बलिया में 517 जर्जर स्कूल भवन चिन्हित किए गए हैं। 503 भवनों का तकनीकी मूल्यांकन पूरा हो चुका है। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने शेष मूल्यांकन और ध्वस्तीकरण प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश दिए।

UP News: उत्तर प्रदेश बलिया जिले में जर्जर स्कूलों पर जल्द बुलडोजर चलाया जाएगा। इन जर्जर स्कूलों को तोड़ने के लिए बलिया के जिलाधिकारी ने सख्त डेडलाइन तय कर दी है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि इस काम में किसी भी तरह की देरी न बरती जाए। उत्तर प्रदेश के बलिया में जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्राथमिक विद्यालयों में बाल वाटिका केंद्रों के संचालन तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित योजनाओं की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था और बाल विकास विभाग के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।
बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 517 विद्यालय भवन पूरी तरह जर्जर पाए गए हैं। इनमें से 503 भवनों का तकनीकी मूल्यांकन पूरा हो चुका है। जिलाधिकारी ने शेष भवनों का मूल्यांकन जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए। जिले के 503 जर्जर विद्यालय भवनों की तकनीकी जांच पूरी हो चुकी है। अब नियमानुसार इन भवनों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शेष जर्जर भवनों का तकनीकी मूल्यांकन भी जल्द पूरा कराया जाए, ताकि ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। जर्जर भवनों को ध्वस्त करने से पहले संबंधित सामग्री की नीलामी की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से कराने के निर्देश दिए गए हैं। नीलामी से पहले संबंधित ग्राम पंचायतों में लाउडस्पीकर से मुनादी कराने और पंचायत भवनों पर नोटिस चस्पा करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्यालय भवनों के ध्वस्तीकरण के दौरान वहां पढ़ने वाले बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन विद्यालयों के भवन ध्वस्त किए जाएंगे, वहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं के लिए वैकल्पिक पठन-पाठन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ध्वस्तीकरण के साथ ही नए भवनों के निर्माण को लेकर स्पष्ट कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा कराने और शिक्षा व्यवस्था प्रभावित न होने देने को कहा। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि निर्धारित कार्यों में लापरवाही या अनावश्यक देरी मिलने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी।
समीक्षा के दौरान जिले के 48 विद्यालयों में विद्युत संयोजन नहीं होने का मामला भी सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को जल्द बिजली कनेक्शन कराने के निर्देश दिए। अधिकारियों को लंबित विद्युत कनेक्शन का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने को कहा गया है। जिले के सभी विद्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने और स्कूल परिसर को साफ-सुथरा रखने के निर्देश दिए गए। विद्यालयों में लगी पेयजल टंकियों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि बच्चों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। दिव्यांग विद्यार्थियों के चिन्हांकन, प्रमाण पत्र और आवश्यक सहायक उपकरणों के वितरण की स्थिति पर एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की गई।
बैठक में मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता और रसोई की स्वच्छता को लेकर भी दिशा-निर्देश जारी किए गए। डीएम ने भोजन तैयार करने की प्रक्रिया में स्वच्छता मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा। निर्देश दिया गया कि मध्याह्न भोजन केवल स्टील के बर्तनों में ही तैयार किया जाए। विद्यालयों की रसोई में साफ-सफाई बनाए रखने और उसकी नियमित दैनिक जांच सुनिश्चित करने को कहा गया। रिक्त पड़े प्राथमिक विद्यालय भवनों को बाल वाटिका केंद्र के रूप में इस्तेमाल करने के लिए उनकी सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। आंगनबाड़ी केंद्रों को आकर्षक बाल पेंटिंग से सजाने, निर्धारित समय पर खोलने और बाल वाटिका शिक्षा अनिवार्य रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए। शिक्षण व्यवस्था से जुड़ी भ्रामक खबरें सोशल मीडिया पर फैलाने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। UP News:
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