया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि पहले अधिकारियों के पुराने वाहनों की जांच की जाए और उसके बाद आम लोगों के वाहनों पर कार्रवाई की जाए। UP News
पुराने वाहनों पर कार्रवाई का मुद्दा अब केवल बागपत तक सीमित नहीं दिख रहा है। हाल ही में किसान नेता राकेश टिकैत ने भी इस कार्रवाई को लेकर चिंता जताई थी। टिकैत ने आशंका जताई कि आज बाइक और कारों की बारी है, आगे चलकर ट्रैक्टर भी कार्रवाई के दायरे में आ सकते हैं। उन्होंने इस मुद्दे को किसानों से जोड़ते हुए विरोध दर्ज कराया। UP News
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