जिस आरोपी की उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में मौत हो गई है उस आरोपी के परिवार वालों ने पुलिस के ऊपर बड़ा आरोप लगाया है। आरोपी के परिवार वालों का आरोप है कि यह कोई साधारण मौत नहीं है बल्कि हत्या है। उनका कहना है कि पुलिस ने यह हत्या की है।

UP News : उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी पर एक बड़ा दाग लग गया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में मौजूद एक आरोपी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से पुलिस की वर्दी पर बड़ा दाग लग गया है। जिस आरोपी की उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में मौत हो गई है उस आरोपी के परिवार वालों ने पुलिस के ऊपर बड़ा आरोप लगाया है। आरोपी के परिवार वालों का आरोप है कि यह कोई साधारण मौत नहीं है बल्कि हत्या है। उनका कहना है कि पुलिस ने यह हत्या की है।
उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्दी को दागदार करने वाला यह मामला उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले का है। बहराइच जिले के रामगाँव थाने में बंद एक आरोपी की मौत हो गई है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एक आरोपी के ऊपर 10 साल की बच्ची के साथ छेड़छाड़ करने का गंभीर आरोप लगा था। छेड़छाड़ के आरोप में उसे गिरफ्तार करके रामगाँव थाने में बंद किया गया था। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान आरोपी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। एडिशनल एसपी के अनुसार, हालत बिगड़ने पर आरोपी को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हालांकि मृतक के परिजनों ने इस दावे को नकारते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि आरोपी की मौत पुलिस द्वारा की गई मारपीट के कारण हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि थाने में उसके साथ बुरी तरह पिटाई की गई, जिससे उसकी जान चली गई। इस आरोप के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने ही अपने विभाग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष, एक कॉन्स्टेबल और अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जो भी दोषी होंगे, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। अब सभी की नजरें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि मौत की असली वजह क्या थी।
आपको बता दें कि पुलिस हिरासत में मौत को बहुत बड़ा अपराध माना जाता है। उत्तर प्रदेश में लम्बे अर्से के बाद पुलिस हिरासत में मौत की घटना सामने आई है। पुलिस हिरासत में मौत के मामले में उत्तर प्रदेश में अनेक बार पूरे थाने के पुलिसकर्मी निलंबित तथा दंडित किए जा चुके हैं। पुलिस हिरासत में मौत को अदालत भी गंभीर अपराध यानी हीनियस क्राइम मानती है। UP News