BALIA SAMACHAR: गुस्साए छात्रों ने प्राचार्य समेत सभी शिक्षकों को बनाया बंधक
BALIA SAMACHAR
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 04:41 AM
उत्तर प्रदेश
RP Raghuvanshi
02 Dec 2025 04:41 AM
BALIA SAMACHAR: बलिया (उत्तर प्रदेश)। जिले के बैरिया शिक्षा क्षेत्र के दुर्जनपुर कम्पोजिट विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना की धनराशि खाते में नहीं आने से आक्रोशित छात्रों ने विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षकों को एक कमरे में बंद कर बंधक बना लिया। घटना का वीडियो सार्वजनिक होने के बाद विभागीय जांच शुरू की गयी है। बेसिक शिक्षा विभाग के एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
BALIA HINDI SAMACHAR
बैरिया के खंड शिक्षा अधिकारी पंकज मिश्रा ने शनिवार को बताया कि दुर्जनपुर कम्पोजिट विद्यालय का एक वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर सामने आया जिसमें छात्रों द्वारा विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक सहित सभी शिक्षकों को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर बंधक बना लिया गया है। छात्रों ने बाद में सभी को छोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि वीडियो में एक छात्र को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि कोविड काल का मध्याह्न भोजन का पैसा अभी तक किसी भी छात्र को नहीं मिला है। इस मामले की शिकायत कई बार प्रधानाध्यापक से की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी कारण शुक्रवार को प्रधानाध्यापक के साथ अन्य शिक्षकों को विद्यालय के एक कमरे में बंद कर बंधक बना लिया है।
वीडियो में प्रभारी प्रधानाध्यापक जयप्रकाश यादव को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि चौथे चरण का बच्चों का पैसा नहीं मिलने के कारण सभी अध्यापकों को ताले में बंद कर दिया गया है।
खंड शिक्षा अधिकारी ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें शनिवार को हुई और वह स्वयं इस मामले की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोविड काल के चौथे चरण के मध्याह्न भोजन योजना की धनराशि खाते में अंतरित नहीं होने का मामला गंभीर है और जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जायेगी।
जयप्रकाश यादव ने शनिवार को बताया, पहले छात्रों द्वारा सभी को बंधक बनाया गया, फिर मनुहार करने पर छात्रों ने ताला खोलकर उन्हें जाने दिया। उन्होंने बताया कि उनके द्वारा इस मामले की जानकारी पुलिस को नहीं दी गई है। बैरिया के उप जिलाधिकारी (एसडीएम) आत्रेय मिश्र ने घटना से अनभिज्ञता जताई तथा कहा कि वह इस बारे में खंड शिक्षा अधिकारी से जानकारी लेंगे।
रेवती थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) हरेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें विद्यालय की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई है। एसएचओ ने कहा कि मीडिया के माध्यम से मामला जरूर उनके संज्ञान में आया है।