बलिया में मेड़वरा से टुटुवारी तक जर्जर सड़क के विरोध में महिलाओं और बेटियों ने पदयात्रा निकाली। हाथों में तख्तियां लेकर ‘रोड नहीं तो वोट नहीं’ का नारा लगाया।

UP News : उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में आजादी के दशकों बाद भी कई ग्रामीण इलाकों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। जर्जर सड़क की समस्या को लेकर अब महिलाओं और बेटियों का गुस्सा खुलकर सामने आया है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेंड़वरा से टुटुवारी तक जाने वाली कच्ची और बदहाल सड़क को पक्का कराने की मांग को लेकर बालिका बंधुता मंच के बैनर तले महिलाओं और बेटियों ने पदयात्रा निकाली। हाथों में तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने “कच्ची सड़क से आजादी कब?” और “रोड नहीं तो वोट नहीं” जैसे नारे लगाए। पदयात्रा के दौरान बेटियों और महिलाओं ने जनप्रतिनिधियों तथा प्रशासन से सड़क की समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वर्षों से ग्रामीण इस बदहाल रास्ते की समस्या झेल रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांग पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया गया।
मेड़वरा पीएचसी से टुटुवारी को जोड़ने वाली सड़क की हालत बेहद खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों के मुताबिक हल्की बारिश होते ही कच्चा रास्ता कीचड़ और गड्ढों में बदल जाता है। इससे राहगीरों के साथ-साथ मरीजों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रदर्शन में शामिल बेटियों ने बताया कि खराब सड़क के कारण एंबुलेंस का इस रास्ते से निकलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे में गंभीर मरीजों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचने के लिए भी उन्हें खराब रास्ते से गुजरना पड़ता है।
इसी मार्ग पर स्थित एक राजभर बस्ती के लोगों की परेशानी भी प्रदर्शनकारियों ने उठाई। ग्रामीणों के अनुसार, बस्ती के लोगों ने आज तक अपने घरों के सामने पक्की सड़क नहीं देखी है। UP News :
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने कहा कि वर्ष 2012 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इसी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेड़वरा पहुंचे थे। उस दौरान क्षेत्र के विकास को लेकर कई दावे किए गए थे, लेकिन लंबे समय के बाद भी ग्रामीण एक पक्की सड़क के लिए इंतजार कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक यदि मेड़वरा पीएचसी से टुटुवारी तक सड़क का निर्माण हो जाता है तो इसका लाभ करीब 50 गांवों के लोगों को मिल सकता है। यह क्षेत्र मुहम्मदाबाद, जहानाबाद और फेफना विधानसभा क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से आवागमन के साथ स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच भी आसान होगी। बालिका बंधुता मंच ने स्थानीय विधायक संग्राम सिंह यादव से इस समस्या का तत्काल संज्ञान लेने और शासन स्तर पर सड़क निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराने की अपील की है। मंच से जुड़ी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सड़क की सुध नहीं ली गई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।UP News :
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